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Should Gairsain Be Capital? - क्या उत्तराखंड की राजधानी गैरसैण होनी चाहिए?

Started by एम.एस. मेहता /M S Mehta 9910532720, October 05, 2007, 12:23:04 PM

Do you feel that the Capital of Uttarakhand should be shifted Gairsain ?

Yes
97 (71.3%)
No
26 (19.1%)
Yes But at later stage
9 (6.6%)
Can't say
5 (3.7%)

Total Members Voted: 136

Voting closed: March 21, 2024, 12:04:57 PM

Devbhoomi,Uttarakhand

गैरसैंण राजधानी को यूकेडी करेगी संघर्ष
=====================


: यूकेडी (पी) के केंद्रीय अध्यक्ष त्रिवेंद्र पंवार ने गैरसैंण को राजधानी बनाने को पार्टी की प्राथमिकता बताया है। उन्होंने कहा कि अगर आगामी विधानसभा चुनावों में पार्टी सरकार बनाती है तो शपथ ग्रहण समारोह गैरसैण में ही आयोजित किया जाएगा।

शुक्रवार को जीएमवीएन गेस्ट हाउस में पार्टी के जिलाधिकारियों और विभिन्न प्रकोष्ठों के पदाधिकारियों की बैठक के बाद पत्रकारों से वार्ता करते हुए पंवार ने कहा कि राज्य में अस्थाई निवास के लिए नौ नवंबर 2000 की कट ऑफ राज्य के मूल निवासियों के साथ धोखा है।

राज्य सरकार केवल तीन मैदानी जिलों के हिसाब से योजनाएं तैयार कर रही है। राज्य सरकार पर आरोप लगाते उन्होंने कहा कि कुछ तथाकथित साधु वेश धारियों को धर्म के नाम पर करोड़ों की जमीन औने-पौने दामों पर बेची जा रही है। दूसरी तरफ, सैकड़ों गांवों के लोगों को विस्थापित करने के लिए सरकार जमीन न होने की बात कहती है।

उन्होंने कहा कि विधानसभा चुनावों को देखते हुए पार्टी पांच विशाल रैलियां आयोजित करेगी। उन्होंने कहा कि संगठन को मजबूत करने के लिए गांव-गांव में पार्टी कार्यकर्ता कार्य करेंगे।

http://in.jagran.yahoo.com/news/local/uttranchal/4_5_8290975.html

एम.एस. मेहता /M S Mehta 9910532720


UKD should go to public with this issue.

We need someone like Anna from Uttarakhand who takes this front and struggle of Capital.

Quote from: Devbhoomi,Uttarakhand on September 30, 2011, 10:11:24 PM
गैरसैंण राजधानी को यूकेडी करेगी संघर्ष
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: यूकेडी (पी) के केंद्रीय अध्यक्ष त्रिवेंद्र पंवार ने गैरसैंण को राजधानी बनाने को पार्टी की प्राथमिकता बताया है। उन्होंने कहा कि अगर आगामी विधानसभा चुनावों में पार्टी सरकार बनाती है तो शपथ ग्रहण समारोह गैरसैण में ही आयोजित किया जाएगा।

शुक्रवार को जीएमवीएन गेस्ट हाउस में पार्टी के जिलाधिकारियों और विभिन्न प्रकोष्ठों के पदाधिकारियों की बैठक के बाद पत्रकारों से वार्ता करते हुए पंवार ने कहा कि राज्य में अस्थाई निवास के लिए नौ नवंबर 2000 की कट ऑफ राज्य के मूल निवासियों के साथ धोखा है।

राज्य सरकार केवल तीन मैदानी जिलों के हिसाब से योजनाएं तैयार कर रही है। राज्य सरकार पर आरोप लगाते उन्होंने कहा कि कुछ तथाकथित साधु वेश धारियों को धर्म के नाम पर करोड़ों की जमीन औने-पौने दामों पर बेची जा रही है। दूसरी तरफ, सैकड़ों गांवों के लोगों को विस्थापित करने के लिए सरकार जमीन न होने की बात कहती है।

उन्होंने कहा कि विधानसभा चुनावों को देखते हुए पार्टी पांच विशाल रैलियां आयोजित करेगी। उन्होंने कहा कि संगठन को मजबूत करने के लिए गांव-गांव में पार्टी कार्यकर्ता कार्य करेंगे।

http://in.jagran.yahoo.com/news/local/uttranchal/4_5_8290975.html

एम.एस. मेहता /M S Mehta 9910532720



Since the Election are approaching near, Gairsain issue should be in the Election Manifesto of all the Parties.

Particularly, ruling BJP and Congress party.

एम.एस. मेहता /M S Mehta 9910532720


During the assembly election in 2012, social groups and political parties like UKD and Uttarakhand Parivartan Party etc should raise capital issue.

एम.एस. मेहता /M S Mehta 9910532720


This song of Narendra Sing Negi ji describe the condition of Hils (Pahad) why are flyng from hills to Dehradun and plain areas.

In fact the Gairsain should have been declared the permanent capital of Uttarakhand.


सभी धाणी देहरादून

सभी धाणी देहरादून
होणी खाणी देहरादून
छोड़ा पहाड़ीयु घोर -गोऊ
मारा ताणी देहरादूण
सभी ............................

सेरा गोऊ म बंजेणा-२
सेरा गोऊ म बंजेणा
बिस्वा लाणी देहरादून
छोड़ा पहाड़ीयु घोर -गोऊ
मारा ताणी देहरादूण
सभी ............................

खाल - धार टरकणी -2
खाल - धार टरकणी
खाणी- पीणी देहरादून
छोड़ा पहाड़ीयु घोर -गोऊ
मारा ताणी देहरादूण
सभी ............................

प्रजा पिते धार - खाल -2
प्रजा पिते धार - खाल
राजा-राणी देहरादून
छोड़ा पहाड़ीयु घोर -गोऊ
मारा ताणी देहरादूण
सभी ............................

भै - बन्ध अपणे छीन -२
भै - बन्ध अपणे छीन
हुवे बिराणी देहरादून
सभी ...................
छोड़ा पहाड़ीयु घोर -गोऊ
मारा ताणी देहरादूण

छांछ छ्वाले पहाड़ मा-2
छांछ छ्वाले पहाड़ मा
घीयु की माणी देहरादून
सभी ..........................
छोड़ा पहाड़ीयु घोर -गोऊ
मारा ताणी देहरादूण

टेहरी चमोली पौडी नाघी -२
टेहरी चमोली पौडी नाघी
बैरी खाणी देहरादून
सभी ..........................
छोड़ा पहाड़ीयु घोर -गोऊ
मारा ताणी देहरादूण

सबुन बोली गैरी सैण -२
सबुन बोली गैरी सैण
ऊन सुणी देहरादून सभी ..........................
छोड़ा पहाड़ीयु घोर -गोऊ
मारा ताणी देहरादूण

जल्डा सुखण पहाड़ उ मा -2
जल्डा सुखण पहाड़ उ मा
टुकु टहनी देहरादून
सभी ..........................

छोड़ा पहाड़ीयु घोर -गोऊ -2
मारा ताणी देहरादूण

Mahi Mehta


We wish capital of Uttarakhand should be shifted to its proposed place... Gairsain without any further delay. Otherwise, there could another agitation.


हलिया

गैरसैण राजधानी दो.
आज दो.
अभी दो.
चुनाव से पहले दो.
आचार संहिता से पहले दो.
नहीं तो पहाड़ से अन्ना आयेगा.
सपने में तुम्हें डराएगा.
डर से जब तुम जागोगे.
गद्दी छोड़ के भागोगे.


एम.एस. मेहता /M S Mehta 9910532720

Yes.. Even TPS Rawat also feel so.

गैरसैंण स्थायी राजधानी से होगा विकास : टीपीएस रावतDec 14, 06:26 pmबताएं
Twitter Delicious Facebook गैरसैंण : गैरसैंण जीआईसी मैदान में आयोजित रक्षा मोर्चा कार्यकर्ताओं की बैठक को संबोधित करते हुए मोर्चा प्रदेश अध्यक्ष टीपीएस रावत ने कहा कि भाजपा व कांग्रेस दोनों दलों ने गैरसैंण क्षेत्र की उपेक्षा की है। गैरसैंण स्थायी राजधानी बनाये जाने के मुद्दे को लेकर दोनों दलों ने गंभीरता से पैरवी नही की है।

रावत ने कहा कि प्रदेश में वर्तमान में भ्रष्टाचार, कमीशनखोरी चरम पर है और विभिन्न विभागों में पद रिक्ती के बाद भी युवाओं को रोजगार नही दिया जा रहा है। इस मौके पर प्रदेश के लोकगायक नरेन्द्र सिंह नेगी ने कहा कि भाजपा व कांग्रेस स्थानीय मुद्दों के हल को गंभीर नही हैं। मोर्चा जिलाध्यक्ष राजेन्द्र सिंह सगोई ने कहा कि नव सृजित रक्षा मोर्चा दल में युवा वर्ग विशेष रूचि ले रहे हैं और लोग अन्य दलों को छोड़ कर दल की सदस्यता ग्रहण कर रहे हैं। गैरसैंण विकासखंड के दूरदराज क्षेत्र से आये पूर्व सैनिकों, महिलाओं ने रैली में भाग लेकर भाजपा प्रदेश सरकार को सत्ता से उखाड़ फेंकने का संकल्प लिया। इस अवसर पर प्रेम सिंह बिष्ट, नयन सिंह, कुंवर सिंह, नंदन सिंह आदि विचार रखे।

(Dainik jagran).