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Mahakumbh-2010, Haridwar : महाकुम्भ-२०१०, हरिद्वार

Started by हेम पन्त, November 21, 2009, 10:27:04 AM

Devbhoomi,Uttarakhand

पेशवाई में इन ऊंचे नटों ने भी श्रद्धालुओं का मनोरंजन किया।

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हनुमान जी के रूप में कांवड़ ले जाता कांवडि़या।

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हर की पैड़ी पर कांवड़ सजाते कावडि़ये।


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25 को तीर्थनगरी पहुंचेंगी राष्ट्रपति



हरिद्वार। महाकुंभ में देश-दुनिया की महान हस्तियों का जमावड़ा लगने जा रहा है। महामहिम राष्ट्रपति प्रतिभा देवी सिंह पाटिल 25 फरवरी और धर्म गुरु दलाई लामा 5 अप्रैल को तीर्थनगरी पहुंच रहे हैं। कुंभनगरी में अंतर्राष्ट्रीय जल संसद का आयोजन किया जा रहा। 12 फरवरी से 20 अप्रैल तक तीर्थनगरी में कई कार्यक्रमों का आयोजन होगा।

जूना अखाड़े के आचार्य महामंडलेश्वर और हरिहर आश्रम के प्रमुख स्वामी अवधेशानंद गिरी महाराज ने आश्रम परिसर में पत्रकारों को बताया कि आश्रम में पारे का शिव मंदिर है। पारे के शिव मंदिर के 25 वर्ष पूरा होने पर पारदेश्वर रजत जयंती समारोह मनाने का निर्णय लिया गया।

रजत जयंती समारोह में 25 फरवरी को देश की राष्ट्रपति प्रतिभा देवी सिंह पाटिल मुख्य अतिथि के रूप में शामिल हो रही हैं। उन्होंने बताया कि 22 मार्च को होने वाले कार्यक्रम में भाजपा के वरिष्ठ नेता लाल कृष्ण आडवाणी और पांच अप्रैल को तिब्बती धर्म गुरु दलाई लामा मुख्य अतिथि होंगे। महाकुंभ में दो से चार अप्रैल तक अंतर्राष्ट्रीय स्तर की जल संसद का आयोजन किया जाएगा।

संसद में 55 देशों के जल प्रतिनिधि, वैज्ञानिक, स्वयंसेवी संस्थाओं के प्रतिनिधि हिस्सा लेंगे। आठ मार्च को महिला दिवस पर कार्यक्रम आयोजित किया जाएगा। इस अवसर पर नजमा हेपतुल्ला, गिरजा व्यास समेत कई हस्तियां मौजूद होंगी।


http://in.jagran.yahoo.com/news/local/uttranchal/4_5_6162450.html

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कुंभ में स्नान करेंगी उत्तराखंड की देवडोलियां



उत्तरकाशी। हरिद्वार महाकुंभ में उत्तराखंड के देवडोलियों के स्नान के लिये श्री देवभूमि उत्तराखंड लोक संस्कृति विरासतीय शोभायात्रा समिति ने कवायद तेज कर दी है। समिति के संरक्षक भाजपा नेता मोहन सिंह रावत गांववासी तथा अध्यक्ष विद्यादत्त भट्ट ने उत्तरकाशी पहुंच कर गंगोत्री-यमुनोत्री सहित क्षेत्र के अन्य देवी देवताओं को महाकुंभ स्नान के लिये आमंत्रित करने की जिम्मेदारी स्थानीय लोगों को सौंपी।

महाकुंभ में पहली बार हो रहे इस आयोजन के बारे में गांववासी ने पत्रकारों से बातचीत में बताया कि कुंभ मेला प्रशासन से बातचीत के बाद इसके लिये 16 अप्रैल की तिथि तय की गई है। कार्यक्रम में भगवान बद्रीनाथ की अगुआई में गढ़वाल और कुमाऊं के सभी देवी देवताओं की डोलियां, निशान, ध्वज व अन्य प्रतीक पहुंचेंगे। हरिद्वार में इनका स्वागत सेम नागराजा द्वारा किया जाएगा।

स्नान से पहले दक्ष प्रजापति मंदिर कनखल से हर की पैड़ी तक भव्य शोभायात्रा निकाली जाएगी। उन्होंने कहा कि महाकुंभ उत्तराखंड राज्य यानी देवभूमि में हो रहा है, तो यहां की संस्कृति का प्रतिनिधित्व भी इस महाआयोजन में होना चाहिए।

उत्तरकाशी जिले में गंगोत्री यमुनोत्री सहित कंडार देवता, हरि महाराज, रेणुका देवी, समेश्वर देवता, पोखू देवता, भैरव देवता समेत लोक सांस्कृतिक महत्व वाले देवी देवताओं को न्योता भेजा जा रहा है। इसके लिये जिले में जगमोहन सिंह चौहान व खुशाल सिंह नेगी को जिम्मेदारी सौंपी गई है। समिति के अध्यक्ष विद्यादत्त रतूड़ी ने बताया कि सोलह आमंत्रण पत्र के साथ एक फार्म भी गांवों में भेजा जा रहा है।

इस फार्म को भरकर सोलह मार्च तक जमा करना होगा। पत्रकार वार्ता में भाजपा जिलाध्यक्ष स्वराज विद्वान, नगर अध्यक्ष जयवीर सिंह चौहान, भाजयुमो जिलाध्यक्ष किशोर भट्ट, पं.सुरेश शास्त्री, पं.प्रकाश स्वरूप शास्त्री, इंद्रेश उप्पल आदि मौजूद रहे।


चमोली की प्रस्तुति
पेशवाई में नृत्य करते चमोली जिले की कलाकार व नंदा देवी राज जात की डोली।



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कनखल क्षेत्र से गुजरती निरंजनी अखाड़े की पेशवाई।


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बंदूक के साथ घुड़सवार नागा साधु।

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पेशवाई में कन्या भ्रूण हत्या रोकने का संदेश देने वाली तख्ती लिए युवती।

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मनमोहक पेशवाई में राधा-कृष्ण की झांकी।