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Children Lori in Uttarahkandi Language - बच्चो की लोरिया पहाड़ी में ?

Started by एम.एस. मेहता /M S Mehta 9910532720, May 16, 2010, 11:21:51 PM

एम.एस. मेहता /M S Mehta 9910532720



दोस्तों,

बचपन में देखा होगा, जब बच्चे रोते थे तो  बूबू और अम्मा उनको लोरिया गा कर सुलाती थी ! उत्तराखंड क़ी प्रसिद्ध पक्षी घुघती को लोरी गाने में भी इसका जिक्र किया जाता है! वैसे उत्तराखंड के अन्य लोक गीत भी घुघूती का काफी जिक्र है!

लोरी गाने में लोग स्थानीय झोडे, चाचरी आदि आ भी इतेमाल करते थे लेकिन अब यह नहीं रहा! बदलते दौर में छोटे बच्चे भी तड़क भड़क गाने सुनकर ही सो जाते है! फिर भी हमारी यहाँ पर कोशिश रहेगी क़ी अतीत के वो लम्हे एक बार फिर से यहाँ याद करे!  हम बचपन की कुछ लोरिया और झोडे यहाँ पर लिखंगे आशा है आप भी अपना सहयोग देंगे!

एम् एस मेहता


एम.एस. मेहता /M S Mehta 9910532720





एक प्रसिद्ध लोरी ... घुघुती पक्षी पर

अम्मा बच्चे को गोद में हिलाते हुए गाती है :

घुघुती बासूती
अम्मा कहाँ छू
बाडून (आगन के खेत ) में

की कारन रेई
पूड़ी पकून रेई

मीके देली न... ??




एम.एस. मेहता /M S Mehta 9910532720


This is the lori from Famous Feature Film of Uttarakhand.

Megha Aa.


घुघूती बासूती,
भाववा  (बच्चा) खालो दूध भाति
निनुरी निनुरी आ निनुरी कथे हनी

घुघूती बासूती,
भाववा  (बच्चा) सी जालो

Megha aa song Ghughuti basuti


एम.एस. मेहता /M S Mehta 9910532720


From : Vinod Jethuri (Dubai)

"घुघोती घुघोती घुघोती घुघोती
बल क्या खान्दी दुध भाती
घुघोती घुघोती
बस ईत्का हि याद छ बचपन मा सुनी या गीत"

एम.एस. मेहता /M S Mehta 9910532720

  यह भी एक लोरी है : नियानो का नियान (यानी नीद के लिए) सी जालो हमार (नाम बच्चे का) ईजा आली, दूध पिलाई बाज्यू आल, मिठाई लियाल ! नियानो का नियान (यानी नीद के लिए) सी जालो हमार (नाम बच्चे का)

पंकज सिंह महर

श्री नरेन्द्र सिंह नेगी जी ने एक मार्मिक लोरी लिखी और गाई है-

मेरे आख्यों का रतनबाआ स्ये जांदि....
निम्न लिंक पर

http://www.apnauttarakhand.com/meri-aankhon-ka-ratan-bala-se-jadi-narendra-singh-negi/

एम.एस. मेहता /M S Mehta 9910532720



I used to listen this Lori from my cousin grand mother. Shue used to sing a Jhoda in the form of Lori :-


जस पाल की कैजा (मैसी)
तू जस पाल हुला (हिला दे)


यानी जसपाल  की मौसी जसपाल को गोदी में रखकर हिला दे ताकि जसपाल जो सो जाए!


dayal pandey/ दयाल पाण्डे

में ली आजकल रोज ९ बजे से १० बजे तक अपने बच्चे सुलाने के लिए लोरी गाता हू जो इस प्रकार है -
१ - आ नीनू जा भूखा
आ नीनू जा भूखा
आ नीनू आ जा
भोव को सुला जा
भोव की इजा आली
भोव हू टॉफी ल्याली
भोव को चचा आला
भोव हू मीठे ल्याला
भोव का पापा आला
भोव हू बोल ल्याला
आ नीनू जा भूखा.................

२ - आ होली आ होली
भोव का मामा ढोली
मामा ढोल बजालो
भोव से जालो
आजा मामा आ जा
ढोली ढोल बजाजा
भोव को सुलाजा
आ होली जा भूखा..................


dayal pandey/ दयाल पाण्डे

3 - आ नीनू भववा आ नीनू आ नीनू
भोव की इसा आली, आ नीनू आ नीनू
भोव का बाबू आला, आ नीनू आ नीनू
भोव का अम्मा आली, आ नीनू आ नीनू
भोव का बुबू आला,आ नीनू आ नीनू
आ नीनू भववा आ नीनू आ नीनू ............