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Vishwanath Ghati Akhodi Tehri Garhwal, Uttarakhand,विश्वनाथ घाटी अखोडी,उत्तराखंड

Started by Devbhoomi,Uttarakhand, October 21, 2009, 08:50:43 PM

Devbhoomi,Uttarakhand


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उत्तराखंड राज्य के आन्दोलन के प्रणेता लोकनायक श्री इंद्रमणि बडोनी का जन्म २३ दिसम्बर १९२४ को टिहरी गढ़वाल के ग्यारह गाँव हिंदाव पट्टी के अखोडी (विश्वनाथ घाटी से जाना जाता) हुवा था !

पर्वतीय प्रवेश मैं प्रारंभिक शिक्षा पोर्न कर बडोनी जी ने देहरादून से उच्च शिक्षा प्राप्त की!छात्र जीवन से ही बडोनी जी टिहरी रियासत की राजासाही के चुंगल मैं प्रजा के कष्टों से परिचित थे,स्वतंत्रता प्राप्ति के बाद टिहरी रियासत का विलय हो जाने पर बडोनी जी न अपने क्षेत्र की सामाजिक सान्स्किर्तिक गति विधियों से जुड़े गए !

वह सन १९६२ में जखोली विकासखंड के प्र्मिख पद पर निर्वाचित हुए तथा १९६७ में प्रथम बार गढ़वाल के देवप्रयाग क्षेत्र से उत्तरप्रदेश विधान सभा के लिए चुने गए थे !ये बडोनी जी का ही सपना था की उनकी जन्म भूमि अखोडी को उत्तराखंड के लोग विश्वनाथ घाटी के नाम से जाने !

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Vishwanath ghati Akhodi


आप सभी उत्तराखंडी भाई-बहिनों का स्व. श्री इंदरमणि बदोनी जी की जन्म भूमि अखोडी में आपका स्वागत है. अखोडी के बारे में वेसे तो आप लोगो को पता होगा .. फिर भी में आप लोगो को बता देता हूँ .. अखोडी टेहरी जिले के घनसाली बिलोक में पड़ता है

घनसाली से ३० की. मी. की दुरी पर है ,अभी २४ दिसम्बर श्री बडोनी जी की मूर्ति का अनावरण करने उत्तराखंड के मुखियामंत्री श्री खंडूरी जी गए थे. मुझे सबसे अच्छी बात उनकी ये लगी, की उन्होने जब अखोडी में भाषण दिए थे .
तो गढ़वाली में ही दिए अखोडी.की जनता को खंडूरी जी के भाषण बहुत पसंद आये है..

बाकि अखोडी आज भी टेहरी गढ़वाल में सबसे बड़ा गांव यहाँ पर करीब ४०० परिवार है.. और करीब १२-१३ जातिया है. अखोडी की पूर्ब में भगवान बिश्वानाथ का मंदिर है , जो बडोनी जी का सपना था की बिश्वानाथ उत्तराखंड का ५वां तीर्थस्थल हो
. आज भी बिश्वानाथ मंदिर के दर्शन करने लोग दूर -२ से जाते है.

यहाँ पर जून में गंगा दशेरा के नाम से मेला लगता है. और अखोडी के उत्तर में एंच्वा की आछरी का मंदिर है .आज भी यहाँ पर बासमती के चवाल की बुशी मिलती है ..
यहाँ पर भी लोग दूर -२ से जाते है.. और अखोडी के पास में ही महादेव जी का मंदिर है .

इस मदिर में आज भी पुरानी प्रथा है . यहाँ पर ११ गांव वाले मिलकर २ देवदार के पेड़ लाते है और मंदिर के सामने उनका झुला बनादिया जाता है.. यहाँ पर जो भी शिव भगत जाता है उसकी मनो कामना पूरी होती है.. आप सभ लोगो का अखोडी आवागमन में स्वागत है

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मेरे प्यारे मित्रगणों,

आप सभी को बैसाखी की हार्दिक शुभ कामनाएं, आप सभी को येः बताते हुए मुझे बड़ा हर्ष है की हर साल की तरह इस बार भी राजकीय इंटर कॉलेज अखोडी के खेल प्रांगण में दिनांक २२ मई २०१० से स्वर्गीय श्री इन्द्रमणि जी बडोनी ( उतराखंड के गाँधी) की स्मृति में  क्रिकेट महा संग्राम का आयोजन किया जा रहा है!
श्री श्याम सिंह नेगी जी ग्राम ढुंग (प्रवाशी गुजरात ) ने २५००० रुपये का योगदान दिया !

इस स्पर्धा का मुख्या आकर्षण
माननीय विजय बहुगुणा जी (सांसद लोक सभा (टिहरी)) के कर कमलों से उदघाटन.
मुख्या अतिथि के रूप में
श्री बलबीर सिंह नेगी (बिधायक  घनसाली)
श्रीमती नीलम बिष्ट ( ब्लोक प्रमुख भिलंगना )

बिजेता को १०००० रुपये और उप बिजेता को ५००० रुपये का पुरस्कार.

तथा साथ ही नाना प्रकार के सांस्कृतिक कार्यकर्मो की प्रस्तुति इस क्रिकेट संग्राम को और भी लोकप्रिय बनाएगी

इसलिए मेरी आप सभी खेल प्रेमियों और गढ़वाल प्रमियों  से प्राथना है की अपनी उपस्थिति से इस कार्यक्रम को सफल बनायें. और इस क्रिकेट महा संग्राम का आनंद लें.

और आपको येः जानकर भी ख़ुशी होगी की इस बार दिल्ली से भी "विश्वनाथ घाटी क्रिकेट क्लब दिल्ली" भी इस टूर्नामेंट में सिरकत करेगा जिसकी अगुवाई सूरज नेगी, शिव सिंह रावत और शीशपाल कैंतुरा करेंगे !  अतः  सभी प्रवाशी गड्वाली भाईयों  से मेरी विनती है की "विश्वनाथ घाटी क्रिकेट क्लब दिल्ली" के समर्थन हेतु " अब के बरस आपको अखोडी आना ही होगा".....

आपकी प्रतिक्षा में :-

शिव सिंह रावत
विश्वनाथ घाटी क्रिकेट क्लब दिल्ली
मोबाइल न.  +919999598353

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राजकीय इंटर कालेज अखोडी तेहरी गढ़वाल




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आज भी अखोडी गाँव में पुरानी धार्मिक पारम्पर्ये है .. आज भी इस गाँव में पांडव (पन्वार्त) जेसे रामलीला देखे को मिलती है ..आओ हम आपको १ दिर्श्य पांडव लीला का दिखाते है

अखोडी पांडव लीला का दिर्श्य