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Lets Play Uttarakhand Antakshari - आओ उत्तराखंडी गानों की अन्ताक्षरी खेलें

Started by एम.एस. मेहता /M S Mehta 9910532720, October 31, 2007, 03:54:49 PM

एम.एस. मेहता /M S Mehta 9910532720


Mahar Ji. Really though finding song from Tha..

Thokdaar ki Cheli
Pyaj kulai.
100 rupia note roj kamali..

ha.. ha.



Quote from: पंकज सिंह महर on April 24, 2008, 12:00:18 PM
थ से कोई गाना मुझे भी याद नहीं आ रहा है, ऎसा करिये शब्द बदल दीजिये।

पंकज सिंह महर

आहाऽऽऽऽऽऽऽऽऽऽऽऽ मेहता जी, बहुत पुराना गाना बचपन में गाते थे.....।

थोकदारे कि चेली प्याज कुल्याली,
दस रुपये को नोट, रोज कमाली...\

एम.एस. मेहता /M S Mehta 9910532720


Mahar Ji..

Lekin Gadbad hai... Subdar ki Cheli hone chaiye tha.. ..... ha ha. ha

Quote from: पंकज सिंह महर on May 06, 2008, 03:46:59 PM
आहाऽऽऽऽऽऽऽऽऽऽऽऽ मेहता जी, बहुत पुराना गाना बचपन में गाते थे.....।

थोकदारे कि चेली प्याज कुल्याली,
दस रुपये को नोट, रोज कमाली...\


Lalit Mohan Pandey

मेहता जी एक गाना है तो सही थ से पर पूरा बोल याद नही आ रहे है...  पहाड़ी मै बोलते है "पेट मै उन  मरीछ, मुख मै न उन मार्यो" वही हालत मेरी हो रही है..लग तो रहा है आता है पेर बोल नही पकड़ पा रहा हू .  उसके बोल इस तरह से थे

"थामना थामना न थामीनो काली गंगा को पानी हो"

या फीर था, "थामना थामना बगी जाछ,  काली गंगा को पानी हो"
जो लोग न्यौली गाते थे वो गाते थे इस गाने को

पंकज सिंह महर

Quote from: Lalit Mohan Pandey on May 06, 2008, 05:06:23 PM
मेहता जी एक गाना है तो सही थ से पर पूरा बोल याद नही आ रहे है...  पहाड़ी मै बोलते है "पेट मै उन  मरीछ, मुख मै न उन मार्यो" वही हालत मेरी हो रही है..लग तो रहा है आता है पेर बोल नही पकड़ पा रहा हू .  उसके बोल इस तरह से थे

"थामना थामना न थामीनो काली गंगा को पानी हो"

या फीर था, "थामना थामना बगी जाछ,  काली गंगा को पानी हो"

hmmmmmmmm

लल्दा ये गाना.......... :-\ आपकी जैसी हालत मेरी भी हो रही है, कई और गाने याद आ रहे हैं, यह नही आ रहा, मेरे ख्याल से तो "थामना-थामना नै थामिनो काली गंगे को पानी" ही है, यह एक न्योली है।
     हेम दा या राजेश दा इस पर प्रकाश डाल सकेंगे।

हेम पन्त

मुझे तो यह याद आ रहा है... शायद यही होगा.

काटना- काटना पली ऊंछ, चौमासी को वन...
बग्न्या पानी थामी जान्छ, ने थामी नु मन...

हलिया

जी ये गाना ऐसे ही है लेकिन मेरे हिसाब से थोड़ा हेरफ़ेर ऐसे है:
थामी जान्छ बग्न्या पानी, ने थामी नु मन...
Quote from: H. Pant on May 06, 2008, 07:55:56 PM
मुझे तो यह याद आ रहा है... शायद यही होगा.

काटना- काटना पली ऊंछ, चौमासी को वन...
बग्न्या पानी थामी जान्छ, ने थामी नु मन...