• Welcome to MeraPahad Community Of Uttarakhand Lovers.
 

UK's Bus Service Needs Immediate Improvement - बस सेवा सुधार की शख्त जरूरत

Started by एम.एस. मेहता /M S Mehta 9910532720, November 30, 2009, 02:24:39 PM


एम.एस. मेहता /M S Mehta 9910532720


My experience has been very bad as far as the condition of UK buses is concerned. There is definitely needs improvement in the Buses condition. I am sure tourist would never like to visit in these passengers buses.

Govt must look into this areas as it is also matter of state Govt prestige. 

Himalayan Warrior /पहाड़ी योद्धा


Mr Mehta....

Ths is not the single case.. I have travelled many times in AC Buses and found many seat broken and window pane not working, seat un-comfortable.

Govt must focus in improving the bus services.

Quote from: एम.एस. मेहता /M S Mehta on December 01, 2010, 05:01:57 AM

See the condition of AC coach Bus.




Rajen

फोटो==फाग लाइट न वाइपरNov 24, 09:21 pmबताएं (जागरण समाचार)
Twitter Delicious Facebook = जान जोखिम में डाल कर बस चला रहे हैं चालक

जासं,हल्द्वानी: मैदानी क्षेत्रों में घने कोहरे का कोहराम शुरू हो गया है। आये दिन सड़क हादसे हो रहे हैं फिर भी राज्य परिवहन निगम ने कोहरे में बसें को चलाने का कोई सुरक्षात्मक इंतजाम नहीं किया है। आलम यह है कि बसों में न तो फाग लाइट(पीली रोशनी) लगाई गई है और न ही बसों में लगा वाइपर काम कर रहा है। इससे चालक जान जोखिम में डाल कर बसें चला रहे हैं।

कुमाऊं के पर्वतीय डिपो भवाली, अल्मोड़ा, रानीखेत के अलावा हल्द्वानी, काठगोदाम, रुद्रपुर, रामनगर व काशीपुर की तीन दर्जन से अधिक बसें रात्रि में मैदानी रूटों पर चलती हैं। अधिकांश बसें दिल्ली, देहरादून व पंजाब के लिए संचालित होती है। कहने का मतलब यह कि ये बसें शाम सात से लेकर साढ़े नौ बजे रात्रि में अपने-अपने बस अड्डों से निकलती है तो पूरी रात सफर में रहती है। मैदानी क्षेत्रों में आधी रात के बाद घने कोहरे का कहर है। ऐसे में उक्त बसें रेंग-रेंग कर चल रही हैं।

----------

बेहाल रहे टनकपुर के यात्री

शाम को टनकपुर के लिए एक बस संचालित होती है। गुरुवार को सायं तीन बजे हल्द्वानी बस अड्डे पर टनकपुर जाने के लिए लगभग डेढ़ सौ यात्री थे लेकिन एक ही बस उपलब्ध थी। उक्त बस ठसाठस भरने के बाद गई फिर भी बड़ी संख्या में यात्री बच गए। इन यात्रियों ने दूसरी बस भेजने की मांग को लेकर डिपो अधिकारियों से काफी देर तक अनुनय विनय किया, लेकिन कोई नतीजा नहीं निकला। अंतोगत्वा उक्त यात्री निजी साधनों की तलाश में टैक्सी स्टैंड की ओर बढ़ गए।

------इंसेट-----

कौन सच्चा, कौन झूठा

0=0 हमने कुमाऊं संभाग की सभी बसों की हेडलाइट बदलवा दी है। पीली लाइट लगाई गई है जो कोहरे को काटने में मदद करती है। जिन चालकों ने अपनी पसंद की लाइट अलग से बसों में फिट कराई है, उन्हें इसका भुगतान कर दिया गया है।

मुकुल पंत,

महाप्रबंधक, नैनीताल संभाग

----------

रात में जान जोखिम में डाल कर बसें चलाई जा रही हैं। प्रबंधन से पीली लाइट लगाने की मांग की जा रही है, लेकिन कोई सुनने वाला नहीं है।

चालक-परिचालक

दिल्ली व देहरादून रूट



एम.एस. मेहता /M S Mehta 9910532720


Uttarakhand Transport System is running with Mercy of God only. The employees of Uttarakhand Pariwahan Nigam are most of the seen to be agitating for their salary hike and other demands.

The poor condition of buses give a bad impression specially to the Visitors who use these Buses.

This needs special attention by Govt.

Devbhoomi,Uttarakhand

देवप्रयाग में बस स्टेशन बना प्रदूषण का अड्डा
========================

ऋषिकेश- बदरीनाथ यात्रा मार्ग का पहला पड़ाव देवप्रयाग का मोटर स्टेशन बदहाल है। रखरखाव की स्थिति काफी खराब होने से यात्रियों सहित यहां रहने वाले लोगों को मुश्किलों का सामना करना पड़ रहा है। बस स्टेशन पर बढ़ता प्रदूषण सबसे बड़ी समस्या बन गई है।

इस मार्ग से गुजरने वाले वाहनों के कारण उड़ रही मिट्टी ने दुकानदारों का जीना मुश्किल कर दिया है। फल सब्जी, होटल चलाने वाले दिनभर उड़ रही धूल से परेशान है। खाने-पीने की चीजों पर लगातार धूल की परतें जमी रहती है इससे यहां आने वाले यात्रियों व पर्यटकों को भी कई संक्रामक रोगों के चपेट में आने की संभावना बनी रहती है। धूल से यहां यात्री भी वाहनों की प्रतीक्षा में खड़े नहीं रह सकते है।

व्यापार सभा अध्यक्ष मैचंद सिंह रावत का कहना है कि इस संबंध में बीआरओ को कई बार शिकायत की गई है।

चाय विक्रेता कुंदन, दरमियान सिंह, इंद्र सिंह आदि का कहना है कि धूल के चलते उनका व्यवसाय भी प्रभावित हो रहा है। बस स्टेशन के दुकानदारों ने बीआरओ से कई बार इस संबंध में शिकायतें की गई है लेकिन अभी तक यहां डामरीकरण की कोई कार्यवाही सामने नहीं आयी है।


यात्रा मार्ग की बदहाली पर नगर पंचायत ईओ बीएस मोनिया का कहना है कि उन्होंने बीआरओ का इस संबंध में कई बार लिखा जा चुका है, लेकिन बीआरओ ने कोई कार्रवाई नहीं की है।


Jagran News

मोहन जोशी

प्रिय मेहता जी बहुत धयाबाद आफु लेख वास्तव मैं भोत कुछ सच्ची बात बाया  करू मिल ले कदुक बारी आनंद विहार स्टेशन मैं ड्राईवर के भारी गर्मी मैं बस क छत मैं पड़ी देखो भोत बुर लागू देखि

बस सुबिदा  मैं मैं फोरम के माध्यम से उत्तराखंड roadway से aagrah करना  चाहता हु की किर्पया फरीदाबाद से हल्द्वानी के लिए साम को भी बस sewa सुरु कर दी जाये ताकि जो बहुत से लोग फरीदाबाद और बदरपुर की तरफ रहते है उनको दिक्कत न हो.

मोहन जोशी
मोलारबंद एक्स्त्न बदरपुर नई देल्ली ४४
9990993069

Devbhoomi,Uttarakhand


Devbhoomi,Uttarakhand


Ajay Pandey

मुझे यह देखकर बहुत बुरा लगा जब में karanprayag  वाली बस से अपने गाँव चित्रेश्वर जा रहा था उस बस में बहुत बदबू थी क्योंकि उसमे सब लोगो ने उल्टियाँ कर रखी थी और पूरी बस उल्टी से चमक रही थी यह सोचकर बड़ा दुःख होता है की उत्तराखंड परिवहन निगम की बसें आज बुरी कैसे हो गयी मेरे सवाल इस पोर्टल के द्वारा उत्तराखंड परिवहन निगम से हैं
१. बसों की साफ़ सफाई क्यों नहीं होती
२. आपके क्लेअनेर क्या करते हैं
३.  बसें खटारा ही क्यों चलती हैं
आज भी उत्तराखंड परिवहन निगम के रानीखेत डिपो से खटारा बसें ही चल रही हैं पेश है यह खबर
उत्तराखंड परिवहन के रानीखेत डिपो में खटारा बस ही सहारा  जागरण न्यूज़
यहाँ उत्तराखंड परिवहन के रानीखेत डिपो में खटारा बसें ही आने जाने का सहारा हैं दिल्ली को भी येही खटारा बसें चलती हैं परिवहन निगम के प्रबंधक का कहना है की हम नयी बसें खरीदते हैं पर पता नहीं उन बसों का उपयोग क्यों नहीं होता और खटारा बसें ही क्यों
यह तो हाल था उत्तराखंड परिवहन के रानीखेत डिपो का अब उत्तराखंड परिवहन की निम्न बसों में गंदगी के दर्शन करने को मिलते हैं
१. दिल्ली ganai
२. दिल्ली मासी
३. हल्द्वानी karanprayag
यह वो बसें हैं jaaha  गन्दगी के दर्शन होते हैं उत्तराखंड परिवहन के बसों को ही नहीं बल्कि परिचालकों को भी व्यवहार में सुधारने की जरुरत है परिचालक और चालक गाली देते हैं में परिवहन निगम से अनुरोध करूँगा की कृपया पहले अपने चालक
परिचालक को यात्रियों से बोलने की तमीज सिखाएं अब उत्तराखंड परिवहन निगम की बसों से यात्रा करने में शर्म आती है क्या उत्तराखंड परिवहन ऐसा ही रहेगा यह विचारणीय है फिलहाल मेरा परिवहन निगम से येही कहना है की अपनी बस सेवा और कर्मचारियों के व्यवहार में सुधार लाये
धन्यवाद