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Chandra Singh Rahi Legendary Folk Singer of UK- चन्द्र सिंह राही लोक गायक

Started by एम.एस. मेहता /M S Mehta 9910532720, September 25, 2009, 10:08:33 PM

सत्यदेव सिंह नेगी

चंदर सिंह राही जी की याद दिलाके बहुत अच्छा किया आपने मेहता जी
राही जी सच में बहुत अच्छे गायक थे

सत्यदेव सिंह नेगी


  • जी सौली घुरा घुर दगरिया तीले धारू बोला
    और सतपुली का सेना मेरी बऊ सुरेला

Devbhoomi,Uttarakhand

reat artist from garhwal .. leacture demonstration of folk instruments of garhwal and jagar gayan shaili..this programme was held in dehradoon ... lessonn for the upcoming artists to preserve our pure folk music.



.UTTRAKHAND A GARHWALI SONG FOLKJAGAR damroo rahi

Devbhoomi,Uttarakhand

uttrakhand pure music. and rare instruments .. we should know about our culture .. chandra singh rahi a man who has collected more then 2500 folk songs from garhwal and kumaoun region and with all that he can singh very nicely all the songs and plays all the instruments of uttrakhand... really a great personalaty witch it.....

.UTTRAKHAND A GARHWALI SONG FOLKJAGAR damroo rahi



Devbhoomi,Uttarakhand

Chandra Singh Rahi is a great personality from Uttrakhand serving Uttrakhand music for more then 50 years . He sings and plays all the folk instruments of uttrakhand . He has great knowledge of culture and folk of Garhwal.


Uttrakhand ....a singer Chandra Singh Rahi Garhwali song


Darshan Negi

Quote from: एम.एस. मेहता /M S Mehta on September 25, 2009, 10:08:33 PM

Dosto,

उत्तराखंड के लोग संगीत को उचाई देने वाले लोक गायकों की सूची बहुत लम्बी है। इसी सूची में लोक गायक चन्द्र सिह राही जी भी उत्तराखंड के लोक संगीत में बहुत योगदान रहा है !

चन्द्र सिह राही जी ने उत्तराखंड की गढ़वाली बोली में काफी गाने गाये है मुझे याद है बचपन के यो दिन जब आकाशवाणी में चन्द्र सिह राही जी के गाने आते थे !

Chander Singh Rahi is another popular singer, a balladeer and storyteller. His recordings are perhaps the most authentic to the hills, and he incorporates many legends and folk tales into his rousing songs.


इस थ्रेड में चन्द्र सिंह राही जी के गानों के बारे में चर्चा करेंगे, राही जी का परिचय

चन्द्र सिंह राही : CHANDRA SINGH RAHI

चन्द्र सिंह राही जी का जन्म १७ मार्च, १९४२ को ग्राम गिंवाली, पट्टी- मौंदाडस्यूं, पौड़ी में हुआ था, इन्होने आकाशवाणी के दिल्ली, लखनऊ और नजीबाबाद स्टेशनों से १९६६ से ही गीत गाने प्रारम्भ कर दिये थे। इन्होंने कई स्टेज प्रोग्राम भी दिये, १९८० से दूरदर्शन पर लोकगीतों का प्रसारण शुरु हुआ तो उत्तराखण्डी गीतों को सुमधुर तान इन्होंने ही दी थी। अब तक श्री राही लगभग ५०० लोकगीतों का गायन कर चुके हैं। श्री राही की जागर और लोकगाथाओं को उत्तराखण्ड से बाहर निकाल कर बाकी दुनियां को रेडियो और दूरदर्शन के माध्यम से रुबरु कराने में अहम भूमिका रही है।
      श्री राही जी को लोक संगीत का प्रशिक्षण उनके पिता द्वारा १२ वर्ष की आयु से ही दिया जाने लगा, उसके बाद सुगम संगीत आचार्य स्व० बचन सिंह जी अन्ध महाविद्यालय द्वारा प्रशिक्षण लिया। अब तक राही जी ने २५०० पारम्परिक लोक गीतों का संकलन किया है और मध्य हिमालय उत्तराखण्ड के लोक गीत, लोक नृत्य एवं पारम्परिक लोक वाद्य यंत्रों की लोक शैलियां भी संकलित की हैं। श्री राही ढोल-दमाऊ, डौंर, थालि, हुड़का, मोछंग, बिणै, मुरली, अलगोजा आदि वाद्य यंत्रों के वादन में प्रवीण हैं।
      श्री राही जी आकाशवाणी में बी हाई श्रेणी के कलाकार हैं और पिछले ४२ सालों से निरन्तर प्रस्तुति देते आ रहे हैं साथ ही दूरदर्शन पर लगभग ५ हजार कार्यक्रम प्रस्तुत कर चुके हैं।

इन्हें निम्न पुरस्कार भी प्राप्त हुये हैं-

१- उत्तरांचल लोक कला केन्द्र द्वारा १९८६ में लोक संगीत रत्न पुरस्कार
२- गढ़भारती, दिल्ली द्वारा १९८६ में साहित्य कला अवार्ड
३- संगीत नाटक अकादमी द्वारा सम्मानित
४- पं० टीकाराम गौड़ पुरस्कार(दिल्ली), १९९६
५- मोहन उप्रेती कला अवार्ड, अल्मोड़ा, २००४
६- गढ़गौरव सम्मान वर्ष २००५ में उत्तराखण्ड क्लब द्वारा।
७- पं० शिवानन्द नौटियाल सम्मान, लखनऊ, २००७
८- मोनाल लोक कला सम्मान, मोनाल संस्था लखनऊ द्वारा २००९
९- अखिल गढ़वाल सभाअ, देहरादून से लोक कला सम्मान, २००३
१०- दिल्ली सिटीजन फार्म द्वारा १९९८ में सम्मानित
११- माता राजराजेश्वरी त्रिपुर सुन्दरी चेतना संघ, चमोली द्वारा कला सम्मान, २००९




रेगार्ड्स,

एम् एस मेहता 


Devbhoomi,Uttarakhand

Darshan negi ji ye kya hai apne to kuchh likha hi nahin hai, chandr singh raahi ji ke baare main or yese hi  Quote kar diya hai