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Here We will Talk Only in our Language-याँ होलि सिर्फ अपणी भाषा-बोलि में बात

Started by एम.एस. मेहता /M S Mehta 9910532720, December 22, 2009, 08:14:32 AM



सुधीर चतुर्वेदी

अरे मेहता जी आइले खाना मे छान की , महराज की बनरो खास 

सुधीर चतुर्वेदी

सब्बे भाज गो हा की , को छा ......... जाड है रो की ना , घाम सैका है रे होलि |

Meena Rawat


Meena Rawat


एम.एस. मेहता /M S Mehta 9910532720

 

नमस्कार.. सबकू..

पार्टी तो भिवाओ (शाम को) होली भुला दादा, भुलियो

अच्छा मी.. एक काम .. आपु लोग उत्तराखंड क लोक संगीत क बार में द्वी-२ लाइन का जानकारी दियो.. कस हूँ छे और की हूँ छे.. लेकिन पहाड़ी भाषा में..

Meena Rawat


सुधीर चतुर्वेदी

मीना भूली पड़ा- लिखा कश है रे , लुघाट घूम बैर आ गया कश हाल है रोयन वो का