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Folk Songs on Market,Fairs & Jeeja Saali etc - बाजारों, मेलो एव जीजा साली पर गीत

Started by एम.एस. मेहता /M S Mehta 9910532720, March 21, 2010, 12:03:26 AM

एम.एस. मेहता /M S Mehta 9910532720


Dosto,

Uttarakhand Folk Songs have great social message, humorous and a glimpse of culture. In gone days, most of the songs were made on local fairs, markets and of course, songs on Jeeja Sali Noke Jhok..

Some of the old songs are still very hit even today. Here we will be compiling some of the old and new Folk Songs of Uttarakhand which are made on Local Fair, Market and Jeeja Saali .. U will definitely like that recall your childhood says in pahad. 

Hope u will also contribute here.

Regards,

M S Mehta

एम.एस. मेहता /M S Mehta 9910532720


गोपाल बाबु गोस्वामी जी यह उत्तरायनी मेले पर यह जुगल बंदी जिसमे एक नातिनी (पोती) अपनी दादा जी से उत्तरायनी कौतिक से बहुत सामग्री लाने की मांग करती है ! देखिये यह लाइन इस गाने हे जो की लिपिबद्ध लिया गया है !
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नातिनी :
उत्तरायनी कौतिक एगियो वो बड़बाजू
थर्थारानी पुष नैगियो वो बड़बाजू
उत्तरायनी कौतिक एगियो वो बड़बाजू
थर्थारानी पुष नैगियो वो बड़बाजू

बूबू :

ओय नातिनी मैंने की बाजार जूना
वोंय नातिनी मैंने की बाजार जूना
तेल तम्बाको, लूंण गूड मोल  लियूंण
तेल तम्बाको, लूंण गूड मोल  लियूंण

नातिनी :
उत्तरायनी कौतिक एगियो वो बड़बाजू
थर्थारानी पुष नैगियो वो बड़बाजू
उत्तरायनी कौतिक एगियो वो बड़बाजू
थर्थारानी पुष नैगियो वो बड़बाजू

वो बड़बाजू  धोती बागी रेछो
वो बड़बाजू  धोती बागी रेछो
अगिल क सुरियल माजी नीछो
अगिल क सुरियल माजी नीछो

बूबू :

जा नातिनी मयर फतुई टाल हाली दे
जा नातिनी मयर फतुई टाल हाली दे
म्यार कमई घर कुटी तम्बाकू धरी दे
म्यार कमई घर कुटी तम्बाकू हाली दे

नातिनी :
उत्तरायनी कौतिक एगियो वो बड़बाजू
थर्थारानी पुष नैगियो वो बड़बाजू
उत्तरायनी कौतिक एगियो वो बड़बाजू
थर्थारानी पुष नैगियो वो बड़बाजू

ओह बड़बाजू उत्तरायनी कौतिक जाला
भूख लगाली बाट घाट में के जय खाला
ओह बड़बाजू उत्तरायनी कौतिक जाला
भूख लगाली बाट घाट में के जय खाला


नातिनी :
ओह नातिन भूख प्यास कासी के जूना
तवी हुनी कौतक बान (गिफ्ट) कासी लियूना
ओह नातिन भूख प्यास कासी के जूना
तवी हुनी कौतक बान (गिफ्ट) कासी लियूना

ओह बड़बाजू उत्तरायनी कौतिक जाला
भूख लगाली बाट घाट में के जय खाला
ओह बड़बाजू उत्तरायनी कौतिक जाला
भूख लगाली बाट घाट में के जय खाला

ओह बड़बाजू उत्तला बोकूंण रैया
ओह बड़बाजू यो काठी रैया
ओह बड़बाजू उत्तला बोकूंण रैया
ओह बड़बाजू यो काठी रैया
प्यास लागिली काठी रिखू चबियूना रैया
भूख लागिली यो भूटिया भोट भूकैया

बूबू :

बाध नातिनी त्यार सामान काम आलो
यो मरण भाखत  बुढ भोट भूकाल
बाध नातिनी त्यार सामान काम आलो
यो मरण भाखत  बुढ भोट भूकाल


नातिनी :

उत्तरायनी कौतिक एगियो वो बड़बाजू
थर्थारानी पुष नैगियो वो बड़बाजू
उत्तरायनी कौतिक एगियो वो बड़बाजू
थर्थारानी पुष नैगियो वो बड़बाजू

ओह बड़बाजू मी हुनी जलेबी लाया
चूड़ी धमेली काल फुना भूली नि जाया
ओह बड़बाजू मी हुनी जलेबी लाया
चूड़ी धमेली काल फुना भूली नि जाया
ओह बड़बाजू  यो आपुनी हवाक ली जाया
ओह बड़बाजू  यो आपुनी हवाक ली जाया
बाट घाट में स्वाक स्वाक दम लगाया
बाट घाट में स्वाक स्वाक दम लगाया
ओह बड़बाजू और बताओ क्या -२ लाला
तुमि  तो बुबू भूली जे जाछा बूडी अकला

ओह बड़बाजू और बताओ क्या -२ लाला
तुमि  तो बुबू भूली  जे जाछा बूडी अकला

गोस्वामी जी : (यानी बूडा)

लाल मुखिया बनार का पोथ लियूना
तै दगाड खडयूनी क बया करुन
लाल मुखिया बनार का पोथ लियूना
वी  दगाड खडयूनी क बया करुन

आह आ..
पलकि जाओ तुमि दगे नि बालियानियु





एम.एस. मेहता /M S Mehta 9910532720


एक पुराना गीत... (Song on Jeeja & Saali) ...

यह जीजा (धनसिंह) जो कि जंगलात विभाग में चौकीदार है और उसकी साली (घस्यारी) जो कि अपने ब्याई हुई भैस के लिय मालू के पत्ते काट रही के बीच संवाद है.. जीजा साली को पहिले पहचानता नहीं और मालू काटने के लिए मना करता है, लेकिन साली उसे पहचान लेती है.. बाद में वह उसे पहचान लेता है और मालू काटने देता है.

चौकीदार:

पारकी भीड़ा को छै घस्यारी,
मालू ए तू मालू नि काटा, तू मालू ए...

    घस्यारी:
    वारकी भीड़ा मैं छूँ घस्यारी,
    मालू रे तू मालू काटण दे, तू मालू रे...

चौकीदार:
मालू काटी को पाप लागोंछौ,
मालू ए तू मालू नि काटा, तू मालू ए...

घस्यारी:

  भैंसी बिहै रे थोरी है रै छौ, भैंसी बिहै रे थोरी है रै छौ,
   मालू रे तू मालू काटण दे, तू मालू रे...

चौकीदार:

तै भैंसीकैणी भ्योल घुर्ये दे, तै थोरी कैणी गाड़ बगे दे,
तै भैंसीकैणी भ्योल घुर्ये दे, तै थोरी कैणी गाड़ बगे दे,
मालू ए तू मालू नि काटा, तू मालू ए...

घस्यारी:

   भैंसी छा भागी दीदी गें प्यारी, भैंसी छा भागी दीदी गें प्यारी
   थोरी छौ भागी मिकेणि प्यारी,
   भैसी बिहाली दुध पिवाली,
   मालू रे तू मालू काटण दे, तू मालू रे...

चौकीदार:

के छू ए तेरो दीदी को नामा,
के छू ए तेरो दीदी को नामा,
वीक मरदा के करों कामा,
मालू ए तू मालू नि काटा, तू मालू ए...

घस्यारी (मुस्कराते हुए):

   दीदी को नामा रामदुलारी, दीदी को नामा रामदुलारी,
   धनसिंगा भीना त्यरी अन्वारी,
  उनकी छूं मैं साली पियारी,
  मालू रे तू मालू काटण दे, तू मालू रे...

चौकीदार (हैरानी और खुशी से):
नौक नि मान्या मैंनी पछ्याणी, नौक नि मान्या मैंनी पछ्याणी,
धनसिंगा मैं छूँ तू मेरी साली.
गोरू बछा गें पन्यार नि पायुँ,
मालू ए तु मालु काटी ले, तू मालू रे...
रोज एजाये पारेकी ढई, वेती लि हैये दूध पराई.
मालू ए तु मालु काटी ले, तू मालू रे...

(Provided by our Member Virendra Singh Vashisth).

एम.एस. मेहता /M S Mehta 9910532720


शिखर जहाँ पर की भगवान मूल नारायण का पवित्र धाम है! इस चोटी को शिखर के नाम से जाना जाता है बागेश्वर जिले में ! जो की काफी ऊँचाई पर है ! इस शिखर पर के ऊँची चोटी पर बना यह झोडा (Jeeja Saali Song - In the Form of Jhoda )
   
Listen from Here:

http://ishare.rediff.com/music/kumaoni-others-jolly/chhodi-de-bhina-meri-dhameli/10060547

Lyrics :

महिलाये (Saali) -

ओह शिखर डाना घामा आगेछो
छोड़ दे  भीना मेरी धमेली 

पुरुष :

घाम छाडी बरखा हेजो
कसकी छोडो तेरी धमेली

महिलाये -
ओह शिखर डाना घामा आगेछो
छोड़ दे  भीना मेरी धमेली 

पुरुष :

घाम छाडी बरखा हेजो
कसकी छोडो तेरी धमेली

महिला :

सास देखली, सौर देखला
छोड़ दे  भीना मेरी धमेली 

महिला :

को देखला काली पातल
कासी के छड़ो तेरी धमेली

महिला :
स्वामी मेरो परदेश
छोड़ दे  भीना मेरी धमेली 

पुरुष :

ओह तेरी दीदी रिसा रेछो
कसीकी छोडो तेरी धमेली

महिला :

आसमान में काली बादल 
छोड़ दे  भीना मेरी धमेली 

पुरुष :
म्यार करमा यस छाना
कसी छोडो तेरी धमेली

महिला :

आसमान में काली बादल 
छोड़ दे  भीना मेरी धमेली 

पुरुष :
म्यार करमा यस छाना
कसी छोडो तेरी धमेली

पुरुष :

कैके दियो में दोष साली
कसी के छोडो तेरी धमेली

महिला :
ओह धरती पड़ी ओस
भीना छोड़ दे भीना तेरी धमेली

पुरुष :

कैके दियो में दोष साली
कसी के छोडो तेरी धमेली

महिला :

सनगाड़ कौतिक आये
छोड़ दे भीना तेरी धमेली

पुरष :

ओह तयार सौरासी आयी रुला
कसकी थामुल, तयार धमेली

महिला :

झोड़ चाचरी गैना भीना
छोड़ दे भीना तेरी धमेली

पुरष :

ओह तयार सौरासी आयी रुला
कसकी थामुल, तयार धमेली

महिला :

झोड़ चाचरी गैना भीना
छोड़ दे भीना तेरी धमेली

पुरष :

ओह मै पड़ेली मार साली
कसकी छोड़ त्यार धमेली

महिलाये -
ओह शिखर डाना घामा आगेछो
छोड़ दे  भीना मेरी धमेली 

पुरुष :

घाम छाडी बरखा हेजो
कसकी छोडो तेरी धमेली

एम.एस. मेहता /M S Mehta 9910532720


Dwarahaat (Bikhoti Fair Song)

चाय की घूंट पीकर के अब जा रही है दुर्गा और उसका पति द्वाराहाट के स्याल्दे बिखौती के मेले में रास्ते में छेड़ छाड़ करते हुए मस्त होकर पग डंडियों पर दोनों पति और पत्नी और वहा जाकर के दुर्गा खो गयी है भीड़ में और बेचारा पति उसे ढूंढ़ रहा है और पूछ रहा है लोगो से:

अल्खते बिखौती मेरी दुर्गा हरे गे
अले म्यार दगाड छि यो म्याव में, अले जानी कॉ छटिक गे| येल म्यार गाव गाव गाड़ी है, मी कॉ ढूंढ़उ इके इदु खूबसूरत छो यो, क्वे छटके लही जालो| क्वे गेवारिया या द्वार्हटिया तो म्यार खवाड फोड़ है जाल दाज्यू देखो ढाई तुमिल कति देखि?

अल्खते बिखौती मेरी दुर्गा हरे गे
सार कोतिक चान मेरी कमरा पटे गे
अल्खते बिखौती मेरी दुर्गा हरे गे
सार कोतिक चान मेरी कमरा पटे गे
दुर्गा चान चान मेरी कमरा पटे गे
अल्खते बिखौती मेरी दुर्गा हरे गे

ओ दाज्यू तुमले देखि छो
यारो बते दियो भागी
तुमले देखि छो यारो बते दियो भागी
रंगीली पिछोदी उकी कुटली घागेरी
आन्गेडी मखमली दाज्यू मेरी दुर्गा हरे गे

सार कोतिक चान मेरी कमरा पटे गे
सार कोतिक चान मेरी कमरा पटे गे
अल्बेर बिखौती मेरी दुर्गा हरे गे
द्वारहाट कोतिक मेरी दुर्गा हरे गे
स्याल्दे कोतिक मेरी दुर्गा हरे गे
दुर्गा चान चान मेरी कमरा पटे गे
दुर्गा चान चान मेरी कमरा पटे गे

दुर्गा मीके खाली मै तो कलि
गुलाबी मुखडी उकी काई काई आंखि
गुलाबी मुखडी उकी काई काई आंखि
गालडी उगे जैसी ग्यु की जै फुलुकी
गालडी उगे जैसी ग्यु की जै फुलुकी
सुकिला चमकीला दांता मेरी दुर्गा हरे गे

सार कोतिक चान मेरी कमरा पटे गे
सार कोतिक चान मेरी कमरा पटे गे
अल्बेर बिखौती मेरी दुर्गा हरे गे
अल्बेर बिखौती मेरी दुर्गा हरे गे
दुर्गा चान चान मेरी कमरा पटे गे
दुर्गा चान चान मेरी कमरा पटे गे
अल्बेर बिखौती मेरी दुर्गा हरे गे
अल्बेर बिखौती मेरी दुर्गा हरे गे
 

दाज्यू तैल बजार मैल बजार द्वाराह्ता कोतिक में
तैल बजार मैल बजार सार कोतिक में
सारी कोतिक ढूंढ़ई
हाय दुर्गा तू का मर गे छे पाई गे छे आंखी
हाय दुर्गा तू का मर गे छे पाई गे छे आंखी
मेरी दुर्गा हरे गे

सार कोतिक चान मेरी कमरा पटे गे
सार कोतिक चान मेरी कमरा पटे गे
अल्बेर बिखौती मेरी दुर्गा हरे गे
सार कोतिक चान चान मेरी कमरा पटे गे
दुर्गा चान चान मेरी कमरा पटे गे
दुर्गा चान चान मेरी कमरा पटे गे

अब मैं कसिक घर जानू दुर्गा का बिना
अब मैं कसिक घर जानू दुर्गा का बिना
कोतिका सब घर ल्हे गये
कोतिका सब घर ल्हे गये
धार लहे गो दिना
म्येर आंखी भरीं लेगे
दाज्यू किले हसन नै छ

सार कोतिक चान मेरी कमरा पटे गे
ओ हिरदा सार कोतिक चान मेरी कमरा पटे गे
सार कोतिक चान चान मेरी कमरा पटे गे
सार कोतिक चान चान मेरी कमरा पटे गे
अल्बेर बिखौती मेरी दुर्गा हरे गे
अल्बेर बिखौती मेरी दुर्गा हरे गे
हिरदा  दुर्गा हरे गे
बतै दे दुर्गा हरे गे
हिरदा  दुर्गा हरे गे
बतै दे दुर्गा हरे गे


(Provided by Himanshu Joshi, our member)

एम.एस. मेहता /M S Mehta 9910532720


उत्तराखंड के एक और बहुत ही लोक प्रिय गीत ! द्वाराहाट में मेले पर आधारित! जहाँ जीजा साली को मेले में चलने के कहता है और साली जीजा से बहुत सारे बहाने बनाती है, जैसे की उसके पास पहनने के लिए चप्पल नहीं, नाख में नाथ नहीं आदि .. जीजा कहता है ये सारी चीजे वहां मेले मे मिल जायेंगी बस उसे तैयार होना है मेले में जाने के लिए ! यही सब गाने के माध्यम से है ! और अंत में साली बोलती है वरखा लागी वरखा लागी !!.... देखिये यह लाइन इस लोक प्रिय गाने के

साली :
ओ भीना कसकी जानू द्वाराहाट
ओ भीना कसकी जानू द्वाराहाट

जीजा :

हिट साली कौतिक जानू द्वाराहाट
हिट साली कौतिक जानू द्वाराहाट

साली :

नाख  में नाठुली निहाती कसकी जानो द्वाराहाट
नाक में नाठुली निहाती कसकी जानो द्वाराहाट

जीजा :

वै सुनार वे गडूना द्वाराहाट
हिट साली कौतिक जानो द्वाराहाट
हिट हिट साली कौतिक जानो द्वाराहाट


साली :
ओ भीना कसकी जानू द्वाराहाट
ओ भीना कसकी जानू द्वाराहाट

जीजा :

हिट साली कौतिक जानू द्वाराहाट
हिट साली कौतिक जानू द्वाराहाट

साली :

खुटी में चपल नियाती कासी के जानो द्वाराहाट
खुटी में चपल नियाती कासी के जानो द्वाराहाट

जीजा :

वै दूकान वे मोलियूना द्वाराहाट
हिट साली कौतिक जानो द्वाराहाट
हिट हिट साली कौतिक जानो द्वाराहाट

साली :
ओ भीना कसकी जानू द्वाराहाट
ओ भीना कसकी जानू द्वाराहाट

जीजा :

हिट साली कौतिक जानू द्वाराहाट
हिट साली कौतिक जानू द्वाराहाट

साली :

ख्वार की बिंदुली नियाती कासी के जानो द्वाराहाट
ख्वार की बिंदुली  नियाती कासी के जानो द्वाराहाट

जीजा :

वै दूकान वे मोलियूना द्वाराहाट
हिट साली कौतिक जानो द्वाराहाट
हिट हिट साली कौतिक जानो द्वाराहाट

साली :
ओ भीना कसकी जानू द्वाराहाट
ओ भीना कसकी जानू द्वाराहाट

जीजा :

हिट साली कौतिक जानू द्वाराहाट
हिट साली कौतिक जानू द्वाराहाट

साली :

आंग में आगेडी नियाती कासी के जानो द्वाराहाट
आंग में आगेडी  नियाती कासी के जानो द्वाराहाट

जीजा :

वै दर्जी वे सिड्यूंन द्वाराहाट
हिट साली कौतिक जानो द्वाराहाट
हिट हिट साली कौतिक जानो द्वाराहाट

साली :
ओ भीना कसकी जानू द्वाराहाट
ओ भीना कसकी जानू द्वाराहाट

जीजा :

हिट साली कौतिक जानू द्वाराहाट
हिट साली कौतिक जानू द्वाराहाट

ओ हो वरखा लागी .. ..२ वरखा लागी !


obhina

एम.एस. मेहता /M S Mehta 9910532720


प्रहलाद सिंह महरा का यह गाना जो डीडीहाट पर बना है !

डीडीहाट की मेरी पारु प्राणी
अरे  डीडीहाट की मेरी पारु प्राणी
तू किले आयी मदकोट बाजार

महिला :

बरमा घाट मेरा राजू प्राण
बरमा घाट मेरा राजू प्राण
मै कसकी औंछी त्वीके क्या-२
मै कसकी औंछी त्वीके क्या-२


डीडीहाट की मेरी पारु प्राणी
अरे  डीडीहाट की मेरी पारु प्राणी

त्यार बाट चाना आँख पाटा गेयी
दिन डली गे, घाम बुडी गे ....2
फिर तू नी आयी
तवील झूटी के लगाई
किले करो करार ...२
तू किले आयी मदकोट बाजार

महिला

मै कसकी औंछी त्वीके क्या-२

पुरुष :
तू किले आयी मदकोट बाजार

महिला :
डीडीहाट बाजार में अंधेर हैई गे
बरखा की बौछार हे रे बर्फ पड़ी रे
गाडी चली ने .रोड खुली नी
मै कसकी औंछी त्वीके क्या-२
मै कसकी औंछी त्वीके क्या-२

पुरुष :

तेरी याद में रात में नीद नी आयी
तेरी याद में रात में नीद नी आयी ...२..
जियूंन तकी-२ तार गाणि मैली रात बीताई ..2
भयो मूड ख़राब, मीले पीदे शराब
भयो मूड ख़राब, मीले पीदे शराब

तू किले आयी मदकोट बाजार

महिला
मै कसकी औंछी त्वीके क्या-२

पुरुष :

डीडीहाट की मेरी पारु प्राणी
अरे  डीडीहाट की मेरी पारु प्राणी
तू किले आयी मदकोट बाजार

महिला
मै कसकी औंछी त्वीके क्या-२

http://ishare.rediff.com/music/romantic/tu-kilei-ni-aayee/10060620




एम.एस. मेहता /M S Mehta 9910532720



Gopal Babu Goswami Song : Baaj Huduki Muruli Meri Hosiya Naachli

ओ बाग्श्यरा कौथिक जूनो..............
ओ उत्तरैनी का मेला......
तू पैर ले लुकुडा सुवा......
उठ है जा हवा...

हाय बाज मुरूली हुडुकी
मेरी होसिया नाचली
बाना मेरी परुली
छुम छुम छुम

हाय बाज मुरूली हुडुकी
मेरी होसिया नाचली
बाना मेरी परुली
छुम छुम छुम

हे लाछ्का कमर तोडली
अंग अंग मोडली
लाछ्का कमर तोडली
अंग अंग मोडली
चम चम चम

लचका कमर मटका नजर छनका चूड़ी छमका झंवर
लचका कमर मटका नजर छनका चूड़ी छमका झंवर
हाय बाना मेरी  परुली
छैला मेरी छबीली
मेरी रूपसी नाचली
छम छम छम
बाना मेरी परुली
मेरी रूपसी नाचली
लाछ्का कमर तोडली
छुम छुम छुम

चमका बिंदुली हाय रे परुली गाव मे मावा नख मे नथुली
चमका बिंदुली हाय रे परुली गाव मे मावा नख मे नथुली
लाछ्का कमर तोडली
अंग अंग मोडली
लाछ्का कमर तोडली
अंग अंग मोडली
चम चम चम
मेरी होसिया नाचली
बाना मेरी परुली
लाछ्का कमर तोडली
चम चम चम

फूली बुरुशी फूली रे पेयुली धरती आज है गे पिंगली
फूली बुरुशी फूली रे पेयुली धरती आज है गे पिंगली
बाज मुरूली हुडुकी
मेरी होसिया नाचली
बाना मेरी परुली
मेरी गोपुली नाचली
मेरी होंसिया नाचली
बाना मेरी राजुली
छुम छुम छुम

Written in Forum : By our Member Himanshu Pathak ji

एम.एस. मेहता /M S Mehta 9910532720


चन्द्र सिंह राही  जी यह प्रसिद्ध गाना :

पुरुष (यानी राही जी )

हिट वे सुआ ग्वालदम की गाडी
मन लागो लायलूंन की साड़ी में

हे..हिट वे सुआ ग्वालदम की गाडी
मन लागो रेशम की साड़ी मा

महिला :

मी नि आन्दु दाग लागल
दाग लागल लायलूंन की साड़ी में ..... २

पुरुष (यानी राही जी )

बाकारो की तांध बागी बाकर की ताद
के नि हुनी मायादार, की नी हुनी बाद

हिट वे सुआ ग्वालदम की गाडी
मन लागो लायलूंन की साड़ी में

हे..हिट वे सुआ ग्वालदम की गाडी
मन लागो रेशम की साड़ी मा

महिला :

मी नि आन्दु दाग लागल
दाग लागल लायलूंन की साड़ी में ..... २

महिला :

तोड़ी जाल आम भागी,.. तोड़ी जाल आम
खुसर बसर लोग कराला, होल बदनाम
हां मी ना आन्दु , ग्वालदम की गाडी
दाग लागल लायलूंन की साड़ी में ..... २

पुरुष (यानी राही जी )

खेली जाल कौड़ भागी .. खेली जाली कौड़
हाथ जोडूनु, टोपी गडाणु तू माया पौडी

पुरुष (यानी राही जी )

हिट वे सुआ ग्वालदम की गाडी
मन लागो लायलूंन की साड़ी में

हे..हिट वे सुआ ग्वालदम की गाडी
मन लागो रेशम की साड़ी मा

महिला :

मी नि आन्दु दाग लागल
दाग लागल लायलूंन की साड़ी में ..... २

वार पार पीपला बीच में छाया ..2
वार पार पीपला बीच में छाया ..२
जानी तेरी पानी तीस तानी मेरी माया

हां मी ना आन्दु  दाग लागल लायलूंन की साड़ी में ..... २

पुरुष (यानी राही जी )

हिट वे सुआ ग्वालदम की गाडी
मन लागो लायलूंन की साड़ी में

हे..हिट वे सुआ ग्वालदम की गाडी
मन लागो रेशम की साड़ी मा

महिला :

मी नि आन्दु दाग लागल
दाग लागल लायलूंन की साड़ी में ..... २

साथ में :

घूमी ऊना ग्वालदम की गाडी में
चल घूमी ऊना ग्वालदम की गाडी में
माया लूना रौतेली दांतों में.



एम.एस. मेहता /M S Mehta 9910532720



देवर और भाभी एक बीच यह नोक झोक
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हरिया रुमाल भौजी, पिगली मीठा छो
हरिया रुमाल भौजी, पिगली मीठा छो
खानी रैयी भौजी, दाजू सिपाई छो!

भौजी :

फाटिया रुमाल दयोरा,  सड़ीया  मीठा छो
फाटिया रुमाल दयोरा,  सड़ीया  मीठा छो
तुमि खाओ छक्की भेर, मीरो खाई छो

कोरस :
खानी रैयी भौजी, दाजू सिपाई छो!

देवर :

घाघरी क घेर भौजी. घाघरी क घेर भौजी.
म्यार दाजू ले भेजी रखो, तू खाली कभेर
तू खाली कभेर , भौजी पिगली मीठा छो
खानी रैयी भौजी, दाजू सिपाई छो!

भौजी :

फाटिया रुमाल दयोरा,  सड़ीया  मीठा छो
फाटिया रुमाल दयोरा,  सड़ीया  मीठा छो
तुमि खाओ छक्की भेर, मीरो खाई छो

कोरस :
खानी रैयी भौजी, दाजू सिपाई छो!

भौजी :

नारंगी की दाणी देयोरा नारंगी की दाणी
तमि खाई हेछो, तमारी नी खाई, सड़ीया  मीठा छो
तुमि खाओ छक्की भेर, मीरो खाई छो

देवर :

हरिया रुमाल भौजी, पिगली मीठा छो
हरिया रुमाल भौजी, पिगली मीठा छो
खानी रैयी भौजी, दाजू सिपाई छो!