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Song Written On Dev Boomi Uttarakhand - देवी भूमि उत्तराखंड पर लिखे गए गाने !

Started by एम.एस. मेहता /M S Mehta 9910532720, October 02, 2009, 11:57:03 AM


एम.एस. मेहता /M S Mehta 9910532720


एल्बम का नाम : उत्तरांजलि
Singer : Anil Bisht & Anurdha Nirala
Lyric : Dr Ramesh Chadnra Pokhriyal.
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अनिल बिष्ट जी :

कति घस्यान छि
कति घस्यान छि

कोरस :
पहाड़ का गौ छे यति 
पहाड़ का गौ छे यति 

अनुराधा निराला :
कति घस्यान छि
कति घस्यान छि

कोरस :
पहाड़ का गौ छे यति 
पहाड़ का गौ छे यति

अनिल बिष्ट :
उंच नीचा धार  में
भावरा भौखेला

कोरस :
घूमी जागी भेर  पहाड़ में एला

अनिल बिष्ट :
काफल, तिम्ला हिसालू
बेडू भी खैला  - ----   २

कोरस :
घूमी जागी भेर  पहाड़ में एला

अनिल बिष्ट :
मीथे ते बुलाया एथी
मीथे ते बुलाया एथी

कोरस :
पहाडो के गौ छे यति

अनुराधा निराला :
पप्या  कखे  खिलादा बुराश

कोरस :
जब मेरो मुल्क में आदो मौलायार 

अनुराधा निराला :
घुघूती की घूर-२
झाखियो जह्खियो वास

कोरस :
जब मेरो मुल्क में आदो चौमास ... (रिपीट)

अनुराधा निराला :
खिल -२ हसदी येथ
हिलमिल के रैंदा एथी

कोरस :
पहाडो के गौ छीन यख

अनिल बिष्ट :
हिमालय यख रात दिन करदू जग्वाली

कोरस :
देश की रक्षा में रैदू अग्वाड़ी

अनिल बिष्ट :
गंगा जमुना बगदी इक पछाड़ी

कोरस :
देश की रक्षा में रैदू अग्वाड़ी

अनिल बिष्ट :
बद्री केदार देख, हरी हरिद्वार देख

कोरस :
पहाडो के गौ छीन यख

अनुराधा निराला :
गौ -२ में  छाडा  चो फूलो की लीला

कोरस :
देखि तुमि रंग्मत हेई ज्याला

अनुराधा निराला :
डादियो में घस्यिनो का गीत सुनीला

कोरस :
सुनिके तुम दुःख भूली ज्याला

अनुराधा निराला :
उदमत नि हुया, यख खिल्मत हुया..
कोरस :
पहाडो के गौ छीन यख ................२..........

Devbhoomi,Uttarakhand


एम.एस. मेहता /M S Mehta 9910532720

नैन नाथ रावल का यह गाना पहाड़ पर बना हुवा :

पहाड़ में बेडो खानी, तिमुल खानी, काफल की दाणी
पहाडो में.
बेडो खानी, तिमुल खानी, काफल की दाणी....

ओ ओ...
सुर- -२ हवा चली ऊँचा नीची धार
सुर- -२ हवा चली ऊँचा नीची धार
की भली रंगत उन्छी, हमर पहाड़ में

पहाड़ में बेडो खानी, तिमुल खानी, काफल की दाणी
पहाडो में.
बेडो खानी, तिमुल खानी, काफल की दाणी


Enjoy full song here.

http://ishare.rediff.com/music/kumaoni-folk/pahaado-mein/10060790[/color]

एम.एस. मेहता /M S Mehta 9910532720


उत्तराखंड की प्रथम लोक गायिका कबूतरी देवी द्वारा गाया गया यह प्रसिद्ध गाना!.. शायद मैंने इससे मधुर गाना कभी सुना होगा! कबूतरी देवी ने इस गाने में पहाड़ की सुंदर को बया करने कोशिश की है! जो अतुल्य है!

पहाडो को ठंडो वाणी
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पहाड़ो में हिमालय
वा देवता रूनी...
देवी देव  वास करनी देव भूमि  रूनी ..
देव भूमि छोड़ी भेर.. जाणि नि लगानी
छोड़ी नि नि लगानी
--------..

पहाड़ो  ठंडो पानी, सुन जस मीठी वाणी
छोड़ी नि नि लगानी
हो हो. छोड़ी नि नि लगानी
पहाड़ो  ठंडो पानी, सुन जस मीठी वाणी
छोड़ी नि नि लगानी
हो हो. छोड़ी नि नि लगानी............

पहाड़ में हिमालय वाह देवता रूनी
पहाड़ में हिमालय वाह देवता रूनी
देवी देव वास करनी. देव भूमि रूनी.
देव भूमि छोड़ भेर जाणि

पहाड़ो  ठंडो पानी, सुन जस मीठी वाणी
छोड़ी नि नि लगानी
हो हो. छोड़ी नि नि लगानी
पहाड़ो  ठंडो पानी, सुन जस मीठी वाणी
छोड़ी नि नि लगानी
हो हो. छोड़ी नि लगानी.....

कथि वसी शम्भू नाथ... कथि नंदा माई
कथि वसी शम्भू नाथ... कथि नंदा माई
कथि दुर्गा मैया, कथि महा काली
देव भूमि छोड़ भेर जाणि.... नि लगानी.....

पहाड़ो में हिमालय
वा देवता रूनी...
देवी देव  वास करनी देव भूमि  रूनी ..
देव भूमि छोड़ी भेर.. जाणि नि लगानी
छोड़ी नि नि लगानी

चौमास  को हरियो परियो.. पानी की बौछार ..
...
जनम भूमि छोड़ी भे.. णि नि लगानी
छोड़ी नि नि लगानी

पहाड़ो में हिमालय
वा देवता रूनी...
देवी देव  वास करनी देव भूमि  रूनी ..
देव भूमि छोड़ी भेर.. जाणि नि लगानी
छोड़ी नि नि लगानी

Quitter Jagar 2008, Kabootari Devi