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Heera Singh Rana - हीरा सिंह राणा उत्तराखंड के प्रसिद्ध कवि एव गायक

Started by एम.एस. मेहता /M S Mehta 9910532720, November 13, 2007, 02:52:48 PM

Mukesh Joshi

धन्यवाद हेम दा
शायद मेरी तरह हमारे कई साथियों ने ये प्रोग्राम न देखा हो
+ मेरी तरफ से १ कर्मा

Sudarshan Rawat

mujhe hera singh rana ji ka gaya ye gaana bahut pasand hai..
mere manila daani hum tere bhalaye lyola....

Mukesh Joshi

ek bahut achhi rachna hai rana ji ki
gham hego dhar ma
biyakhuni ko par ma
nun jhun venai baaji
jab hari saar ma

अरुण भंडारी / Arun Bhandari

Ranaji ka har gana esa hai ki usmein se koi ek gane ko ye kahna ki ye aacha hai tik nahi hoga mein to bas itna kahunga ki unke jo gane CD "HIYO BHARI GO" mein hai bas ek baar wo CD chale jaye to phir apne aap ko nachne se rokna muskil hi hai......

एम.एस. मेहता /M S Mehta 9910532720


हीरा सिह राणा द्वारा रचित यह गाना :

आ लीली बाकुरी लीली
छियु.. .२. २..

आल बाकुरी नैनीताल डान
उती है रैयी कुरमोडी काना
पेट भारुली छियु... २

आ लीली बाकुरी लीली
छियु.. .२. २..

यह गाना मदन राम, एक उत्तराखंडी गायक ने यह गाना अपने एल्बम में गाया था !

एम.एस. मेहता /M S Mehta 9910532720



हीरा सिह राणा जी का यह गाना बहुत ही पुराना है,

मै भूली ना रैया
रानी रुमुल मा

गोरी छे गंगा
कालो छो पानी

मै भूली ना रैया
रानी रुमुल मा

एम.एस. मेहता /M S Mehta 9910532720

हीरा सिह राणा का यह गाना

जोड़ :

हे मछिले फटका मारी
हे बलुआ रेता मा
ओह शिया छाजी रैये
यो हरिया खेत मा

गाना

रंगीली बिंदी घागर काई
धोती लाल किनार वाई
हाई हाई रे मिजाता
होय होय रे मिजाता

एक हाथी दातुली छो
एक हाथी ईना
रंगीली घाघर पैरी
रेशमिया चैन
हाई हाई रे मिजाता
होय होय रे मिजाता

रंगीली बिंदी घागर काई
धोती लाल किनार वाई
हाई हाई रे मिजाता
होय होय रे मिजाता ...............


तू तसर फुन्द काई
धमेली वाली ओह
यस थासले हित दे भागी
टूट पडो बाजार
हाई हाई रे मिजाता
होय होय रे मिजाता

रंगीली बिंदी घागर काई
धोती लाल किनार वाई
हाई हाई रे मिजाता
होय होय रे मिजाता ...............


एम.एस. मेहता /M S Mehta 9910532720



This is latest song of Heera Singh Rana's album " Hasani Mukhim"

हीरा सिंह राणा जी हसनी मुखिम से यह गाना.

हसनी मुखिम कैकी लागी रे नराई
कैकी लागी रे नराई, कैकी लागी रे नराई

कैकी बाटी चा रेछे
आखी आयी वाई !!!!

हसनी मुखिम कैकी लागी रे नराई
कैकी लागी रे नराई, कैकी लागी रे नराई

जोड़.. 

कैकी लीजी फूली रेछो
होठो मा बुराश
तू घटिया धिकायी मा
हिरज क पास

हा .. हिय की तय मे कैकी लागी रे नराई
कैकी लागी रे नराई, कैकी लागी रे नराई

हसनी मुखिम कैकी लागी रे नराई
कैकी लागी रे नराई, कैकी लागी रे नराई
..............
जोड़.

हाँ... ह. लुट्पुती पीठा मा
यो बटिया धमेली
धमेली का संग हुना
कैकी हिया धर की

हा.. को छो तेरो दार
जैकी रूप लियो बलाई

कैकी रूप लियो बलाई . -२

हसनी मुखिम कैकी लागी रे नराई
कैकी लागी रे नराई, कैकी लागी रे नराई

जोड़..

पिगली रसली मुखी
रस को भानार ..  २.

कैकी दियो अनवार मुखी
यो यदि रंग्वार
त मुखी देखी पूरब उजाई
पूरब उजाई सुवा, सुवा पूरब उजाई

हसनी मुखिम कैकी लागी रे नराई
कैकी लागी रे नराई, कैकी लागी रे नराई

जोड़.

पकिया हिसालू जसी
कै है रे उमर .. २
नान बाड लागुछी
की कुंछी नि कर
उनकी हिय मे कैले  छो यो बात दबाई .

किले छू यो बात दबाई.. २.

हसनी मुखिम कैकी लागी रे नराई
कैकी लागी रे नराई, कैकी लागी रे नराई

एम.एस. मेहता /M S Mehta 9910532720


हीरा सिह राणा जी यह गीत जो की रंगीली बिंदी एल्बम से है ! पहाड़ के ब्यथा पर यह गाना 

घाम  गयो  धारा  मा ,
ब्याखुली  को  तार  मा ..

रुमझुम  बिनाई  बाजी ,
जब हरिया  श्यार  मा.
म्यार  ही भरी आयी ,
म्यार  ही भरी आयी

नान  गया  स्कूल मा ..
इज  बीजू  का कानी  मा ..
लेखी  ननु  ले  पाती  ...
अपन अपन  बाटी ..
काके  भागम  कलम चली ,
काले  खानिछा  माती ..
म्यार  ही भरी आयी ,
म्यार  ही भरी आयी

गया घसियार श्यार मा ,
ज्योद  दठुला  हाती  मा ,
शुर  मुरूली  बाजी...
रोल गढ़यारा  गाजी ..
रुमझुम  बिनाई  बाजी ,
जब हरिया  श्यार  मा.
म्यार  ही भरी आयी ,
म्यार  ही भरी आयी

घाम  गयो  धारा  मा ,
ब्याखुली  को  तार  मा ..