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Narendra Singh Negi: Legend Singer Of Uttarakhand - नरेन्द्र सिंह नेगी

Started by Anubhav / अनुभव उपाध्याय, October 05, 2007, 03:13:40 PM

Mukesh Joshi

सभी धाणी देहरादून
होणी खाणी देहरादून
छोड़ा पहाड़ीयु घोर -गोऊ
मारा ताणी देहरादूण
सभी ............................

सेरा गोऊ म बंजेणा-२
सेरा गोऊ म बंजेणा
बिस्वा लाणी देहरादून
छोड़ा पहाड़ीयु घोर -गोऊ
मारा ताणी देहरादूण
सभी ............................

खाल - धार टरकणी -2
खाल - धार टरकणी
खाणी- पीणी देहरादून
छोड़ा पहाड़ीयु घोर -गोऊ
मारा ताणी देहरादूण
सभी ............................

प्रजा पिते धार - खाल -2
प्रजा पिते धार - खाल
राजा-राणी देहरादून
छोड़ा पहाड़ीयु घोर -गोऊ
मारा ताणी देहरादूण
सभी ............................

भै - बन्ध अपणे छीन -२
भै - बन्ध अपणे छीन
हुवे बिराणी देहरादून
सभी ...................
छोड़ा पहाड़ीयु घोर -गोऊ
मारा ताणी देहरादूण

छांछ छ्वाले पहाड़ मा-2
छांछ छ्वाले पहाड़ मा
घीयु की माणी देहरादून
सभी ..........................
छोड़ा पहाड़ीयु घोर -गोऊ
मारा ताणी देहरादूण

टेहरी चमोली पौडी नाघी -२
टेहरी चमोली पौडी नाघी
बैरी खाणी देहरादून
सभी ..........................
छोड़ा पहाड़ीयु घोर -गोऊ
मारा ताणी देहरादूण

सबुन बोली गैरी सैण -२
सबुन बोली गैरी सैण
ऊन सुणी देहरादून
सभी ..........................
छोड़ा पहाड़ीयु घोर -गोऊ
मारा ताणी देहरादूण

जल्डा सुखण पहाड़ उ मा -2
जल्डा सुखण पहाड़ उ मा
टुकु टहनी देहरादून
सभी ..........................

छोड़ा पहाड़ीयु घोर -गोऊ -2
मारा ताणी देहरादूण

खीमसिंह रावत

Quote from: mukesh joshi on November 03, 2008, 12:42:07 PM


मंगसीर बैख ढाकर जाला
मर्च बिकैक गुड लूण  ल्योला
पूष का मैना जड़ो  च भारी
बिना स्वामी कि कु होली निर्भागी नारी
बारा मैनो की.....

माघ मॉस बीच मकरेण आली
कन होली भग्यान जु हरद्वार जाली
फागुण मैना होरी खिलेली
रसीला गीतों सुणी जिकुडा झुरोली
बारा मैनो की.....

बारा मैनो की बारामास गायी
घगरी फटीक घुंडियों माँ आयी २
 


Bahut sunder rachana hai / likhane ke liye dhanyabad

Mukesh Joshi

शिक्षित बेरोजगारी पर नेगी जी की  ये रचना और साथ में  उत्तराखंड की शिक्षा प्रणाली को भी दर्शाती है

मिन बी, ऐ पास कैरियाली ,मुंड मथा भारू धैरियाली -२
मिन भी .. मिन भी
मिन भि, भा..............रे

कोरस ....मिन बी, ऐ पास कैरियाली ,मुंड मथा भारू धैरियाली -२
मिन भी .. मिन भी
मिन भि, भा..............रे

गरी च डिग्री असक च भारू
कख लिजाऊ कख जी धारू  २
कोरस ....गरी च डिग्री असक च भारू
कख लिजाऊ कख जी धारू  २
पैली छो मुण्ड मा कर्ज को थूपडो
डिग्री को डालो भि माथि धरियाली
धरियाली .........धरियाली ........धरियाली ..........भारे
मिन बी, ऐ पास कैरियाली ,मुंड मथा भारू धैरियाली -
..कैरियाली........भारे
डिग्री न लम्बा पाठ पढ़नी- २
कमाई सोर्ट- कट गुर नि बतैनी
डिग्री न लम्ब लम्बा पाठ पढ़नी
कमाई सोर्ट- कट गुर नि बतैनी
इतिहास  भूगोल पढ़ें गुरुजिन
प्रेम कु पाठ मिन अफी पढ़ी याल 
पैढ़याली ....पैढ़याली
पैढ़याली   भारे .......
मिन ...................................
33% 3rd division
बिन teachro का पास हुआ कन--२
जन भि हुवा पार हवे त गया यार
अब ग्रेजुएट चोल पैरयाली
पैरयाली .........पैरयाली
पैरयाली ..........भारे .......
मिन ...................................
छोटा धंधो मा हाथ क्या रखन
खाण त छाकेकी जरा क्या चख ण
छोटा धंधो मा
हाथ क्या रखन
खाण त छाकेकी जरा क्या चख ण
ढेकदारी कु लेसंस बणोंण
सरकारी नौकरी आस छोडियाली
छोडियाली......छोडियाली
.छोडियाली..........भारे
मिन .................................

हेम पन्त

महंगाई से त्रस्त आम जनता का दर्द दर्शाता नेगी जी का गाना, उनकी नयी एल्बम "मायाकु मुन्दार" से

कन क्वै खेचण अब भारी गरि ह्वै गै जिन्दगी.
ना भै हमारा बसै नि इथगा महंगि जिन्दगी..

आटो,चौंल मैंगो हैगे मैंगि दाल तेल,
चाहा, चिनी, दारु महंगि कन क्वै बचोलु सरैल
कै दिन सूणी लिया बल फांस खैगे जिन्दगि
ना भै हमारा बसै नि रै या महंगि जिन्दगी..
कन क्वै खेचण अब भारी गरि ह्वै गै जिन्दगी.

आवत जावत महंगि, महंगि झगुलि टोपलि खीस
निखानि निसैणि करणा छि गरिबों कि, मैंगै का ये झीस
झीस तुमरो बिरान्दि झणान्दि रैगे जिन्दगी
ना भै हमारा बसै नि रै या महंगि जिन्दगी..
कन क्वै खेचण अब भारी गरि ह्वै गै जिन्दगी.

सैरा बजार बणाग लांगीछ, चीज-वस्तु मां करन्ट
जों पर जनता को भारी भरोसो छो, वों भि हुया छन सन्ट
यूं नेतों की झूटी बातों में ऐगे जिन्दगी
ना भै हमारा बसै नि रै या महंगि जिन्दगी..
कन क्वै खेचण अब भारी गरि ह्वै गै जिन्दगी.

जमाखोर, मुनाफाखोर चलोणा मनमर्जी सरकार
जनता बिचारि कन कणि सौणि, मैंगै की ई मार
सस्ता जमाना को बाटो हैरदि रैगी जिन्दगी
ना भै हमारा बसै नि रै या महंगि जिन्दगी..
कन क्वै खेचण अब भारी गरि ह्वै गै जिन्दगी.

हेम पन्त

नरेन्द्र नेगी जी की नई एलबम "मायाकु मुन्दार" का एक और गाना...

देवभूमि को नौं बदलि, बिजली भूमि कर्याली जी
उत्तराखण्ड कि धरती यून डामुन डाम्यालि जी
डामुन डाम्यालि जी, सुरंगुन खैण्यालि जी
उत्तराखण्ड कि धरती यून डामुन डाम्यालि जी.....

नदि-नयाल, खाल, धार, हवा-पानि बेच्यालि जी
जल जंगल जमीनु का पुश्तैनी हक छिन्यालि जी...
उत्तराखण्ड कि धरती यून डामुन डाम्यालि जी.....

व्योपारि ह्वै गैनि नेता सरकार सौकार जी
कर्ज कि झीलों मां यूं न जनता डुबा ह्यालि जी
उत्तराखण्ड कि धरती यून डामुन डाम्यालि जी.....

गंगा, जमुना गोमति कोसी जीवन देण वालि जी
बिजली का तारो मां हमरो जीवन टांगि हालि जी
उत्तराखण्ड कि धरती यून डामुन डाम्यालि जी.....

हमारा घर, कुङि-पुंगङि, बणों मां बिजलि घर बणालि जी
जनता बेघरबार होलि सरकार रुपया कमालि जी
उत्तराखण्ड कि धरती यून डामुन डाम्यालि जी.....

Mukesh Joshi

लस्का ढसका मा चली तेरी फौन्दी धौंपेली ( फ़िल्म चक्रचाल)
red- male
blue- female
लस्का ढसका मा चली तेरी फौन्दी धौंपेली-2
कभी यी पाली लस्स कभी वीं पली लस्स
कभी ये छोड़ लस्स कभी वे छोड़ लस्स


लस्का ढसका मा चली मेरी फौन्दी धौंपेली-२
कभी यी पाली लस्स कभी वीं पली लस्स
कभी ये छोड़ लस्स कभी वे छोड़ लस्स

लस्का ढसका मा चली तेरी फौन्दी धौंपेली हाँ चली
तेरी छाली आंखियुंन छले धरम इमान
तेरी जाली मायान बणे दुनिया बेमान
तेरी छाली आंखियुंन छले धरम इमान
तेरी जाली मायान बणे दुनिया बेमान


मेरी बाली जवानी का चिफ्ला बाठों हिटी-२
कभी हे कभी हे कभी क्वी रौडी घस्स कभी क्वी रौडी घस्स
कभी ये छोड़ लस्स कभी वे छोड़ लस्स


लस्का ढसका मा चली तेरी फौन्दी धौंपेली हाँ चली

बिरडी गेनी भला भला लोग ठुमकों मा मेरा
अल्झी गेनी कन कना जोगी झुमकों मा मेरा
बिरडी गेनी भला भला लोग ठुमकों मा मेरा
अल्झी गेनी कन कना जोगी झुमकों मा मेरा


तेरा ठुमकों देखि तेरा घुंगरू सुणी-२
कभी हे कभी हो कभी हिया मा hir  कभी जिकुड़ी मा झस्स
कभी यी पाली लस्स कभी वीं पली लस्स


लस्का ढसका मा चली मेरी फौन्दी धौंपेली

पौणा चली जला भोल लेकी डोला बारात

अध् बट्टा  मा न छोड़ बिन्गै जा पूरी बात

मैम राली समुण तेरी मुल मुल हैन्सी-२
कभी मुख फेरी ठस कभी मै देखि ठस
कभी ये छोड़ लस्स कभी वे छोड़ लस्स


लस्का ढसका मा चली मेरी फौन्दी धौंपेली हाँ चली-२
कभी यी पाली लस्स कभी वीं पली लस्स
कभी ये छोड़ लस्स कभी वे छोड़ लस्स

कभी यी पाली लस्स कभी वीं पली लस्स
कभी ये छोड़ लस्स कभी वे छोड़ लस्स

Mukesh Joshi

फ़िल्म - घरजवै


रुमझुमा रुमझुमा रुमझुमा रुमझुमा
रूम झूमा रूम झूमा रूम झूमा
रुमझुमा रुमझुमा रुमझुमा रुमझुमा
रूम झूमा रूम झूमा रूम झूमा

बरखा झुकी ऐगे डांडीयूँ कुयेडी छैगे रूम झुमा रूम झुमा
बिजली चम्कैगे हाय मन मेरु घबरैगे रूम झुमा रूम झुमा
बरखा झुकी ऐगे डांडीयूँ कुयेडी छैगे रूम झुमा रूम झुमा-२
रूम झुमा रूम झुमा हए रूम झुमा रूम झुमा

तन भिजिगे मन भिजिगे हए गोरु बदन भिजिगे-२
ज्वानी की झकझोर मा छोरी, ज्वानी की झकझोर मा छोरी
फ्योली जसी तू खिलिगे
कालू बदल छैगे, सरू अंधेरु ह्वेगे
कालू बदल छैगे हए सरू अंधेरु ह्वेगे
रूमझुमा रूमझुमा-२
रूम झुमा रूम झुमा हए रूम झुमा रूम झुमा

मेरा दिल कु चैन चलिगे आंख्युं की नींद उडिगे-२
तेरी मेरी माया की डौंडी, तेरी मेरी माया की डौंडी
सैरा गोंउ मा पिटिगे
कनी आफत ऐगे, बदनामी ह्वेगे
कनी आफत ऐगे हए बदनामी ह्वेगे हए रुमझुमा रुमझुमा
रूम झुमा रूम झुमा हए रूम झुमा रूम झुमा

सुध बुध हर्चिगे मेरी मीठी मीठी छुयुं मा तेरी-२
सुप्न्यों मा एकी तुभी सुप्न्यों मा एकी तूभी त निंद उड़ानदी मेरी
मन मगन ह्वेगे, तन अगन लैगे
मन मगन ह्वेगे हए तन अगन लैगे हए रुमझुमा रुमझुमा
रूम झुमा रूम झुमा हए रूम झुमा रूम झुमा

हए बरखा झुकी ऐगे डांडीयूँ कुयेडी छैगे रूम झुमा रूम झुमा
हए रूम झूमा रूम झूमा हए रूम झूमा रूम झूमा
हए रूम झूमा रूम झूमा हए रूम झूमा रूम झूमा

Mukesh Joshi

नेगी जी का ये गाना बड़ा ही मार्मिक और भावपूर्ण है, इसमें नेगी जी ने पहाडो की नारी की जीवन गाथा का वर्णन किया है, की हमारे पहाडों की नारी किस तरह से प्रीत की कोमल डोर की तरह हैं और पर्वत की तरह कठोर भी है. और साथ में उसकी दिनचर्या का भी वर्णन

प्रीत सी कुंगली डोर सी छिन ये
पर्वत जन कठोर भी छिन ये
हमारा पहाडू की नारी.. बेटी ब्वारी
बेटी ब्वारी पहाडू की बेटी ब्वारी-२

बिन्सिरी बीटी धान्यु मा लगीन, स्येनी खानी सब हरचिन-२
करम ही धरम काम ही पूजा, युन्कई ही पसिन्यांन हरिं भरिन
पुंगड़ी पटली हमारी बेटी ब्वारी
बेटी ब्वारी पहाडू की बेटी ब्वारी-२

बरखा बतोन्युन बन मा रुझी छन, पुंगडा मा घामन गाती सुखीं छन-२
सौ सृंगार क्या होन्दु नि जाणी
फिफ्ना फत्याँ छिन गालोडी तिड़ी छिन
काम का बोझ की मारी बेटी ब्वारी
बेटी ब्वारी पहाडू की बेटी ब्वारी-२

खैरी का आंसूंन आंखी भोरीं चा,मन की स्याणी गाणी मोरीं चा -2
सरेल घर मा टक परदेश, सांस चनि छिन आस लगीं चा
यूँ की महिमा न्यारी बेटी ब्वारी
बेटी ब्वारी पहाडू की बेटी ब्वारी-२

दुःख बीमारी मा भी काम नि टाली,घर बाण रुसडू यखुली संभाली -२
स्येंद नि पै कभी बिजदा नि देखि, रत्ब्याणु सूरज यूनी बिजाली

युसे बिधाता भी हारी बेटी ब्वारी
बेटी ब्वारी पहाडू की बेटी ब्वारी-२
प्रीत सी कुंगली डोर सी छिन ये
पर्वत जन कठोर भी छिन ये
हमारा पहाडू की नारी.. बेटी ब्वारी
बेटी ब्वारी पहाडू की बेटी ब्वारी-2

Mukesh Joshi

ये गीत के बोल ऑरकुट में नेगी जी की कोमनीटी में योगेश जी द्वारा उपलब्ध किए गए है

इस लोरी को मै सुनते हुवे लिख रहा था तो मेरी आँखों में पानी आ गया और आप सुनोगे तो जरुर आपका मन भी उन यादों में खो जायेगा, मा अपने बच्चे को सुला रही है वो उसे बोल रही है हे मेरी आँखों के रतन सोजा उसे अभी घर के बहुत सरे काम करने हैं सोजा उसके साथ की सहेलियों ने सरे काम कर दिए हैं और उसके सरे काम ऐसे ही पड़े हुवे हैं

हे मेरी आंख्युं का रतन
बाला स्ये जादी,बाला स्ये जादी
दूध भात दयोलू मी ते तैन
बाला स्ये जादी-२
हे मेरी आंख्युं का रतन
बाला स्ये जादी-४
मेरी औंखुडी पौन्खुड़ी छै तू, मेरी स्याणी छै गाणी
मेरी स्याणी छै गाणी
मेरी जिकुड़ी उकुड़ी ह्वेल्यु रे स्येजा बोल्युं मानी
स्येजा बोल्युं मानी
न हो जिधेर ना हो बाबु जन बाला स्ये जादी
दूध भात दयोलू मी ते तैन,बाला स्ये जादी
तेरी घुन्द्काली तू की मुट्ठ्युं मा मेरा सुखी दिन बुज्याँन
मेरा सुखी दिन बुज्याँन
तेरी टुरपुरि तों बाली आंख्युं मा मेरा सुप्न्या लुक्याँन
मेरा सुप्न्या लुक्याँन
मेरी आस सांस तेम ही छन बाला स्ये जादी
हे मेरी आंख्युं का रतन, बाला स्ये जादी
हे पापी निंद्रा तू कख स्येंयी रैगे आज
स्येंयी रैगे आज
मेरी भांडी कुण्डी सुचण रै ग्येनी, घर बोण कु काम काज
घर बोण कु काम काज
कब तै छनटेलु क्या बोन क्या कन, बाला स्ये जादी
दूध भात दयोलू मी ते तैन,बाला स्ये जादी
घात सार सारी की लै ग्येनी, पंदेरों बटी पंदेनी
पंदेरों बटी पंदेनी,
बाणु पैटी ग्येनी मेरी धौडया दगडया लखड्वेनी घस्येनी
लखड्वेनी घस्येनी
क्या करू क्या नि करू जतन बाला स्ये जादी
हे मेरी आंख्युं का रतन,बाला स्ये जादी
घर बौडू नि व्हायु जू गै छौ झुरै की मेरी जिकुड़ी
झुरै की मेरी जिकुड़ी
बिसरी जांदू वीं खैरी बिपदा हेरी की तेरी मुखड़ी
सम्लौ न वो बात वो दिन बाला स्ये जादी
दूध भात दयोलू मी ते तैन,बाला स्ये जादी
बाला स्ये जादी-4

Mukesh Joshi

Surma Sarela ~ N S Negi

Dwi gati baisakh Surma, mera muluk mela
Dwi gati baisakh Surma, mera muluk mela
Mera muluk mela aye jayee
Meri Surma Sarela, Surma aye jayee
Meri Surma Sarela, Surma aye jayee
Dwi gati baisakh Surma, mera muluk mela
Dwi gati baisakh Surma, mera muluk mela
Mera muluk mela aye jayee
Meri Surma Sarela, Surma aye jayee
Meri Surma Sarela, Surma aye jayee
Meri Surma Sarela...

Cheelamee ko peech Surma, cheelamee ko peech
Cheelamee ko peech Surma, cheelamee ko peech
Badi dinu biteen Surma, teri khud lageen ch
Teri khud lageen cha Surma, teri khud lageen ch
Ukhi charkhi riytayeen, Surmaa
Ukhi khatey mitayeen, Surmaa
Ukhi mandir ma dulaa, Surmaa
Ukhi puja pithain aye jayee
Meri Surma Sarela, Surma aye jayee...

Hukah parayi nayi Surma, hukah parayi nayi
Hukah parayi nayi Surma, hukah parayi nayi
Badi dino bateen tu Surma, supniyo ma ni ayi
Supniyo ma ni ayi Surma, supniyo ma ni ayi
Ukhi lagalu bajaar, Surma
Ukhi mulyola haar, Surma
Ukhi chuyoon ki bahar, Surma
Ukhi hulu karaar aye jayee
Meri Surma Sarela, Surma aye jayee...

Deh jamayi theki Surma, deh jamayi theki
Deh jamayi theki Surma, deh jamayi theki
Badi dinu bateen Surma, teri mukhdi ni dekhi
Teri mukhdi ni dekhi Surma, teri mukhdi ni dekhi
Ukhi daloon ka chaela, Surma
Ukhi rasa jhumaila, Surma
Ukhi dyelu suraakh, Surma
Samlonya rumaila aye jayee
Meri Surma Sarela, Surma aye jayee...

Khaansu kaati ghaas Surma, khaansu kaati ghaas
Khaansu kaati ghaas Surma, khaansu kaati ghaas
Badi dinu bichod Surma, bali jwani ku nash
Bali jwani ku nash Surma, bali jwani ku nash
Mera dile tu laary, Surma
Sari duniya se nyari, Surma
Mera maney ki pyari, Surma
Saaun bachan na haari aye jayee
Meri Surma Sarela, Surma aye jayee...

Dwe gatti baisakh Surma, mera muluk mela
Dwe gatti baisakh Surma, mera muluk mela
Mera muluk mela aye jayee
Meri Surma Sarela, Surma aye jayee
Meri Surma Sarela, Surma aye jayee
Meri Surma Sarela......