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Dhoni Uttarakhand Tiger mission ambassador- धौनी ब्रांड अंबेसडर बाघ संरक्षण

Started by एम.एस. मेहता /M S Mehta 9910532720, September 06, 2010, 08:05:35 AM

एम.एस. मेहता /M S Mehta 9910532720


It is never too to mend. No issue after marriage Dhoni's visit to his paternal hometown has increased and he is also actively participating such projects. I think we should not take it otherwise. This is a welcome step by the Govt as well as Dhoni.

We should also appreciate any step which is in betterment for the state as well.   

राजेश जोशी/rajesh.joshee

पंकज जी आप अपनी दूकान के प्रचार के साथ साथ अगर कोई सामाजिक संदश भी देते हैं तो इसमें कोई बुराई नहीं है यही काम एनडीटीवी और एयरसैल धोनी के माध्यम से कर रहे हैं, यह उत्तराखंड मात्र तक नहीं एक राष्ट्रीय विज्ञापन/अभियान का हिस्सा है| 

Quote from: पंकज सिंह महर on September 06, 2010, 02:10:56 PM
यह सही है कि यह युग व्यवसायीकरण का है। मैं एक दुकान खोलूं या एक फैक्ट्री लगाऊं तो उसका प्रचार-प्रसार करना तर्कसंगत होगा। लेकिन बिना किसी चीज के होते हुये सिर्फ विज्ञापन करना कहां का तुक है?

पंकज सिंह महर

Quote from: राजेश जोशी/rajesh.joshee on September 06, 2010, 02:28:38 PM
पंकज जी आप अपनी दूकान के प्रचार के साथ साथ अगर कोई सामाजिक संदश भी देते हैं तो इसमें कोई बुराई नहीं है यही काम एनडीटीवी और एयरसैल धोनी के माध्यम से कर रहे हैं, यह उत्तराखंड मात्र तक नहीं एक राष्ट्रीय विज्ञापन/अभियान का हिस्सा है| 

Quote from: पंकज सिंह महर on September 06, 2010, 02:10:56 PM
यह सही है कि यह युग व्यवसायीकरण का है। मैं एक दुकान खोलूं या एक फैक्ट्री लगाऊं तो उसका प्रचार-प्रसार करना तर्कसंगत होगा। लेकिन बिना किसी चीज के होते हुये सिर्फ विज्ञापन करना कहां का तुक है?

मैने यह बात उत्तराखण्ड का ब्रांड एम्बेसडर बनाये जाने के आलोक में कही है, विज्ञापन मैं भी देखता हूँ।

सत्यदेव सिंह नेगी

पंकज दा एकदम सही बोले हैं जी  पहाड़ की यही बदकिस्मती रही है की लोग शब्दों के मायने अपने पक्ष में मोड़ लेते हैं और पंकज दा जैसे सीघे साधे पहाड़ी बार बार ठग लिए जाते हैं आन्दोलनकारियों के साथ हर बार मजाक होता रहा हैं अगर आज धोनी का कैरियर उफान पर है तो उसके साथ जुड़ने के लिए लोग अपनी दुकान का पता दें उत्तराखंड की जनता के पैसे का इस तरह बेजा इस्तेमाल अमानवीय है
Quote from: राजेश जोशी/rajesh.joshee on September 06, 2010, 02:28:38 PM
पंकज जी आप अपनी दूकान के प्रचार के साथ साथ अगर कोई सामाजिक संदश भी देते हैं तो इसमें कोई बुराई नहीं है यही काम एनडीटीवी और एयरसैल धोनी के माध्यम से कर रहे हैं, यह उत्तराखंड मात्र तक नहीं एक राष्ट्रीय विज्ञापन/अभियान का हिस्सा है| 

Quote from: पंकज सिंह महर on September 06, 2010, 02:10:56 PM
यह सही है कि यह युग व्यवसायीकरण का है। मैं एक दुकान खोलूं या एक फैक्ट्री लगाऊं तो उसका प्रचार-प्रसार करना तर्कसंगत होगा। लेकिन बिना किसी चीज के होते हुये सिर्फ विज्ञापन करना कहां का तुक है?

dayal pandey/ दयाल पाण्डे

धोनी एक icon  हैं अगर वो बाघों को बचाने की बात कहते हैं एक अच्छा सन्देश सब तक पहुचेगा इसका कोई मतलव नहीं है की धोनी उत्तराखंड के हैं या बाहर के हैं ये ख़ुशी की बात है की उनका पैत्रिक स्थान उत्तराखंड है मैं उत्तराखंड का हूँ कहकर ही सब नहीं हो जाता है करने से होता है विज्ञापन तो उसे कही से मिल  जायंगे, उत्तराखंड का विज्ञापन लेना यही दर्शाता है की ब्यक्ति के मन में राज्य के प्रति कुछ प्रेम है     

सत्यदेव सिंह नेगी

उल्टा होना तो ये चाहिए था की धोनी किसी ऐसे गाँव को गोद ले लेता जिसपर कुदरत का कहर बरपा है देव भूमि उसे दिल से दुआ देती अब इस बात पर चर्चा होनी चाहिए की उसे ब्रांड ऐम्बस्टर बनाने मी किसे कितना कमीशन  मिला

dayal pandey/ दयाल पाण्डे

 हमारी नजर हमेशा दुसरे पर रहती है हम अपने सामर्थ के अनुसार क्या कर सकते हैं ये हम कभी सोचते ही नहीं धोनी के पास कितना ही पैसा हो वह हमारे कण्ट्रोल मैं नहीं है धोनी ही नहीं बहुत सारे लोग हैं जिनके पास अपार पैसा है लेकिन हमारा अपने ऊपर नियंतरण होता है हम भी चाहें तो १०० की kamai का ५% अच्छे कामो में लगा सकते हैं 

Harish Rawat

Quote from: dayal pandey/ दयाल पाण्डे on September 06, 2010, 02:51:06 PM
धोनी एक icon  हैं अगर वो बाघों को बचाने की बात कहते हैं एक अच्छा सन्देश सब तक पहुचेगा इसका कोई मतलव नहीं है की धोनी उत्तराखंड के हैं या बाहर के हैं ये ख़ुशी की बात है की उनका पैत्रिक स्थान उत्तराखंड है मैं उत्तराखंड का हूँ कहकर ही सब नहीं हो जाता है करने से होता है विज्ञापन तो उसे कही से मिल  जायंगे, उत्तराखंड का विज्ञापन लेना यही दर्शाता है की ब्यक्ति के मन में राज्य के प्रति कुछ प्रेम है   

दयाल दा से मै सहमत हूँ ....अगर कोई भी उत्तराखंड की किसी भी चीज को बचाने के लिए आगे आता है तो उसका मै समर्थन करूँगा   चाहे वो जन , जंगल  या जानवर कुछ भी क्यों ना हो

एम.एस. मेहता /M S Mehta 9910532720


मित्रो..

मेरे हिसाब से राज्य के हित में कोई कार्य अच्छा हो रहा है तो हमें उसकी प्रशंशा करनी चाहिए! एक समय था हम सब लोगो का धोनी से नाराजगी थी की धोनी ने कभी भी उत्तराखंड से अपना पैत्रिक नाता होने की बात कबूल नहीं की और वह कभी भी उत्तराखंड में नहीं आया!

अगर शादी के बाद वह अपनी मिटटी से और राज्य के विकास में भागीदारी करना चाहता है तो इसमें शायद हम लोगो को कोई आपत्ति नहीं होनी चाहिए! बल्कि इस विषय को सकारात्मक रूप में लेना चाहिए !

क्यों हम एक बात को लेकर धोनी के पीछे पड़े हुयी की उसने कभी नहीं कहा की उसका उत्तराखंड से नाता है! मैंने कितने की न्यूज़ पेपर में और टीवी इंटरवियु में देखा है धोनी के अपना उत्तराखंड राज्य से समंध के जिक्र किया है!

हमारा बहुत ज्यादे भावनाओं में बहना भी उचित नहीं के जब -२ धोनी में "मैंन आप द मैच मिले" मंच में जाके कह में उत्तराखंड से हूँ ! हमारे राज्य के सरकारों ने उसे कितनी बार सम्मानित किया है, इसके हम क्यों नहीं देखते!

हमारी तरफ से कितनी पहल रही है?

जो भी मेरे हिसाब से हमे धोनी का इस योगदान की सराहना करनी चाहिए !

" देर आये पर दुरुस्त आये"... हिमालय पुत्र, भारत का गौरव !


दीपक पनेरू


सर बिज्ञापन लेने से कुछ नहीं होता है, "मन चंगा तो कठोती में गंगा", अच्छा   एक बात समझाइए बाघों के संरक्षण के लिए जो विज्ञापन बनेगा उसके खर्चे के   साथ साथ धोनी को दिया जाने वाला पारिश्रमिंक ये किसके द्वारा वहन किया   जायेगा मैं ये पूछना चाहूँगा..........?

Quote from: dayal pandey/ दयाल पाण्डे on September 06, 2010, 03:03:03 PM
हमारी नजर हमेशा दुसरे पर रहती है हम अपने सामर्थ के अनुसार क्या कर सकते हैं ये हम कभी सोचते ही नहीं धोनी के पास कितना ही पैसा हो वह हमारे कण्ट्रोल मैं नहीं है धोनी ही नहीं बहुत सारे लोग हैं जिनके पास अपार पैसा है लेकिन हमारा अपने ऊपर नियंतरण होता है हम भी चाहें तो १०० की kamai का ५% अच्छे कामो में लगा सकते हैं