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Lets Play Uttarakhand Antakshari - आओ उत्तराखंडी गानों की अन्ताक्षरी खेलें

Started by एम.एस. मेहता /M S Mehta 9910532720, October 31, 2007, 03:54:49 PM

Mukesh Joshi

गिर्दा  जी की एक कविता
स्वर  दिया नेगी जी ने  उत्तराखंड आन्दोलन के दोरान का कभी  सुनने का मौका मिले तो जरुर  सुनना
जैता कभी न कभी त आलो उ धिन इ द्दुनी मै
जैता  क्वी न क्वी त लियालू उ दिन इ दुनी मै .

हेम पन्त

भाई तुमने गिर्दा और नेगी जी का गाना लिखा है तो हमें भी इसी स्तर का गाना लिखना होगा...और नेगी जी के स्तर के गाने तो सिर्फ नेगी जी ही गा सकते हैं... तो ये लो

माछी पाणी सी ज्यू तेरु मेरु हो
बिना तेरा नि रयेन्दु, नि रयेन्दु त्वे बिना..


अब "न" से

Mukesh Joshi


एम.एस. मेहता /M S Mehta 9910532720

ना दौड़ -२ पे उलारा का बाटा..
ना दौड़ -२ पे
उलारा का सुख चार दिनों को
उकावो का दुःख सही ना सकीन्दा

Mukesh Joshi

सर जी बहुत अच्छे
लेकिन बोल को थोड़ा ठीक कर देते  है
न दोड़ -२ तै उदंरी का बाटा
उदारियु  का बाटा
उदंरी को सुख २-४ घड़ी को
उकाली को दुःख
सदानि को सुख लाटा
अगला-- ट
[/size]

हेम पन्त

टक-टका टक कमला बाटुली लगाये
परदेश मुलूक मैं घर बुलाए...


next "ए"


Mukesh Joshi

सर जी इसे "ए" की जगह य कर देते है
Quote from: H.Pant on July 14, 2008, 01:40:24 PM
टक-टका टक कमला बाटुली लगाये
परदेश मुलूक मैं घर बुलाए...


next "ए"




Mukesh Joshi

size=15pt]या कु भी ना वा कु भी ना
हाँ कु ना अर ना कु भी ना
कब छुट्लो तेरो, ना बोलणा को ढब
कब हाँ कब
अगला --ब

हेम पन्त

नेगी जी के गाने रिपीट हो रहे हैं. मुझे भी उनके ही गाने याद आ रहे हैं. लेकिन दूसरों को भी मौका देना होगा. ललित मोहन जोशी का गाना...

बरसों का बारह महीना, कसि काट्याला त्यारा बिना
त्यारा बीना, कौतिक बाना- त्यारा बीना, कौतिक बाना,

Next "न"