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Lets Play Uttarakhand Antakshari - आओ उत्तराखंडी गानों की अन्ताक्षरी खेलें

Started by एम.एस. मेहता /M S Mehta 9910532720, October 31, 2007, 03:54:49 PM


Mukesh Joshi

नारंगी की दाणी हो ....2
कें न सुखो होलो भोजी मुखडी  को पाणी हो ....
खोली को गणेशा हो ......२
जुग बीती गेनी देवरा स्वामी परदेशा हो ....

एम.एस. मेहता /M S Mehta 9910532720

हिमाल का ऊँचा डाना
प्यारो मेरो गाव
छबीलो गड़वाल मेरो रंगीलो कुमाओ

Mukesh Joshi

अरे -रे -रे पर भिड़ा मधुली एगे रूम -झूम
दिया जसी जू अर जून जसी गाता
अरे -रे -रे पर भिड़ा मधुली एगे रूम -झूम

हेम पन्त

म्यारा दयूरा मोहन तेरि केमुवै गाडि
यू लौंडा के कौ सम्झालो, कि हिट्ना बाटा सिट्टि न मार...


अगला "र"

Mukesh Joshi

रुमा-झुम्मा -२ बाली संध्या झूली ग्य ये ....२
हे........... घास की गडोलियु झूले प्रभु  पाणी की गागर यू..2

हेम पन्त

ये डांडा का पार, लागयू छ न्यारो-न्यारो
जब तू आ जाछि, आ जाछि बहार...

Mukesh Joshi

रति सुपिन्यम आंदी तू
नियुती हो जन बोलियांदी तू
केकु बाली नींद ....
बिजाली जांदी बेमान तू

हेम पन्त

तेरो मछोई गाड बोगिगे रे, खाले आब तू माछा
माछा का बाना मैंसो को विनाश रे, खाले आब तू माछा
next "छ"

Mukesh Joshi

छुड़-छुंड बजदी घ्दुली मन मा
ओंद जब यो विचार -विचार
ऐ जांदी तू खलबट दिल मा
बंद  हवे जान्द किवाड़ -किवाड़