Author Topic: Champawat - चम्पावत  (Read 44310 times)

पंकज सिंह महर

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Re: चम्पावत जिला - CHAMPAWAT -
« Reply #20 on: January 03, 2008, 05:04:39 PM »
The Bengal tiger - Champawat:

Of all the sub-species of tiger it is the Bengal which has gained the worst reputation as a man-eater. It has been said that "at one time, in parts of India, at the beginning of the 19th century, man-eaters were so prevalent that it seemed to be a question of whether man or tiger would survive." Each night, fires encircled the villages and the native people only ever travelled in large groups, fully armed and beating drums to scare the cats.

In the 1930s tigers killed between 1,000 and 1,600 people each year, causing terror among the human population. One famous tigress known as Champawat killed some 200 men and women before being driven out of Nepal. She moved to another location, this time in India, and continued to kill bringing her total up to 436 before she was tracked down and killed in 1937.
Upon his arrival at the village where the man-eater of Champawat had taken her last victim he found the area a virtual ghost town, with villagers locked inside their huts and no one having ventured outside for a week. The tigress roamed the roads near the village roaring and terrifying villagers.

Her last kill was a 16-year-old girl out gathering wood. After trailing the tigress through blackthorn bushes draped with "long strands of the girl's raven-black hair" Corbett came across part of a human leg. "In all the subsequent years I have hunted man-eaters," Corbett wrote, "I have not seen anything as pitiful as that young comely leg-bitten off a little below the knee as clean as though severed by the stroke of an ax(e)." While distracted by the leg, Corbett forgot about tracking the tigress until, "a little earth from the fifteen-foot bank in front of me, come rolling down the steep side".

Later examination of the tigress showed the upper and lower canine teeth on the right side of her mouth were broken -- the upper one in half, the lower one right down to the bone. This permanent injury, Corbett claimed, "had prevented her from killing her natural prey, and had been the cause of her becoming a man-eater."

Shooting the man-eater of Champawat was to make Corbett an instant folk hero. Today, a stone plaque marks the village and gives details of how Corbett tracked the tigress down and finally killed her.


The Smithsonian Institution holds a famous 11-foot Bengal tiger in its World of Mammals Hall. This tiger was almost certainly a man-eater until it was shot in 1967. It may also have been a distant relation of the famous Champawat.

Jim Corbett - hunter and conservationist:

The late Jim Corbett, a famous hunter and tracker of big game, yet also an ardent conservationist, was responsible for killing the man-eater of Champawat and many other man-eating tigers and leopards over a thirty-five year period.

sanjupahari

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Re: चम्पावत जिला - CHAMPAWAT -
« Reply #21 on: January 04, 2008, 04:40:17 AM »
apu to chai-gecha hooo hukkaaaa bu.....

Rajen

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Re: चम्पावत जिला - CHAMPAWAT -
« Reply #22 on: January 04, 2008, 10:00:13 AM »
गोरखनाथ
गुरू गोरखनाथ की तप स्‍थली, आध्‍यात्मिक शांति पीठ प्राक़तिक सौन्‍दर्य से भरपूर्व पर्वत के शिखर पर स्थित है चारों तरफ हरितिमा लिए चारागाह तथा वन्‍य जीव जन्‍तुओं की शरण स्‍थली आने वाले यात्रि‍यों के लिए एक अदभुत वैकुण्‍ड धाम प्रतित होती है यहां वन्‍य जीव जन्‍तुओं को स्‍वछन्‍द विचरण करते देखा जा सकता है यहॉं पर भगवान गोरखनाथ की धूनी हमेशा जलती रहती है इसी राख का प्रसाद श्रद्वालुओं को दिया जाता है प्राचीन जल कुण्‍ड बने है जो वर्षाती पानी से भरे रहते हैं य‍ह क्षेत्र् चम्‍पावत से 45 कि.मी. की दूरी पर मोटर मार्ग से मात्र् 3 कि.मी. की दूरी पर स्थित है

Rajen

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Re: चम्पावत जिला - CHAMPAWAT -
« Reply #23 on: January 04, 2008, 10:02:20 AM »
हरेश्‍वर महादेव

        चम्‍पावत से पूर्व की ओर चम्‍पावत- तामली मोटर मार्ग के मौन पोखरी स्‍थान से 5 कि.मी. की दूरी पर स्थित है यहां पर महादेव भगवान शिव का मन्दिर है मान्‍यता के अनुसार ये बडे न्‍याय प्रिय देवता हैं यहां स्‍टाम्‍पयुक्‍त अजियों टंगी रहती है शिवालय व धमैशला बनी हैं

मल्‍लाणेश्‍वर

        यह स्‍थान चम्‍पावत से 12 कि.मी. दूरी पूर्व की तरफ देवदार बनी के बीच नदी के किनारे चम्‍पावत- तामली मोटर मार्ग में बसा है मान्‍यता के अनुसार यह भी न्‍याय के लिए प्रसिद्व देव हैं यहॉं पर नहाने आदि का सुन्दर स्‍थान व व्‍यवस्‍था है

अखिलतारणी

        यह उपशक्ति पीठ है घने हरे देवदार बनी के बीच में भव्‍य प्राचीन मन्दिर व धर्मशला बनी है मान्‍यता के अनुसार यहॉं पांडवों ने घटोत्‍कच के सिर को प्राप्‍त करने के लिए मां भगवती की प्रार्थना की थी यहां श्रावण मास के संक्रान्ति को मेला लगता है यह चम्‍पावत से पैदल मार्ग 8 मिल की दूरी पर स्थित है

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Re: चम्पावत जिला - CHAMPAWAT -
« Reply #24 on: January 04, 2008, 10:03:49 AM »
चमू देवता

        काली नदी के पश्चिम तट से मिला हुआ क्षेत्र्  पूर्व काल से गुमदेश के नाम से जाना जाता है यह मंदिर अखिल तारिणी पर्वत श्रंखला के पूर्व भाग में स्थित है, जो चमू देवता के रूप में  प्रसिद्व है कथानक है की पूर्वकाल में एक दैत्‍य बारी-बारी से रोज एक आदमी को खाता था एक व़द्वा की प्रार्थना पर देवता ने इस दैत्‍य को मार गिराया तब से यह मेला देवता के प्रति आभार प्रकट करने के लिए चैत्र् मास की दशमी तिथि को बडी धूमधाम से मानाया जाता है एक डोले को सारे गांवों मुहल्‍लों से घुमाते हुए चमू देवता के मन्दिर में लाया जाता है और पूजा अर्चना की जाती है

झूमा देवी

यह चम्‍पावत के उत्‍तर में लोहाघाट श‍हर से करीब 5 कि.मी. की दूरी पर स्थित है मां भगवती का भव्‍य मंदिर पर्वत शखिर पर बना है

Rajen

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Re: चम्पावत जिला - CHAMPAWAT -
« Reply #25 on: January 04, 2008, 10:09:20 AM »
Important Telephone Nos.
CHAMPAWAT!

--------------------------------------------------------------------------------
 जिला अधिकारी, चम्‍पावत
 230285
 230275
 230295
 
 जिला जज, चम्‍पावत
 230632
 230678
 

 मुख्‍य न्‍यायिक मजिस्‍ट्रेट, चम्‍पावत
 230632
 230945
 

 पुलिस अधिक्षक, चम्‍पाचत
 230276
 230515
 230515
 
 मुख्‍य विकास अधिकारी, चम्‍पावत
 230550
 230345
 
 प्रभागीय वनाधिकारी, चम्‍पावत             
 230375
 230875
 
 मुख्‍य चिकित्‍साधिकारी,चम्‍पावत
 230312
  230312
 
परियोजना निदेशक,डी0आर0डी0ए0 चम्‍पावत
 230345
  230345
 
 जिला शिक्षा अधिकारी, चम्‍पावत 
 230531
  230531
 
 बेसिक शिक्षा अधिकारी, चम्‍पावत
 230614
  230614
 
 जिला उद्यान अधिकारी, चम्‍पावत
 230765
 230373
 230765
 
 आयुर्वेदिक अधिकारी,चम्‍पावत
 230718
 
  
 जिला आबकारी अधिकारी,चम्‍पावत
 230409
 230409
 
 
 जिला पूर्ति अधिकारी, चम्‍पावत
 230746
 
 
 जिला अर्थ एवं संख्‍याधिकारी, चम्‍पावत
 230699/230983
 
 230699
 
 जिला समाज कल्‍याण अधिकारी, चम्‍पावत
 230307
  230307
 
 जिला बचत अधिकारी,चम्‍पावत   
 230769
 
 
कोषाधिकारी,चम्‍पावत
 230440
  230440
 
 मुख्‍य क```षि अधिकारी, चम्‍पावत   
 230952
 235325
 
 
 मुख्‍य पशु चिकित्‍साधिकारी,चम्‍पावत   
 230843
 
 
 महा प्रबन्‍धक,जिला उद्योग केन्‍द्र चम्‍पावत
 230082
 
जिला सूचना अधिकारी, चम्‍पावत
 230790
 230790
 
 प्र0 जिला पर्यटन अधिकारी, चम्‍पावत
 230866
  230866
 
 प्र0 युवा कल्‍याण अधिकारी, चम्‍पावत
 230774
 
प्र0 जिला कार्यक्रम अधिकारी,चम्‍पावत   
 230942
 230942
 
जिला सेवायोजन अधिकारी, चम्‍पावत   
 230303
 
पंचायत राज अधिकारी,चम्‍पावत   
 230394
 
 
प्रभारी अधिकारी, उरेडा चम्‍पावत 
 230794
 230794
 
 अपर मुख्‍य अधिकारी, जिला पंचायत, चम्‍पावत
 230421
 
सैनिक कल्‍याण् एवं पुनर्वास अधिकारी, चम्‍पावत
 230893
 
सहायक निदेशक जलागम,लोहाघाट
 2305355
 
सहायक निबन्‍धक,सहकारी समितिया, चम्‍पावत 
 230993
 
 
सहायक जिला निर्वाचन अधिकारी, चम्‍पावत
 230296
 230766
 
 पंचास्‍थानी चुनावालय,चम्‍पावत
 230386
 230386
 
जिला सूचना विज्ञान केन्‍द्र / एन0आई0सी0, चम्‍पावत
 230677/230690
 
उप जिलाधिकारी श्री पूर्णागिरी, (टनकपुर)
 266383
 266386
 266383
 
उप जिलाधिकारी, लोहाघाट
 234524
 234524
 
उप जिलाधिकारी, पाटी   
 230299/240348
 
 पुलिस क्षेत्राधिकरी ,चम्‍पावत     
 265013
 266169
 
तहसीलदार, चम्‍पावत     
 230023
 230023
 
तहसीलदार, टनकपुर
 26638     
 266383
 
अभियोजन अधिकारी, चम्‍पावत   
 231013
 
 नायब तहसीलदार, पाटी   
 240349
 
नायब तहसीलदार, लोहाघाट     
 234848
 
थानाध्‍यक्ष, टनकपुर
 265013
 
 
 थानाध्‍यक्ष,बनबसा   
 263034
 
 
 थानाध्‍यक्ष, लोहाघाट
 234527
 234527
 
 अधिशासी अभियन्‍ता, लोक निर्माण विभाग, चम्‍पावत
 23003     
 230035
 230034
 
 अधिशासी अभियन्‍ता, लोक निर्माण विभाग लोहाघाट
 23452     
 234526
 234525
 
 अधिशासी अभियन्‍ता,जल निगम,लोहाघाट
 23454     
 234509
  अधिशासी अभियन्‍ता पेयजल निगम,चम्‍पावत
 230044
 
  अधिशासी अभियन्‍ता विद्युत विभाग,चम्‍पावत   
 230572
 230741
 
  अधिशासी अभियन्‍ता,सिचाई विभाग लोहाघाट   
 23454     
 234549
 
 
अधिशासी अभि‍यन्‍ता,आर0ई0एस0,चम्‍पावत     
 230980
 
 
 
अधिशासी अभियन्‍ता जल,संस्‍थान,चम्‍पावत     
 230485
 
 
  अधिशासी अधिकारी नगर पा0 परि0टनकपुर   
 265023
 265023
 
 अधिशासी अधिकारी,नगर पंचायत,चम्‍पावत     
 230047
 
 
 अधिशासी अधिकारी, नगर पंचायत लोहाघाट   
 234504
 
 
 खण्‍ड विकास अधिकारी, चम्‍पावत
 230043
  
 खण्‍ड विकास अधिकारी, लोहाघाट
 234547
 
  खण्‍ड विकास अधिकारी, पाटी
 240329
 
 
 

 

 




Rajen

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Re: चम्पावत जिला - CHAMPAWAT -
« Reply #26 on: January 04, 2008, 10:26:58 AM »
REETHA SAHEB
 
From Dhunaghat(on the Lohaghat -Devidhura road)one can  visit Reetha Saheb or Meetha Reetha, located at a distance of 72 kms.  from Champawat. Guru Nanak is said to have visited this place and have had spiritual discussions with Gorakhpanthi Jogis. The Gurudwara was constructed in 1960 at the confluence of Lodhiya and Ratiya rivers,  near village Deyuri. There are trees of sweet Reetha (Sapindus emarginatus) in the Gurudwara premises, adjoining it is the temple of Dhernath. Before the motor Road was build  to Bhingrara,  people use  to come to this place on foot. A fair is held at the Gurudwara on Baisakhi Poornima.
 

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Re: चम्पावत जिला - CHAMPAWAT -
« Reply #27 on: January 04, 2008, 10:33:34 AM »
SHYAMAL TAL

 1500 mts. above sea level, Shyamlatal is 132 kms. from Pithoragarh and 56 kms. from Champawat. Swami Vivekanand Ashram is located here at the bank of the lake. The blue colored lake of Shyamlatal is spread over an area of about one & a half sq. km. This place has some ruins dating back to the days of the early Chand rulers and others which were associated with the Pandavas. Shyamlatal is also famous for its Jhula fair. Different variety of roses also attract the travelers here.
 

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Re: चम्पावत जिला - CHAMPAWAT -
« Reply #28 on: January 04, 2008, 10:36:17 AM »
VANASUR-KA-KILA
This is a fort at an elevation of 1859 mts., 7 kms. from Lohaghat and 20 kms. from Champawat (Lohaghat to Karnakarayat is 6 kms. by bus and Karnakarayat to Vanasur ka kila 1 km. by foot ) along the Bhowali road,  is  the  fort   of Vanasur which can be seen of all sides. The names of Shonitpur and Lohawati are linked with the myth about the assassination of Vanasur at this place. One has to walk about 2 kms. to get to the fort. The fort seems to be a construction belonging to the middle ages, but the story of Vanasur was probably associated with the spot even before the construction of the fort. Lohawati river originates near this place.

Rajen

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Re: चम्पावत जिला - CHAMPAWAT -
« Reply #29 on: January 04, 2008, 10:44:02 AM »
GWAL DEVTA

A deity of widespread faith and influence, Gwal Devta also known as Goril or Goll, is considered to be the presiding deity of justice. It is believed that when approached, Gwal Devta dispenses justice to a helpless victim of injustice and cruelty. Historically, Goril a Katyuric prince of Champawat, known for his unwavering justice and fair play, was himself a victim of planned conspiracy hatched up by his step mother, who had  thrown him into a river, locked up in an iron cage. Held in high esteem as a symbol of justice, a temple was dedicated to him at Gwarail Chaur at in Champawat and ever since he has grown into a deity of great influence attracting innumerable pilgrims around him. As per a story, Harish Chandra was a famous king of Champawat, who after his death, was worshipped as the folk god 'Haru'. Haru's mother's name was Kainer and he is said to be Gwall's maternal uncle.
 

 

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