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Delhi-Gairsain Yatra, 2009 : दिल्ली-गैरसैंण यात्रा : 2009

Started by हेम पन्त, September 01, 2009, 05:27:51 PM

हेम पन्त

"क्रिएटिव उत्तराखण्ड - म्यर पहाड़" व "म्यर उत्तराखण्ड" द्वारा आयोजित दिल्ली से गैरसैंण जनजागरण यात्रा अपने उद्देश्यों में पूर्णत: सफल रही. इस यात्रा की शुरुआत 28 अगस्त 2009 को दिल्ली से हुई और समापन द्वाराहाट में उत्तराखण्ड राज्य के शिल्पी स्व. विपिन चन्द्र त्रिपाठी की पुण्य तिथि पर 30 अगस्त 2009 को हुआ. यात्रा में दिल्ली, रुद्रपुर, द्वाराहाट व चौखुटिया से लगभग 4 दर्जन लोगों ने हिस्सा लिया. इस यात्रा का उद्देश्य गैरसैण राजधानी के मुद्दे पर जनजागरण करना, इस मसले पर आम लोगों के विचार जानना व गैरसैण पहुंच कर वीर चन्द्र सिंह गढवाली की प्रतिमा के सामने गैरसैण राजधानी के प्रति अपनी वचनबद्धता प्रकट करना था. इसी यात्रा के महत्वपूर्ण चरणों के अन्तर्गत चौखुटिया व द्वाराहाट में स्कूली बच्चों को आधुनिक दौर में रोजगार के नये अवसरों के प्रति जागरुक करने व पथप्रदर्शन के उद्देश्य से 2 "कैरियर गाइडेन्स कैम्प" भी सफलतापूर्वक आयोजित किये गये.

यात्रा में निम्न लोगों ने शिरकत की-

सर्वश्री चारु तिवारी, रंजीत सिंह राणा, प्रताप शाही, प्रेम सुन्दरियाल, दिनेश जोशी, महेश मठपाल, सतेन्द्र रावत, दयाल पाण्डे, मोहन बिष्ट, दिनेश गैड़ा, मुकुल पाण्डे, कैलाश बेलवाल (सभी दिल्ली), हेम पन्त (रुद्रपुर), पुनीत (फतेहपुर, उ.प्र.) शैलेश त्रिपाठी व साथी (द्वाराहाट), जीत राम जी व साथी (चौखुटिया).

28 अगस्त 2009 को दिल्ली से शुभारंभ

29 अगस्त 2009 के कार्यक्रम-
प्रात: 11 बजे से दिशा अकाडमी, चौखुटिया में लगभग 60 बच्चों के साथ शिक्षा व कैरियर से सम्बन्धित जानकारी दी गई. हमारे सदस्य श्री दिनेश गैड़ा जी जो प्रतियोगी परीक्षा की तैयारियों का प्रशिक्षण देते हैं, उन्होंने 10वीं, 11 वीं 12 वीं के छात्रों को सही कैरियर चुनने के लिये उपलब्ध नये क्षेत्रों और कालेजों की स्लाइड शो के माध्यम से जानकारी दी.  

अपरान्ह 2 बजे - यही कार्यक्रम राजकीय इन्टर कालेज, द्वाराहाट में हुआ जिसमें विभिन्न कालेजों के 100 से अधिक छात्रों और दर्जनों अध्यापकों ने कैरियर गाइडेन्स कैम्प में हिस्सा लिया. उक्रांद के शीर्ष नेता भी इस दिन चौखुटिया में ही उपस्थित थे. उन्होंने कैरियर गाइडेन्स कैम्प की और गैरसैण यात्रा के अभियान की प्रशंसा की.  

शाम 5 बजे दल के सभी सदस्य उत्तराखण्ड की प्रस्तावित स्थाई राजधानी गैरसैंण पहुंची. जोशीली नारेबाजी के साथ शुरु हुई यह रैली रामलीला मैदान गैरसैण पहुंची जहां पर स्थानीय बुजुर्गों और युवाओं ने भी इस कार्यक्रम में पहुंच कर दिल्ली से आये युवाओं के इस कदम को एक सराहनीय पहल बताया. उत्तराखण्ड राज्य आन्दोलन से जुड़े बिष्ट जी व शाह जी जैसे वयोवृद्ध आन्दोलनकारियों के आशीर्वाद से युवाओं में एक नये जोश का संचार हुआ. इसके बाद महानायक चन्द्र सिंह गढवाली जी की प्रतिमा पर पुष्प व माला चढाकर गैरसैण राजधानी के प्रति अपनी वचनबद्धता दर्शाई गई. दल के सभी सदस्य और स्थानीय लोगों ने एक जुलूस के शक्ल में गैरसैण बाजार में नारेबाजी की और स्थाई राजधानी के लिये एकजुटता की अपील की.

30 अगस्त 2009 के कार्यक्रम-
   
प्रात: नौ बजे यात्रा के सभी सदस्य माँ दूनागिरी के शक्तिपीठ के दर्शन हेतु गई. इसके पश्चात सभी लोग स्व. श्री विपिन त्रिपाठी की छठवी पुण्य तिथि के कार्यक्रम में हितचिन्तक मैदान द्वाराहाट में एकत्र हुए. इसी समय मुख्यमन्त्री के प्रतिनिधि के तौर पर द्वाराहाट के परगनाधिकारी ने आकर द्वाराहाट इन्जिनियरिंग कालेज का नाम विपिन त्रिपाठी इन्जिनियरिंग कालेज करने की मुख्यमन्त्री की घोषणा से सब को अवगत कराया.

इस कार्यक्रम के दौरान क्रियेटिव उत्तराखण्ड द्वारा "उत्तराखण्ड में चकबन्दी" पर आधारित एक पुस्तिका का विमोचन किया गया. इस पुस्तिका के लेखक द्वाराहाट क्षेत्र के वयोवृद्ध आन्दोलनकारी श्री जैत सिंह किरौला जी है. इसी मंच से "हिमालय बचाओ - हिमालय बसाओ" आन्दोलन के प्रवर्तक श्री ऋषि बल्लभ सुन्दरियाल जी के पोस्टर का भी अनावरण किया गया. यह पोस्टर भी क्रियेटिव उत्तराखण्ड - म्यर पहाड़ द्वारा तैयार किया गया है. इस कार्यक्रम में सम्मिलित सभी वक्ताओं ने गैरसैंण को राजधानी बनाने की मांग का पुरजोर समर्थन किया और उक्रांद के नेताओं ने भी एक निर्णायक लड़ाई लड़ने का ऐलान किया.    

लगभग 4 बजे इस पुण्य तिथि कार्यक्रम के साथ ही "क्रिएटिव उत्तराखण्ड - म्यर पहाड़" व "म्यर उत्तराखण्ड" द्वारा आयोजित दिल्ली से गैरसैंण जनजागरण यात्रा का भी समापन हुआ.

इस यात्रा के दौरान दल के सभी सदस्यों ने गैरसैंण क्षेत्र को राजधानी के लिये एक उपयुक्त स्थान माना. सभी जगहों पर मिल रहे भारी समर्थन से दल के सदस्यों का उत्साहवर्धन हुआ है. कुछ जगहों पर लोगों ने गाड़ी के आगे लगे पोस्टर को देखकर गैरसैंण के समर्थन में स्वयं ही नारेबाजी शुरु कर दी, जिससे पता चलता है कि अगर सुनियोजित तरीके से जनता के बीच से एक आन्दोलन शुरु किया जाये तो सरकार को गैरसैंण के समर्थन में अपनी मंशा जाहिर करनी ही पड़ेगी. कुछ प्रबुद्ध लोगों ने दल के प्रवासी उत्तराखण्डी सदस्यों का इस बात के लिये भी कंधा थपथपाया कि उत्तराखण्ड की युवा पीढी उत्तराखण्ड की समस्याओं और मसलों पर बाहर से वापस पहाड़ों में आकर जनजागरण का काम कर रहे हैं. हमारे गैर उत्तराखण्डी साथी व समर्थक पुनीत जो मर्चेन्ट नैवी में कार्यरत हैं, सभी कार्यक्रमों में उत्साह के साथ शामिल हुए. उत्तराखण्ड से जुड़े सभी मुद्दों पर उनकी समझ प्रशंसनीय है. उन्होंने भी इस यात्रा के दौरान महसूस किया कि गैरसैंण में राजधानी बनने पर पहाड़ी क्षेत्र के विकास में तेजी आयेगी.      

इस यात्रा के साथ हमने अपना अभियान शुरु ही किया है. यात्रा के बाद गैरसैंण के प्रति हमारी वचनबद्धता को सुदृढता मिली है, हमारे विचारों और तर्कों को स्पष्टता. भारी संख्या में मिल रहे समर्थन से हम लोग उत्साहित हैं और हमें आशा ही नहीं पूर्ण विश्वास है कि शीघ्र ही पूरे उत्तराखण्ड में गैरसैंण के समर्थन में एक जोरदार आन्दोलन पैदा होगा और जनभावनाओं के अनुरूप सरकार को स्थाई राजधानी के तौर पर गैरसैंण के समर्थन में अपनी इच्छा जतानी पड़ेगी.    

जय गोलू देवता, जय बद्री केदार : गैरसैंण में बैठेगी उत्तराखण्ड सरकार

हेम पन्त

गैरसैंण का मुख्य बाजार व रिहायश


हेम पन्त

दल के सदस्य स्थानीय लोगों के साथ गैरसैंण बाजार में जुलूस निकालते हुए.




हेम पन्त

गैरसैंण के वयोवृद्ध नागरिक व आन्दोलनकारी बिष्ट जी दल के सदस्यों को आशीर्वचन देते हुए.


हेम पन्त

गैरसैण से 40 किमी की दूरी पर स्थित सुरम्य घाटी - चौखुटिया कस्बा "रंगीलो गैवाड़"


हेम पन्त

ऐतिहासिक द्रोण पर्वत पर स्थित माँ दूनागिरी के मन्दिर में दिल्ली-गैरसैंण यात्रा दल के सदस्य



बायें से दाये- मोहन बिष्ट, कैलाश बेलवाल(पहली पंक्ति), सतेन्द्र रावत, चारु तिवारी, मुकुल पाण्डे (दूसरी पंक्ति), पुनीत, रंजीत सिंह राणा (पिछली पंक्ति)

हेम पन्त

उत्तराखंड राज्य प्राप्ति आन्दोलन के प्रमुख आन्दोलनकारी (दिल्ली) श्री प्रताप शाही जी गैरसैंण में रैली को सम्बोधित करते हुए. Background में श्री चन्द्र सिंह गढवाली जी की प्रतिमा है.


हेम पन्त

गैरसैंण बाजार में निकाले जा रहे जुलूस की एक और फोटो


हेम पन्त

स्वतन्त्रता संग्राम के महानायक वीर चन्द्र सिंह गढवाली की प्रतिमा पर माल्यार्पण करते हुए दिल्ली-गैरसैण यात्रा अभियान के सदस्य. गैरसैंण राजधानी क्षेत्र का नाम गढवाली जी के नाम पर "चन्द्रनगर" रखना प्रस्तावित है.


हेम पन्त

द्वाराहाट में क्रियेटिव उत्तराखण्ड द्वारा प्रकाशित "उत्तराखण्ड में चकबन्दी" पर आधारित एक पुस्तिका (लेखक वयोवृद्ध आन्दोलनकारी श्री जैत सिंह किरौला जी) का विमोचन एवं "हिमालय बचाओ - हिमालय बसाओ" आन्दोलन के प्रवर्तक श्री ऋषि बल्लभ सुन्दरियाल जी के पोस्टर का अनावरण किया गया.