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Questions & Answers in Jod-चार आंखर (जोड़ में सवाल जवाब) लोक संगीत की विधा

Started by हलिया, September 13, 2010, 03:52:09 PM

हेम पन्त

आम खाया नारिंग खाया कि करू खाया ले
डिठ पड़छि भेट ने हुनि, कि करूं माया ले..


(आम, नारंगी खाये लेकिन ऐसा खाने का क्या करूं... हे प्रिये! तुम पर नजर तो पड़ती है लेकिन मुलाकात नहीं हो पाती, ऐसी माया किस काम की!)

हेम पन्त

गंगा ज्यु को पानि हिल्यो रुमाल धोया ले..
तेरि आंखि लाल है रे, रात का रोया ले..


(गंगा जी में रुमाल धोने से उसका पानी हिल रहा है... देखो तुम्हारी आंखें कैसी लाल हो रही हैं, लगता है तुम रात भर रोयी हो)

हेम पन्त

नैनिताल को ठण्डो पानि, बिन प्यास कि प्युं कसिके
त्वै हुंणि नथुलि गड़ाइ, बिन माया कि दयुं कसिके?


(नैनीताल का इतना ठण्डा पानी बिना प्यास के कैसे पिया जायेगा... तुम्हारे लिये मैने नथ बनवाई है, लेकिन जब तक ये निश्चित न हो जाये कि तुम भी मुझे चाहती हो, ये नथ भला तुम्हें मैं कैसे दे दूं?)

एम.एस. मेहता /M S Mehta 9910532720


धार में क देवी थान दूध ले नवायो!
तेरो जूठ मी नि खानियो
यो माया ले खवायो !


Vidya D. Joshi

रूख लागी रिठा  दानी भुरभुरानी किल्या झड़न्छी ।
झल पड़्या निश्वास लागन्छ झल किल्या पड़न्छी ||

(शाम होत ही उदास होता जाता हुं....... आखीर ये शाम होते ही क्यूं है ।)

Himalayan Warrior /पहाड़ी योद्धा


तिमुल क पात, तिमुल क पात!
तेरी मंदिर, उना देवी हाथ जोड़ी -२


Devbhoomi,Uttarakhand


दुखयारी न हवे जै कखी ,सरिल कु ख्याल रखी, खानी पैनी खाई
हे भूली न जेई , चिट्ठी देणी रैइ
हुंदा जू पांखुर मैं मा , उड्डी औंदु फुर तवे मा
बीराना देस की बात , क्यच उम्मा मेरा हात , हे भूली न जेई , चिट्टी देणी रैइ

एम.एस. मेहता /M S Mehta 9910532720


बाकरी की कानी
बाकरी की कानी
भैसिया की छानी
तेरी बाटा चानी..२
मेरी पैटा गे आँखी   

हेम पन्त

गंगा ज्यु का बगड में जोगी बैठो ध्यान..
जैकी माया जसी हुची, आखी में पछ्याण..

अल्मोडा में नंदा देवी, झांकर में सैम
मेरी छ हौसिया बानी, लोग खानी भैम...

हेम पन्त

नेपाल छत्तीस धारा, धोती धोए जन..
जत्ति मेरी बाटुली लागली, उत्ती रोये जन..

लोटीयले दूध भरो, घ्यू तोलो सेर ले
तेरि-मेरी प्रीत टूटी, दशा का फेर ले..