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Marriage Wishes to Mahenra Singh Dhoni & Sakshi Rawat !!

Started by एम.एस. मेहता /M S Mehta 9910532720, July 04, 2010, 02:23:17 PM

sanjaygarhwali





नई दिल्ली। धड़ल्ले   से चौके-छक्के मारने वाले माही ने चुपके चुपके मोहब्बत की किताब भी पढ़   डाली। लेकिन ये कब हुआ, कैसे हुआ। ये किसी को नहीं पता चला। आखिर धोनी के   दिल की धड़कन साक्षी से उनकी मुलाकात कैसे हुई। कैसे उनकी मुलाकात प्यार   में तब्दील हुई।
  दरअसल साक्षी रावत उन दिनों औरंगाबाद के इंस्टीट्यूट ऑफ होटल मैनेजमेंट में   पढ़ाई कर रही थीं। उस समय वो कोलकाता के होटल ताज में इंटर्नशीप कर रही   थी। उन्हीं दिनों फिल्म रेस के हिट होने पर जॉन अब्राहम ने एक पार्टी दी   थी। इस पार्टी में टीम इंडिया को भी न्यौता भेजा गया था। इसी पार्टी के   दौरान पहली बार धोनी की नजर साक्षी पर पड़ी और फिर वो उनकी खूबसूरती के   दीवाने हो गए।
  कहा तो ये भी जा रहा है कि धोनी और साक्षी दोनों रांची के डीएवी श्यामली   स्कूल में साथ साथ पढ़े हैं। इतना ही नहीं साक्षी के जीजा और उत्तराखंड में   डीआईजी के पद पर तैनात कुमार विश्वजीत के बीच पुरानी दोस्ती है। ऐसे में   धोनी ने शादी के बारे में अपने परिवार से बात की। दोनों परिवार मिले और फिर   लाखों दिलों की धड़कन महेंद्र सिंह धोनी की शादी खूबसूरत साक्षी से तय हो   गई।
  क्षी रावत से धोनी की सगाई तो हो गई है लेकिन धोनी और साक्षी का ये सिर्फ   एक मुलाकात में हुआ प्यार नहीं है। बल्कि धोनी बार बार कभी कोलकाता, कभी   मसूरी तो कभी औरंगाबाद के चक्कर लगाते नजर आए। जाहिर है माही और साक्षी की   मुलाकात कोई नई नहीं थी।
  लाखों दिलों के सपने तोड़कर धोनी अपनी ड्रीम गर्ल साक्षी रावत के साथ परिणय   सूत्र में बंधने जा रहे हैं। उनके सपनों की रानी उत्तराखंड की साक्षी रावत   है। लेकिन ऐसा नहीं है कि अचानक उन्होंने साक्षी को अपनी जीवन संगिनी   बनाने का फैसला कर लिया। पिछले लंबे समय से धोनी इसके लिए कभी कोलकाता, कभी   मसूरी तो कभी औरंगाबाद के चक्कर लगाते नजर आए।
ये खबरें तब गर्म हुईं जब वो दो साल पहले   सितंबर महीने में मसूरी में साक्षी रावत के साथ देखे गए। दरअसल साक्षी की   ममेरी बहन और बहनोई दोनों उत्तराखंड में आईपीएस हैं। साक्षी के जीजा ने उस   समय दबी जबान कबूल भी किया कि 13 सितंबर को धोनी उनके परिवार के साथ मसूरी   में थे।
  कोलकाता में इंटटर्नशीप के दौरान मुलाकात और फिर औरंगाबाद में एमबीए कर रही   साक्षी से धोनी का मेल जोल काफी पुराना है। साक्षी के पिता सालों पहले   पश्चिम बंगाल चले गए थे। वहीं कोलकाता के ताज होटल में पहली बार दोनों की   मुलाकात हुई। वो वहां किसी चाय बागान के मैनेजर हैं। इसके बाद औरंगाबाद में   एमबीए की पढ़ाई के दौरान भी वो साक्षी से मिलने औरंगाबाद पहुंचे। इतना ही   नहीं साक्षी का देहरादून आना जाना लगा रहता है। यहां वो अपनी ममेरी बहन के   घर रुकती हैं जबकि साक्षी के जीजा से धोनी की दोस्ती भी है। इन्हीं   मुलाकातों के दौरान दोनों एक दूसरे को दिल दे बैठे।
साक्षी की दीदी अभिलाषा ने भी दो साल पहले   ही कुछ हां और कुछ ना की तर्ज पर ही सही लेकिन इस रिश्ते को तो माना ही   था। अब जबकि धोनी साक्षी के नाम का सेहरा अपने सिर पर बांधने जा रहे हैं तो   हम तो यही दुआ करेंगे कि दो साल का ये प्यार अब सात जनमों तक चले।धोनी और   साक्षी के अचानक शादी के फैसले ने सबको चौंका दिया। किसी को भनक तक नहीं   लगी और सगाई हो भी गई। आज दोनों की शादी भी होने वाली है। लेकिन सवाल ये कि   आखिर अचानक से दोनों की शादी का फैसला क्यों लिया गया।
  अगर साक्षी रावत के करीबी दोस्त की माने तो ये फैसला दरअसल महेंद्र सिंह   धोनी के हाल ही में रिश्तों की चर्चा को लेकर किया गया है।
धोनी हमेशा से ही जितना गेम को लेकर चर्चा   में रहे। उनकी गर्लफ्रैंड्स को लेकर भी मीडिया की नजरें उन पर गड़ी रहीं।   शायद यहीं बातें धोनी के लिए परेशानी का सबब बनती रहीं। अचानक से सगाई के   लिए लिए गए धोनी के इस फैसले ने भले ही सबको हैरान कर दिया है। लेकिन अगर   साक्षी के करीबी दोस्तों की माने तो धोनी इन अफवाहों को लेकर काफी परेशान   थे। शायद इसीलिए सगाई का ये फैसला इतनी जल्दी में लिया गया
कुछ ही दिनों पहले की बात है जब आसिन के   साथ धोनी का नाम जोरदार तरीके से जोड़ा गया। यहां तक कहा गया कि जल्द ही   दोनों शादी करने वाले हैं। एक साल पहले धोनी और असिन ने साथ में दो टीवी   कमर्शियल किए। उसके बाद दोनों को एक प्रोडक्ट का ब्रांड एंबेसडर बनाया गया।   
  इतना ही नहीं 21 अप्रैल को आईपीएल 3 के पहले सेमीफाइनल मैच देखने के लिए   धोनी लोखंडवाला में आसिन के घर भी पहुंचे थे। ऐसे में साक्षी के एक करीबी   की मानें तो इन्हीं विवादों की वजह से धोनी और साक्षी ने इतनी जल्दी सगाई   का फैसला किया।
  आसिन से पहले धोनी का नाम दीपिका के साथ भी जमकर जोड़ा गया। क्रिकेट के   मैदान से लेकर रैंप तक दोनों साथ देखे गए। लेकिन जल्द ही ये खबर महज अफवाह   निकली और दीपिका का नाम पहले युवराज और फिर दूसरे सितारों के साथ जुड़ने   लगा। इसके बाद धोनी का नाम दक्षिण भारत की अभिनेत्री लक्ष्मी राय के साथ भी   सुर्खियों में रहा। लेकिन कैप्टन कूल ने इस बार भी मैदान की तरह ही सबको   चौंकाते हुए साक्षी रावत के साथ सगाई का फैसला किया ताकि इन चर्चाओं पर   विराम लग सके।



dayal pandey/ दयाल पाण्डे

भारतीय क्रिक्केट कप्तान महेंद्र सिंह धोनी को शादी की बहुत बहुत बधाइयाँ, मेरा पहाड़ उनके सुखी जीवन की कामना करता है

एम.एस. मेहता /M S Mehta 9910532720


Detailed news about Dhoni and Sakshi marriage ..

साक्षी के साथ माही ने लिए सात फेरे

विकास गुसाई/अंकुर अग्रवाल। भारतीय क्रिकेट टीम के कप्तान महेंद्र सिंह धौनी रविवार की शाम यहां अपनी मंगेतर साक्षी सिंह रावत के साथ सात फेरे लेकर परिणय सूत्र में बंध गये। इससे दून के नाम एक और कीर्तिमान जुड़ गया। शहर से करीब पच्चीस किलोमीटर दूर एक खूबसूरत रिजार्ट में वैदिक परंपराओं और कुमाऊंनी रीति-रिवाज के साथ विवाह की सभी रस्में पूरी हुई। बेहद गोपनीय ढंग से हुए इस समारोह में धौनी और साक्षी के परिजनों के साथ ही सिने स्टार जॉन अब्राहम, क्रिकेटर व धौनी के करीबी मित्र आरपी सिंह, सुरेश रैना, आशीष नेहरा, प्रवीण कुमार, पेप्सी की सीईओ इंदिरा नूई व कुछ अन्य नजदीकी मित्र शरीक हुए। फिल्म, खेल और उद्योग जगत की उन हस्तियों, जो कारणवश समारोह में नहीं आ पाए ने अलग-अलग माध्यमों से नव विवाहित जोड़े को बधाईयां भेजीं।

मूल रूप से उत्तराखंड के जनपद अल्मोड़ा रहने वाले महेंद्र सिंह धौनी और साक्षी रावत की शनिवार को सगाई हुई थी। सगाई की तरह रविवार को विवाह समारोह से भी मीडिया को पूरी तरह दूर रखा गया। शहर से 25 किलोमीटर दूर लोअर कंडोली स्थित घने जंगल के बीच विश्रांति रिजार्ट में यह समारोह आयोजित किया गया। यहां मेहमानों के बैठने के लिए बाकायदा दो बड़े वातानुकूलित पंडाल तैयार किए गए थे। जिन्हें शानदार लाईटिंग व रंग-बिरंगे फूलों से सजाया गया। मेहमानों के स्वागत के भी खास इंतजाम किए गए।

रिजार्ट में सुबह से ही मेहमानों के पहुंचने का सिलसिला शुरू हो गया था, जो देर शाम तक चला। करीब सवा आठ बजे घुड़चढ़ी की रस्म हुई। इस दौरान धौनी ने घोड़ी पर बैठकर रिजार्ट के ग्राउंड का एक चक्कर लगाया। रात करीब नौ बजे धौनी व साक्षी ने एक दूसरे को जयमाला पहनाई। मेहमानों से तालियों की गड़गड़ाहट से उनका स्वागत किया।

सूत्रों के अनुसार धौनी ने काले रंग की चमकदार शेरवानी पहनी थी। उस पर गुलाबी रंग का साफा डाला हुआ था। उनके सेहरे पर सफेद मोती व लाल गुलाब जड़े हुए थे। उनकी दुल्हन साक्षी गुलाबी रंग के लहंगे में सजी हुई थी, जबकि सभी बारातियों ने पीले रंग की पगड़ी पहनी थी।

जयमाला की रस्म के बाद दूल्हा-दुल्हन ने पहले धौनी के और फिर साक्षी के माता-पिता के पांव छूकर आशीर्वाद लिया। फिर डीआईजी व बड़ी बहन अभिलाषा व जीजा कुमार विश्वजीत से। इसके बाद बाकी नाते-रिश्तेदारों से आशीष लिया। हालांकि शादी के मंडप में डांस फ्लोर नहीं बनाया गया था, लेकिन खुशी के इस मौके पर धौनी के क्रिकेटर मित्र आरपी सिंह और सुरेश रैना खुद को नहीं रोक पाए। उनके साथ ही फिल्म अभिनेता जान अब्राहम, डीआईजी अभिलाषा बिष्ट और साक्षी की मौसेरी बहन पूर्णिमा ने जयमाला के बाद डांस भी किया। पांडाल में पूरे वक्त हिंदी व अंग्रेजी गाने लाइट म्यूजिक के साथ बजते रहे।

रात करीब 11:30 बजे विवाह मंडप में फेरों की रस्म शुरू हुई, जो 12:20 बजे तक चली। परिजनों व मेहमानों ने फूल बरसा कर दूल्हा-दुल्हन को शुभाशीष दिया। समारोह में मेहमानों की संख्या बेहद सीमित रखी गई थी। कुल मिलाकर 60 से 65 लोग ही इस दावत में बुलाए गए थे। इनमें धौनी के माता-पिता, चाचा, भाई-बहन और मामा के साथ ही करीब 25 लोग और कन्या पक्ष से साक्षी के माता-पिता, दादा, मामा-मामी, बहन-जीजा तथा चुनिंदा सहेलियां ही शामिल थीं।

इस मौके का गवाह बनने वाली प्रमुख हस्तियों में फिल्म अभिनेता व माही के करीबी दोस्त जॉन अब्राहम, क्रिकेटर आरपी सिंह, सुरेश रैना, आशीष नेहरा आदि भी शामिल थे। बीसीसीआई अध्यक्ष शशांक मनोहर, क्रिकेटर हरभजन सिंह व फिल्म निर्देशक फराह खान के भी समारोह में आने की चर्चा रहीं, हालांकि उनके समारोह में पहुंचने की किसी ने पुष्टि नहीं की।

इससे पहले सुबह 8.30 बजे साक्षी के दादा पूर्व आईएफएस मनोहर सिंह के 11 नेमी रोड स्थित आवास पर परिजनों, करीबी रिश्तेदारों व मित्रों की मौजूदगी में दुल्हन की हल्दी-हाथ की रस्म पूरी हुई। रात्रि 12:30 बजे मेहमानों के लौटने का सिलसिला शुरू हुआ। विवाह स्थल के बाहर दो किलोमीटर के दायरे तक सुरक्षा के कड़े प्रबंध किए गए थे। वहां किसी को फटकने भी नहीं दिया गया। धौनी के प्रशंसक और देशभर का मीडिया पूरे समय वहीं डटा रहा।

सुबह सात बजे होगी विदाई

रविवार रात परिणय सूत्र में बंधे महेंद्र सिंह धौनी की बारात की विदाई सोमवार सुबह सात बजे होगी। नव दंपती यहां से दिल्ली के लिए रवाना होंगे, वहां से उनका रांची जाने का कार्यक्रम है। पुलिस के एक आला अधिकारी ने इसकी पुष्टि की।

http://in.jagran.yahoo.com/news/local/uttranchal/4_5_6545938.html

Pawan Pahari/पवन पहाडी

महेंदर और साक्षी को हमारी तरफ से बहुत बहुत बधाई....... आपकी जोड़ी हमेसा   सलामत रहे.

एम.एस. मेहता /M S Mehta 9910532720

  (धौनी विवाह)सगाई की खबर ने पैतृक गांव ल्वाली को किया निहाल                Jul 04, 11:31 pm      बताएं         जैंती (अल्मोड़ा)। भारतीय क्रिकेट टीम के कप्तान महेन्द्र सिंह धौनी की सगाई व विवाह की खबर पढ़कर उनके पैतृक गांव लमगड़ा के ल्वाली में खुशी का माहौल है। उत्तराखंड की माटी के लाल की इस खुशी में ल्वाली गांव ही नहीं पूरा क्षेत्र शामिल नजर आता है।
ऐसा लग रहा है कि मानो इस क्षेत्र के घर के बेटे की सगाई व शादी हो रही हो। विवाह समारोह में शामिल होने के लिए महेन्द्र सिंह धौनी के गांव ल्वाली सालम से उनके चाचा धनपत सिंह धौनी, चाची माधवी देवी, चचेरा भाई वीरेन्द्र धौनी, उनके ननिहाल खुजेठी नैनीताल से करीबी रिश्तेदार देहरादून गए हैं। बहुत ही गुपचुप तरीके से हुए इस कार्यक्रम की भनक महेन्द्र सिंह धौनी के पैतृक गांव में भी नहीं थी। मीडिया के जरिये यह खबर गांववासियों को मिली, जिससे वह फूले नहीं समा रहे हैं। महेन्द्र सिंह धौनी की चम्पावत के देवीधूरा में ब्याही बहन जयंती का कहना है कि महेन्द्र धौनी का उत्तराखंड की धरती से गहरा लगाव रहा है। यही कारण है कि 12 मई 2003 को महेन्द्र का जनेऊ संस्कार परंपरागत तरीके से ल्वाली गांव में ही कराया गया था। उनकी शादी में शामिल होने गए महेन्द्र सिंह धौनी के चचेरे भाई वीरेन्द्र धौनी ने फोन पर बताया कि शीघ्र ही महेन्द्र अपने गांव ल्वाली आएगा, जहां अपने कुलदेवताओं की पूजा-अर्चना करेगा। उनके दूसरे चचेरे भाई दिनेश धौनी जो गांव में ही हैं, शादी से बहुत खुश हैं। उनका कहना है कि उन्हें अपने भाई व बहू का ल्वाली में बेसब्री से इंतजार है। यहां आने पर उनका जोरदार स्वागत किया जाएगा।

Pawan Pahari/पवन पहाडी

महेंदर और साक्षी को हमारी तरफ से बहुत बहुत बधाई ...... आपकी जोड़ी हमेसा   सलामत रहे.

KAILASH PANDEY/THET PAHADI

Mahi aur sakshi ko vaivaheek jiwan ki haardeek shubhkamanaye.



Meena Rawat

Bahut Bahut Badhai ho Dhoni aur Sakshi Rawat ko.........Dhoni ki wajah se Uttrakhand Culture ko hume Television me dekhne ko mila kafi acha laga :)