• Welcome to MeraPahad Community Of Uttarakhand Lovers.
 

Narendra Singh Negi: Legend Singer Of Uttarakhand - नरेन्द्र सिंह नेगी

Started by Anubhav / अनुभव उपाध्याय, October 05, 2007, 03:13:40 PM

हेम पन्त

मुम्बई के प्रोग्राम की कुछ फोटोज रजनीश जी के सौजन्य से..

नेगी जी के साथ रजनीश भाई


हेम पन्त

नेगी जी कार्यक्रम के दौरान


हेम पन्त


हेम पन्त

अपने प्यारे घन्ना भैजी...

Rajneesh


sanjupahari

waah waaah Hem Ji thnx .....Rajneesh Babu aapne kamal kar diya sir.....bahut badiya,,,,,aur ye sorry ya kisi se maanfi mangne ki jarurat nai aapko...ye community ka function tha,,aapne pure 2 months se apni puri koshish se ise successful banaya hai....aur aise prog main agar kahin koi kami kisi 1-2 logoon ki wajah se ho bhi jaye to koi ashar nahi parta....aapne pure mumbai main Uttarakhand ke Geet sunne ka arrangement karwaya yehi hum sabhi ke liye garv ki baat hai....JAI UTTARAKHAND....bhagwaan aapko isi tarah se aage ko Prog karane ki samarth de...JAI HOOO RAJNEESH bhai ki bhi>>>

Rajneesh


एम.एस. मेहता /M S Mehta 9910532720


मेरा पहाड़ / Mera Pahad

Great Rajneesh bhai. Sorry ki to koi baat hi nahi hai. Aap ne poora man laga ke is program ko successfull karane main mehnat ki hai.

Keep up the good work. +1 karma for these beautiful pictures.

हेम पन्त

उत्तराखण्ड राज्य निर्माण प्राप्ति के संघर्ष के दौरान लोगों के दिलों में एक आदर्श राज्य का सपना था. राज्य की प्राप्ति के लिये लगभग 40 लोगों ने अपने प्राण न्यौछावर किये. अन्ततः राज्य तो बन गया, लेकिन 7 साल बीतने पर भी आन्दोलनकारियों के सपनों का राज्य एक सपना ही बना हुआ है.शराब के ठेकेदारों, भू माफियाओं और एन.जी ओ. के नाम पर चल रहे करोड़ों के व्यवसाय के बीच आम उत्तराखण्डी मानस ठगा सा महसूस कर रहा है.

सपना देखा गया था ऐसे राज्य का जिसमें चारों ओर खुशहाली हो. समाज के हर वर्ग की अपनी अपेक्षाएं थीं. नरेन्द्र सिंह नेगी जी की इस कविता के माध्यम से समाज के सभी वर्गों की आक्षांकाएं स्पष्ट होती हैं. भगवान से यही प्रार्थना है कि राज्य के नीतिनिर्धारकों के कानों तक नेगी जी का यह गीत पहुँचे, और वो हमारे सपनों का राज्य बनाने के लिये ईमानदारी और सच्ची निष्ठा से काम करें.


बोला भै-बन्धू तुमथैं कनू उत्तराखण्ड चयेणू छ्
हे उत्तराखण्ड्यूँ तुमथैं कनू उत्तराखण्ड चयेणू छ्
जात न पाँत हो, राग न रीस हो
छोटू न बडू हो, भूख न तीस हो
मनख्यूंमा हो मनख्यात, यनूं उत्तराखण्ड चयेणू छ्

बोला बेटि-ब्वारयूँ तुमथैं  कनू उत्तराखण्ड चयेणू छ्
बोला माँ-बैण्यूं तुमथैं  कनू उत्तराखण्ड चयेणू छ्
घास-लखडा हों बोण अपड़ा हों
परदेस क्वी ना जौउ सब्बि दगड़ा हों
जिकुड़ी ना हो उदास, यनूं उत्तराखण्ड चयेणू छ्

बोला बोड़ाजी तुमथैं  कनू उत्तराखण्ड चयेणू छ्
बोला ककाजी तुमथैं  कनू उत्तराखण्ड चयेणू छ्
कूलूमा पाणि हो खेतू हैरयाली हो
बाग-बग्वान-फल फूलूकी डाली हो
मेहनति हों सब्बि लोग, यनूं उत्तराखण्ड चयेणू छ्

बोला भुलुऔं तुमथैं  कनू उत्तराखण्ड चयेणू छ्
बोला नौल्याळू तुमथैं  कनू उत्तराखण्ड चयेणू छ्
शिक्षा हो दिक्षा हो जख रोजगार हो
क्वै भैजी भुला न बैठ्यूं बेकार हो
खाना कमाणा हो लोग यनू उत्तराखण्ड चयेणू छ्

बोला परमुख जी तुमथैं  कनू उत्तराखण्ड चयेणू छ्
बोला परधान जी तुमथैं  कनू उत्तराखण्ड चयेणू छ्
छोटा छोटा उद्योग जख घर-घरूँमा हों
घूस न रिश्वत जख दफ्तरूंमा हो
गौ-गौंकू होऊ विकास यनू उत्तराखण्ड चयेणू छ्!!