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Funny Incidents - हास्य घटनाये

Started by एम.एस. मेहता /M S Mehta 9910532720, November 02, 2007, 04:22:29 PM

एम.एस. मेहता /M S Mehta 9910532720


Yes sir.. .

I have also heard similiar nature incidents.

Quote from: Anubhav / अनुभव उपाध्याय on November 04, 2007, 05:35:15 PM
Bahut hi majedaar ghatna sunai aapne Sundariyal ji :)

Quote from: mahender_sundriyal on November 03, 2007, 05:48:13 PM
नमस्कार,

मुझे भी एक घटना याद आ रही है जो मुझे मेरे बचपन में बताई थी.  ऐसा हुआ कि रामनगर से रोड बनते बनते मछोड़ तक आ गई थी.  पहली बार उस रोड पर एक बस तथा एक कार में सरकारी अधिकारी और कर्मचारी मछोड़ तक आए हुए थे.  तभी एक बूढी औरत वहाँ आई जिस ने पहले कभी बस या कार नहीं देखि थी.  बस को देखते ही वो बोली कि "क्य भलि भैंस छू यो, भौत दूध दिन हनेली".  और कार को देख कर बोली "यो भैंसकि थोरी हनेली, कतु चिफई छू यो, कतु दिनुकि हनेली यो"...

वाकई कैसा ज़माना रहा होगा जब ऐसे सीधे सादे लोग होते थे.
नमस्कार


पंकज सिंह महर

एक घटना है कि हमारे एक पहाडी भाई की शादी हुई, भाई दिल्ली में नौकरी करते थे, बीबी बेचारी एक तो पहाड की ऊपर से अनपढ़!  तो दाज्यू बीबी को लेकर दिल्ली पहुंच गये, दोस्तों ने पार्टी की फरमाइश की तो दाज्यू ने पार्टी की तैयारी के साथ ही  भाभी जी को ट्रेनिंग देना शुरु किया कि "जब औरतें खाना नहीं खा रही होंगी तो कहना खाओ बहन जी खाओ, ये आपका ही घर तो है" यदि उसके बाद भी नहीं खायें तो कहना "इसमें शरमाने की क्या बात है, खाओ बहन जी खाओ"
         
         पार्टी के दिन बेचारी सीधी-सादी भाभी जी गजबजा गयीं, जब औरतें आयीं और उन्होंने खाना नहीं खाया तो भाभी जी ने भाई साहब के सिखाये अनुसार कहना शुरू किया " खाओ बहन जी खाओ, ये तुम्हारा घर नहीं है"  फिर भी औरतों ने नहीं खाया तो भाभी जी ने कहा " शर्म तो तुमको है नहीं, खाओ बहन जी खाओ, ये तुम्हारा घर थोडी़ है
"

एम.एस. मेहता /M S Mehta 9910532720


Mahar Ji,

Fantastic.....

Actually, this happens with many of pahadi women they first visit to city.

Quote from: पंकज सिंह महर on November 05, 2007, 01:10:16 PM
एक घटना है कि हमारे एक पहाडी भाई की शादी हुई, भाई दिल्ली में नौकरी करते थे, बीबी बेचारी एक तो पहाड की ऊपर से अनपढ़!  तो दाज्यू बीबी को लेकर दिल्ली पहुंच गये, दोस्तों ने पार्टी की फरमाइश की तो दाज्यू ने पार्टी की तैयारी के साथ ही  भाभी जी को ट्रेनिंग देना शुरु किया कि "जब औरतें खाना नहीं खा रही होंगी तो कहना खाओ बहन जी खाओ, ये आपका ही घर तो है" यदि उसके बाद भी नहीं खायें तो कहना "इसमें शरमाने की क्या बात है, खाओ बहन जी खाओ"
        
         पार्टी के दिन बेचारी सीधी-सादी भाभी जी गजबजा गयीं, जब औरतें आयीं और उन्होंने खाना नहीं खाया तो भाभी जी ने भाई साहब के सिखाये अनुसार कहना शुरू किया " खाओ बहन जी खाओ, ये तुम्हारा घर नहीं है"  फिर भी औरतों ने नहीं खाया तो भाभी जी ने कहा " शर्म तो तुमको है नहीं, खाओ बहन जी खाओ, ये तुम्हारा घर थोडी़ है
"


एम.एस. मेहता /M S Mehta 9910532720


How did you like this ?

Quote from: M S Mehta on November 03, 2007, 02:37:03 PM
दोस्तो...


यह एक सच्ची कहानी है...  मर्चिस की तिली जलाओ -  कुत्ता नौ दो 11 


मेरे गाव मे एक आदमी के पास बहुत खतरनाक कुत्ता था. लोग उसके घर के आसपास जाने से डरते थे ! एक दिन एक आदमी अनीभिग्य होकर उसके घर से सामने से बीडी जलाते हुए निकल रहा था. एक व्यकित को यह पता नही था कि यह खतरनाक कटाने वाला कुत्ता है.

अब क्या होता है.. कुत्ता इस आदमी को देखर काटने को आता है. ... ...असमंजस मे आदमी अपने बचाव मे जलती मर्चिस की तिली कुत्ते की ओर फेकी .. जो गलती से कुत्ते के नाक मे चले गयी...

अब कुत्ते की हालत .. कुत्ते के नाख मे दम ...कुत्ता अपना नाख रगड़ता रहा लेकिन कोई राहत नही...

बहुत समय कुत्ते को होश आयी होगी..

सबक.

उस दिन से अगर किसी ने कुत्ते को मर्चिस की तिली भी दिखायी तो कुत्ता 9 दो ११..


एम.एस. मेहता /M S Mehta 9910532720


Beware of Dongs in Pahad otherwise keep match box with you..

Ha.....ha. (just enjoy this joke)

Quote from: M S Mehta on November 07, 2007, 12:28:40 PM

How did you like this ?

Quote from: M S Mehta on November 03, 2007, 02:37:03 PM
दोस्तो...


यह एक सच्ची कहानी है...  मर्चिस की तिली जलाओ -  कुत्ता नौ दो 11 


मेरे गाव मे एक आदमी के पास बहुत खतरनाक कुत्ता था. लोग उसके घर के आसपास जाने से डरते थे ! एक दिन एक आदमी अनीभिग्य होकर उसके घर से सामने से बीडी जलाते हुए निकल रहा था. एक व्यकित को यह पता नही था कि यह खतरनाक कटाने वाला कुत्ता है.

अब क्या होता है.. कुत्ता इस आदमी को देखर काटने को आता है. ... ...असमंजस मे आदमी अपने बचाव मे जलती मर्चिस की तिली कुत्ते की ओर फेकी .. जो गलती से कुत्ते के नाक मे चले गयी...

अब कुत्ते की हालत .. कुत्ते के नाख मे दम ...कुत्ता अपना नाख रगड़ता रहा लेकिन कोई राहत नही...

बहुत समय कुत्ते को होश आयी होगी..

सबक.

उस दिन से अगर किसी ने कुत्ते को मर्चिस की तिली भी दिखायी तो कुत्ता 9 दो ११..


हेम पन्त

मेहता जी! बहुत मजेदार घटनाएं सुनाते हो यार.....सुन्दरियाल जी और पंकज दा वाली घटना पढ कर अभी तक हंसी आ रही है.

Girish

This is really wonderful thread have seen across community discussion now.Going great !!.Keep it up.

एम.एस. मेहता /M S Mehta 9910532720


जैसे कि आप सब लोगो को मालूम है हमारे यहाँ एक घास होती है जिसको छूने पर बिच्छू का जैसा डंक लगता है ! इसे कहते है सिवून और कडली !  बचपन मे स्कूल के दिनों मे हमारे क्लास मे एक लड़के ने इस घास को एक बिहारी teacher को कैसे लगाया सुनो.

जैसे कि आप सब लोगो को मालूम गाँवो के स्कूल मे ब्लैक बोर्ड को काले पोतते है और साफ करने के लिए वहाँ कुछ घास भी रख देते है! हमारे स्कूल मे एक नया बिहारी teacher आया था उसको इस के बारे मे पता नही था! एक लड़के ने इस teacher के क्लास चलने से पहले वहाँ पर ये घास रख दिया ! इस teacher ने आते ही इस घास कि पकड़ा और ब्लैक बोर्ड को साफ करने लगा. कुछ देर मे ......

    करंट लग गया .....     करंट लग गया .....

यह पानी से हाथ धोने लगा लेकिन करंट दुगना ....

इस घटना के बाद ये teacher वहाँ के कोई भी घास को नही छूते थे ??

एम.एस. मेहता /M S Mehta 9910532720


Bach ke rahne re baha ..2...

Bichew Ghas..

Hi hi...i...i.i..

Quote from: M S Mehta on November 28, 2007, 05:07:12 PM

जैसे कि आप सब लोगो को मालूम है हमारे यहाँ एक घास होती है जिसको छूने पर बिच्छू का जैसा डंक लगता है ! इसे कहते है सिवून और कडली !  बचपन मे स्कूल के दिनों मे हमारे क्लास मे एक लड़के ने इस घास को एक बिहारी teacher को कैसे लगाया सुनो.

जैसे कि आप सब लोगो को मालूम गाँवो के स्कूल मे ब्लैक बोर्ड को काले पोतते है और साफ करने के लिए वहाँ कुछ घास भी रख देते है! हमारे स्कूल मे एक नया बिहारी teacher आया था उसको इस के बारे मे पता नही था! एक लड़के ने इस teacher के क्लास चलने से पहले वहाँ पर ये घास रख दिया ! इस teacher ने आते ही इस घास कि पकड़ा और ब्लैक बोर्ड को साफ करने लगा. कुछ देर मे ......

    करंट लग गया .....     करंट लग गया .....

यह पानी से हाथ धोने लगा लेकिन करंट दुगना ....

इस घटना के बाद ये teacher वहाँ के कोई भी घास को नही छूते थे ??


पंकज सिंह महर

Quote from: M S Mehta on November 28, 2007, 05:09:57 PM

Bach ke rahne re baha ..2...

Bichew Ghas..

Hi hi...i...i.i..

Quote from: M S Mehta on November 28, 2007, 05:07:12 PM

जैसे कि आप सब लोगो को मालूम है हमारे यहाँ एक घास होती है जिसको छूने पर बिच्छू का जैसा डंक लगता है ! इसे कहते है सिवून और कडली !  बचपन मे स्कूल के दिनों मे हमारे क्लास मे एक लड़के ने इस घास को एक बिहारी teacher को कैसे लगाया सुनो.

जैसे कि आप सब लोगो को मालूम गाँवो के स्कूल मे ब्लैक बोर्ड को काले पोतते है और साफ करने के लिए वहाँ कुछ घास भी रख देते है! हमारे स्कूल मे एक नया बिहारी teacher आया था उसको इस के बारे मे पता नही था! एक लड़के ने इस teacher के क्लास चलने से पहले वहाँ पर ये घास रख दिया ! इस teacher ने आते ही इस घास कि पकड़ा और ब्लैक बोर्ड को साफ करने लगा. कुछ देर मे ......

    करंट लग गया .....     करंट लग गया .....

यह पानी से हाथ धोने लगा लेकिन करंट दुगना ....

इस घटना के बाद ये teacher वहाँ के कोई भी घास को नही छूते थे ??


इसे सिसोंण या सिन्न कहते हैं, हमारे यहां भी इसी तरह की एक घटना हुई वहां पर सिसोंण की जगह कोंच (खुजली वाली फली) टीचर की कुर्सी में लगा दिया फिर तो मास्साब ने क्या-क्या नहीं लगाया, स्कूल में ही १० बार तो डिटोल से ही नहाया हो,, वो भी बेचारा बिहारी ही था