Author Topic: Gairsain: Uttarakhand Capital - गैरसैण मुद्दा : अब यह चुप्पी तोड़नी ही होगी  (Read 175499 times)

Sunder Singh Negi/कुमाऊंनी

  • Hero Member
  • *****
  • Posts: 572
  • Karma: +5/-0
गुम सुम मत बैठो दोस्तो, गुफ्तगु करलो भले।
जन की जन से बात चली, तो तभी सब गैरसैण चले।

Mohan Bisht -Thet Pahadi/मोहन बिष्ट-ठेठ पहाडी

  • MeraPahad Team
  • Hero Member
  • *****
  • Posts: 712
  • Karma: +7/-0


एम.एस. मेहता /M S Mehta 9910532720

  • Core Team
  • Hero Member
  • *******
  • Posts: 40,912
  • Karma: +76/-0
HINDUSTAN TIMES - DEHRADOON PUBLISHED THE CAPITAL NEWS.
« Reply #153 on: August 27, 2009, 08:18:48 PM »

Dear All,

HT Dehradoon has also published the Rally News in today issue.

 


Parashar Gaur

  • Sr. Member
  • ****
  • Posts: 265
  • Karma: +13/-0
     

         एक औरी आन्दोलन

   उत्तराखंड थै मिल्या अर यु पी से अलग हुया आज लग भाग ९ साल और ९ मैना हूँ वाला छन !  प्रगति का नौ पर यख मके ठुन्गी वाख्म नि सरकी ..  विका नै पर पैसा  खै   खै  को उंका त , ऊका ... !  उका पूरा परिवार का  लुखुका लद्द्वाडा गप्प .... भैर आया छन खिरबोजई तरह !

 ब्याली तक हम्ररा यख का बिधयक कै क्ज्याण मोल गाडी गाडी थक दी नि  छै  !  अर आज व  सरकारी   गाडीमच,  रोसा खनी !  मजाल जू खुटी भूईम धनि  हुवा !   मंत्र्रियु की त क्या बोनी बात !

    मी पिछ्ल्य हफ्ता गौ ग्यु !  क्या द्याख की लोग की भीड़ छै एक जगहम एकटा हुई !   सब्यु का हाथो माँ पोस्टर
अर नारा  छा काना  __  " भ्रस्ट नेताओं उत्तराखंड छोडो ..!!

  "  उत्तराखंड छोडो ..   उत्तराखंड छोडो  "      मीन एक नेतानुमा आदिम से पूछी    ------

"  मीन बोली,   भाई जी ,  यु सब क्या हुणु  छा ?

"    वो बोली  ----- दिख्णु नि छै    प्रदर्शन छा काना "

" -- पर,   कीलै ?   अर केका बान ?    "   मीन फिर पूछी ...

 तपाक से बोली .."  आप भी कतगा मुर्ख छ्या !  क्युओ करदी लोग हडताल/ जल्स्सा / जलूस !

 -- पर  कैका खिलाफ  .. छा आप नारा बाजी काना ?

" अपणा नेताओं का खिलाफ औरी कैका  खिलाफ ?    रै.  बात,    की किलै  छा काना  त ,  भारतल भी त अंग्रजो का खिलाफ भारत छोडो का नारा किलै लगे छाई ?   ----बोलो ?

मीन बोली  "  __ उ .... उत ,  हम पर अत्याच्यार छा कना  !!

हां ----  आँ  ,   बात आईगे ना समझ माँ ! .. हम भी त,  यु अपणा स्वादेसी नेताओं का तरह तरह का घोटालो से , किस्म क्सिमा का वादों से तंग ऐग्या !

मीन  डरद  डरद  पूछी  '-- पर इनु क्या कै दे  उन परा --  !"

 वेन त पैलि ,  खुरी देखि  .. फिर उत्तेर दे '  - अखबार नि पडदा !   टी बी नि दिखदा !  आये दिन त युकी काली   करतूतों का  चिटा बचैँ जदी !  फिर भी पुछ्णा छा की,   क्या कै दी उन ?     थोडा देर चुप्प रैना का बाद पास एकी पुछ्ण बैठी  " क्या तुम बिरोधी पार्टी क त नि छा ?    आपो नौ  ?

" जी ....  गरीब दास ! "   
 
अछा अछा  गरीब दस !!    अरे गरीबदास जी ,  हम आपकी बान त छा लण्ण !   देखा,   हम थै उत्तराखंड २०००  मिली !  मिल्य्सा,     तक़रीबन तक़रीबन   ९ साल से जायद हुई गीन !      है ना.....!!

  " जी जी  ..! "  मीन बोली ! 

 यूँ ,   यु ,   नो सालम क्या कई अलग हूँन से हम थै कवी फैदा होई  , न --- न,   तुमी  बोला !  होई त यु नेताओं थै  जोन पैलित येथे अलग नि हूँदिणै छो ,   अर जब मिली गै,   त,  मुखु मंत्र्री ह्त्यानु सबसे अग्वाडि बी आई !  सरया लडाई उत्तरखंड का नो से लैडी !  अर जनि मिली नौ बदली दे....   मिटिगओ  माँ  राजधानी बणली त  " गैरीसैण माँ  "  इन बुल्दा बुल्दा थका नीं   !   देराडून त टम्परैली समझा ..  !  राज्य मिली,   त,
 देराडून माँ इन बैठी नि की जन ` कुकुदी बैठद छुआप  !   अब आप ही बोल्ला...,   कन क्वे  कन यु पर भारुबंसू ! इनमा अब पर्दर्शन नि कन त क्या कन ?   

मीन बोली "  __ करा कारा .. पर म्यारा बहरासु त रया ना ! ..  मीन ये उत्तराखंड का बान अपणा द्वी नौ ना सहीद कै दिनी !  अब राजधानी का वास्ता मीम  कुछ बी बच्यु च ...  कुछ ना  !  राजधानी चा  देराडून हो , या गैरी सैन  म्यारा कै ल्याखाल !  अगर बनी जादी त ,  वे गदवाली अर यु गढ़वालियु की आतम थै शानी मिल जादी !


पराशर गौड़  रात ९ ५३ पर  २७ अगस्त ०९




Parashar Gaur

  • Sr. Member
  • ****
  • Posts: 265
  • Karma: +13/-0
  धात या धाद
 
  कैए गौं माँ ,   गोरु  ( एम् पी / एम्  एल एय )   उज्याड़ चली गी ! जनी चोकीदारल ( जनता) देखिनी  वेल गौं का पंचैत चोक बिटि  आवाज लगाई -----------------
   " अरे .. गौ करो ....,  टक लगे सुणिल्या .. जै जै मोउ का वो गोर छन वो जैकी अभी निकाली ल्या  ! अफार
लालंगी गौडी ( बीजेपी ) आर वो अफार सफ़ेद सांड (  कांग्रेस ) बाकी छुटा बड़ा गोर ( निर्दाली )  अभी अभी  बदु मुश्किल ल त  जंजाल  ( यु पी   )  से  अलग कैकी बड़ी  मेहनत से  यु  नयु ( उत्तराखंड )  पुन्गूडू बणेए  !  जेमा कतकै बेटी बवारियु का हाथ लाल अर बदन लोईखाल ह्यवैन !  कतका लुखुका ब्र्मन्ड कचैनी !  कतको मवासी ख़म लगीनि !   अर जनि ज़रा चल्दु  ह्वई कण घुसीनी खाणु !  "

       रे  गौ वालो ....,   यु पर नजर रखा    !    न हवा  यु थै,     इनी गीज पोडी जाली त  , यु  खेत/पुन्गडा ( उत्तराखंड ) चोपट समझा !    मित बुनू छो ....,     इन उज्यड्खा गोरु  थाई  त पट,  सद्न्या  को गौं से  भैर करा  भैर !  या फिर यु पर नजर रखा रै.. नजर !
 
 
पराशर गौड़ २६ अगस्त ३.५० बजे सुबह

Parashar Gaur

  • Sr. Member
  • ****
  • Posts: 265
  • Karma: +13/-0
एक नारा / एक भावना

ना मुखको  कुर्शी चाहिए
ना चाहिए तख्तो-ताज
मुझे तो चाहिए मेरी अपनी
राजधानी गैरिसैण आज ! !

  पराशर गौड़ २८  अगसत  ०९ समय दिन २.53

Devbhoomi,Uttarakhand

  • MeraPahad Team
  • Hero Member
  • *****
  • Posts: 13,048
  • Karma: +59/-1

एम.एस. मेहता /M S Mehta 9910532720

  • Core Team
  • Hero Member
  • *******
  • Posts: 40,912
  • Karma: +76/-0

Thank u sir..

The same is wish of all Uttarakhandi.Unfortunately, some people have astrayed from this issue.

एक नारा / एक भावना

ना मुखको  कुर्शी चाहिए
ना चाहिए तख्तो-ताज
मुझे तो चाहिए मेरी अपनी
राजधानी गैरिसैण आज ! !

  पराशर गौड़ २८  अगसत  ०९ समय दिन २.53


Gaisain sirf jagah nahi, hamari bhawanaon ki mukhar abhivaykti hai.
Uttarakhand "Parvatiya Rajya ya chota rajya" aur "rajdhani" ka mudde par aaj har political party ko aapane views spashat karane chahiye.
गैरसैण मात्र एक स्थान मात्र नहीं है, बल्कि जनभावना है जिस के लिए राज्य निर्माण का आन्दोलन हुआ था।

 

Sitemap 1 2 3 4 5 6 7 8 9 10 11 12 13 14 15 16 17 18 19 20 21 22