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Mera Pahad Photo Gallery : मेरा पहाड़ फोटो गैलरी

Started by पंकज सिंह महर, January 18, 2010, 12:35:22 PM

विनोद सिंह गढ़िया



ये हैं लंगूर ................कुंमाऊनी में लंगूर को "गुण" कहते हैं | "गुण"(लंगूर) अब पहाड़ों में अब कम ही दिखने लगे हैं, कहीं ये विलुप्त होने के कगार पर तो नहीं .............?

विनोद सिंह गढ़िया



आज के समय में पाथर की छत वाले घर नहीं बन रहे हैं, कुछ दिनों में इस प्रकार की छत वाले घर हम सिर्फ फोटो में ही देख सकेंगे |

विनोद सिंह गढ़िया

बनकटिया का दृश्य सूर्यास्त के समय !


विनोद सिंह गढ़िया



कुछ समय पूर्व ये भेड़-बकरियां हमारे माता-पिता के आय का श्रोत हुआ करते थे !


पंकज सिंह महर


विनोद सिंह गढ़िया

दीपावली के रात रोशनी में नहाया अल्मोड़ा नगर !



फोटो : अमर उजाला

विनोद सिंह गढ़िया

पहाड़ी महिलाएं दीपावली के तैयारी करते हुए !


विनोद सिंह गढ़िया

बागेश्वर में भैयादूज के लिए च्यूड़े बनाती महिलाएं !



फोटो : अमर उजाला

विनोद सिंह गढ़िया



उत्तराखंड की सुंदर वादियों के साथ ही यहां की परंपरा और संस्कृति भी हमेशा से आकर्षण का केंद्र रही है। महिलाओं के पारंपरिक आभूषणों की तो बात ही क्या। बुलांक हो, हंसुली-धगुली, गुलोबंद, कंठा, पौंची हो या टिहरी की नथ, कारीगिरी देखने लायक होती है। मान्यता यह है कि गढ़वाल की रानी को एक बार हिमाचल के कांगड़ा की रानी की नथ का डिजाइन इतना पसंद आया कि यह नथ उत्तराखंड की हो गई। अब गढ़वाल की हर शादी और पारिवारिक आयोजनों में टिहरीनथ जरूर होती है। समय के साथ भले ही सोने के दाम आसमान छु रहे हों, पर गढ़वाल से लेकर पंजाब और दिल्ली में इस नथ के शौकीन लोगों की डिमांड बढ़ रही है।
अमर उजाला