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Vishwanath Ghati Akhodi Tehri Garhwal, Uttarakhand,विश्वनाथ घाटी अखोडी,उत्तराखंड

Started by Devbhoomi,Uttarakhand, October 21, 2009, 08:50:43 PM

Devbhoomi,Uttarakhand


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रौन्त्याली अखोडी के लिए ये गीत

रोतेली- अखोडी की याद म !!
मेरी सिय रोतेली कनि प्यारी अखोडी !!
नि सयेंदी खुद जब अंखियों म ओन्दा आंसू बोडी !!
जख छन सी नोऊ खम्बिया तिबारी,और सी बल्दू की जोड़ी !
जख छन बरोमास लेन्दि भेंसी और लेन्दि गोडी !!

कनि रोतियाली छ सिय ताल की धार !
जख डंडियों बिटिन ओंदी सुर सुरिया भार !!
स्वाणु लगदु थोऊ कुल्दै म कु मौयार !
बुगियला म पस्रिक मन नि करदू जान का घर !!

परदेश वाला जब ओन्दा ढुमका बाज़ार !
चौ तरफी मौलीयार देखि मन म येज्नादु उलार !!
धन- २ भाग इन्द्रमणि जी तुमुक !
अखोडी म जन्म लीनी उत्तराखंड छोड़ी चली गईं हमुक !!

प्रेना छन इन्द्रमणि जी जन सूरज सी सबूक !
भगियान ओये गईं सी बिचारा . विकास करिगैन चौमुक !!
वे वीर पुरुष का जान सी अखोडी म पड़ेगी रुमक !
सत् -२ परणाम ये वीर पुरुष तुमुक !!

जेठ दुपेर म होन्दु अखोडी म क्रिकेट कु खेल !
गेंहू - जो की दै म बेटी - ब्वारियो कु हुलेटू कु मेल !!
महादेव का खम्ब म लियोन म अखोडी सदनी रही अगाडी !
ताल और जंगल काटन म बेटी-ब्वारी नि रन्धि पिछ्वाडी !!

बोलिया म लेगी झंडा व्हेगी सुरु रामलीला !
रनभुत भी होए गें सुरु होंदी पांडव लीला !!
य्गास -बग्वाल म बेटी-ब्वारी लागोदीन झुमेला !
जू तोंका खुदेडू गीत सुन्द्दु तोंका असू ये जाला !!

चौ तरफी जख देवतों कु वासः छ अखोडी जख !
नर्सिंग, नगेला, नागराजा, घंडियाल देवता छन जख !!
सजी रन्धि ग्यहरा गाँव की डोली !

सोलह जातियों का पढिया लिखियाँ लीग जख !
हर जगह बिभागो म बतियाँ जख !!
कुटुम्ब्दारी याखुली अखोडी छोड़ी जोंकी !
परदेश म नौकरी कनि मज़बूरी छ तोंकि !!

अखोडी सी जनि स्वर्ग सी जगह नीं कखी !
मेरी सिय रोतेली कनि प्यारी अखोडी !!
शिल्गा,नौली.ग्वाड,दम्दरा का धारु कु सु ठण्डु पानी !
जब यु धारु की याद ओंदी परदेश म ता जुकडी झूरादी !!

गुयिर छोरा जब घंडियाल बिटिन बंसुली बजाला !
जवानी म रोन्श चढली,तभ प्रेम म गला भेटेलु !१
बणु का बेर जब कन्दुलियो म सुनेड़ा!
दुदेरा छोरा भी घर म ग्वायिया लगोंडा !!

बुदेन्दि बगत बे-बाबु अखोडी छोड़ीया छन !
आश - उम्मीद सी छोरो की दीन कटना छन !!
मेरी सिय रोतेली कनि प्यारी अखोडी !!
नि सयेंदी खुद जब अंखियों म ओन्दा आंसू बोडी !!


Rakesh mehra Akhori Delhi

एम.एस. मेहता /M S Mehta 9910532720

Methodology

It is beleived that Lord Shiva appear here in form of Ardhnarishwar in front of Pandavas to hide his identity.There is a Kund of two Dharas known as arms of Lord Shiva which is holding river Yamuna and Ganga, which meets here so it is known as small Kashi.




There is a legend of this temple is that after Mahabharata battle Pandavas wanted to pay homage to lord Shiva but Shiva did not want to meet them because they were guilty of Gotra Hatya.When Pandavas went Kashi Vishwanath in search of Lord Shiva, Lord Shiva came here in form of vishwanth.When Pandavas came this place Lord Shiva as Vishwanath hide here to evade from Pandavas.So this place is called Guptakashi, Gupta means hidden and Kashi is from Kashi Vishwanath.

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Rajen


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