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UK's Bus Service Needs Immediate Improvement - बस सेवा सुधार की शख्त जरूरत

Started by एम.एस. मेहता /M S Mehta 9910532720, November 30, 2009, 02:24:39 PM





Devbhoomi,Uttarakhand

बस अड्डा: बेफिक्र नगरपालिका, परेशान लोग
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रुद्रप्रयाग, : नगर क्षेत्र के नये बस अड्डे में पानी निकासी की समुचित व्यवस्था न होने से पानी सड़क पर ही जमा हो रहा है। मार्ग की स्थिति बदहाल होने से राहगीरों को आवाजाही में भारी दिक्कतें हो रही हैं।

नगर क्षेत्र के अन्तर्गत पड़ने वाले नए बस अड्डे की हालत दिन-प्रतिदिन बदहाल होती जा रही हैं। वहीं, नगरपालिका इस ओर कोई ध्यान नहीं दे रही है। बस अड्डे में पानी निकासी के लिए नाली न बनने से लोग परेशान हैं। राहगीरों के साथ ही स्थानीय लोगों को आवाजाही में भारी दिक्कतें पैदा हो रही हैं। कई बार शासन-प्रशासन को अवगत कराने के बाद भी कोई सकारात्मक कार्रवाई नहीं की जा रही है। इसके साथ ही तूना-बौंठा मोटर मार्ग से आ रहा पानी भी यहां भारी जमा हो रहा है। जगह-जगह सड़क का डामर उखड़ने के साथ ही बड़े गड्ढे पड़ गए हैं। वाहनों को भी यहां खुलेआम धोया जा रहा है।

आए दिन सड़क गंदगी का रूप ले रही है। जिससे बीमारियों खतरा बना रहता है। स्थानीय निवासी विक्रम सिंह, जगमोहन सिंह, देवेन्द्र सिंह, मोहनी बिष्ट, कुलदीप सिंह, विवेक कप्रवाण आदि का कहना है कि सड़क पर पानी जमा व निकासी नहीं होने के कारण फिसलन बढ़ गई है। जिससे कभी कोई दुर्घटना हो सकती है। उन्होंने पालिका से शीघ्र मार्ग पर नाली बनाकर निकासी करने की मांग की है। जिससे पानी रिसाव मार्ग पर न हो सके। वहीं नगर पालिका अध्यक्ष रेखा सेमवाल ने कहा कि इस बाबत त्वरित कार्रवाई की जाएगी।


http://in.jagran.yahoo.com/news/local/uttranchal/4_5_6960320.html


दुःख की बात है, हमारे जन प्रतिनिधि एक बार इन एरिया में जाने की तक सोचते!

वही दूसरी तरफ हम जब हिमांचल प्रदेश की बसे देखते है, क्या सुंदर व्यस्था है देखिये फोटो में उत्तराखंड के वातानुकूलित बसों की दशा!


एम.एस. मेहता /M S Mehta 9910532720


fromjaydeokainthola <jaydeo34@gmail.com>उतराखंड संभागीय परिवहन निगम में बसों के संचालन का घिनोना खेल?

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     |सुदर्शन सिंह रावत | उत्तराखंड बनने  के बाद  दिन प्रतिदिन  नए  नए  घोटाले  सुनने और देखने  को मिले  रहे है  अब ताजा घटना  उत्तराखंड  परिवहन  निगम  में  देखने  को  मिल रहा  किस तरह  से खतरनाक पहाड़ी रूटों पर न केवल धड़ल्ले बल्कि  असुरक्षित व बिना  बीमा  बसौ व  टैक्सी    का सर्पीली सड़कों  पर संचालन  धड़ल्ले से  संचालित  हो  रहा है  किस तरह  से आम  उत्तराखंड के सीधे साधे लोगों का  शोषण और दोहन, उत्तराखंड [/font] बनने से पहले और  उत्तराखंड  बनने के बाद पहाड़ के खेत खलियान  उजड़े  गये  और अब जिन्दगी  के साथ उतराखंड संभागीय परिवहन निगम द्वारा  खिलवाड़ किया जा रहा है  इस शोषण और दोहन की प्र  क्रिया को हम सब  ने नजदीक से  देखा, समझा और समझने  के बाद    भी  सबक नहीं  लिया।  सबसे दुर्भाग्यपूर्ण बात यह रही कि तमाम क्षेत्रीय ताकतों के अहम ने पहाड़ को भारी नुकसान पहुंचाया जिन पर आम जन का बिश्वास था । ऋषिकेश निवासी लाखीराम सेमवाल ने आरटीआई के तहत संभागीय परिवहन अधिकारी देहरादून से गढ़वाल के पर्वतीय मार्गो पर संचालित हो रही बसों के बारे में सूचना  मांगी थी। सूचना अधिकारी द्वारा    उपलब्ध सूचना के मुताबिक इन रूटों पर निगम 99 बसों का संचालन कर रहा है। इनमें से 82 बसों की फिटनेस ही नहीं कराई गई है। कुछ की फिटनेस अवधि एक साल तो कुछ की छह महीने पहले खत्म हो चुकी है।जबकि कानूनन किसी भी वाहन को बीमित किए बगैर संचालित नहीं किया जा सकता  खतरनाक पहाड़ी रूटों   पर  होने वाले हादसों में ज्यादातर  वाहनों के फिट न होना प्रमुख कारण के रूप में सामने आ रहा है इसके  बावजूद भी  निगम  का सबक न लेना यात्रियों की सुरक्षा के प्रति खिलवाड़ कर रहा है पहाड़ की सर्पीली सड़कों पर दौड़ रही अनफिट  अधिकतर  बसें  इससे बीमित नहीं है। आम यात्रियों की सुरक्षा के प्रति [/size]खिलवाड़ के अलावा कर चोरी में भी निगम पीछे नहीं है यहाँ  तक  की 31 दिसंबर, 2009 के बाद निगम ने उपरोक्त बसों का टैक्स जमा ही नहीं किया एक बस का सालाना औसत रोड टैक्स 4,820 बैठता है अफसरों  कि मिलीभगत से निगम  को लगभग     4,77,180 रुपये रोड टैक्स का  नुकसान  झेलना पड़ा  जबकि 11 माह से ये बसें यूं ही डग्गमारी में दौड़ रही है |

Rajen

उत्तराखण्ड परिवहन निगम में बडी संख्या में चालक संविदा (कांट्रक्ट) पर लम्बे समय से नियुक्त हैं.  इन चालकों को नियमित चालक के समान बेतन भत्ते नहीं मिलते.  अधिक कमाने की गर्ज से ये चालक लम्बे समय तक लगातार ड्युटी करते हैं जिससे दुर्घटना की आशंका बनी रहती है.  बसों की देखरेख से इनका कोई वास्ता नहीं. 

एम.एस. मेहता /M S Mehta 9910532720


Rajen Da,...

This is true. Employees of Transport Dept of UK are not getting payment in time. I had to face a lot of inconvience when i went to native 2 weeks back. I asked the In Charge at ISBT he was telling no payment has been made to them so sar. It was 20th of the month.

The safety issue is one of the major concern when emnployees do not get salary in time, this may result in moral of the employees.

I observed a case of such nature in almora where we had wait for an hour. 

एम.एस. मेहता /M S Mehta 9910532720


This video had captured at ISBT Anand Vihar of Uttarakhand Bus stand area.

1). There is no proper rest room for the Drivers who are coming from hill areas. Driver hardly get 4 hrs rest even after long drive of pahad.

2) . In this video you can see the condition of Uttarakhand buses vis-a-vis HImanchal buses.


http://www.youtube.com/watch?v=VZljDZDqa00