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Footage Of Disappearing Culture - उत्तराखंड के गायब होती संस्कृति के चिहन

Started by एम.एस. मेहता /M S Mehta 9910532720, November 17, 2007, 03:35:52 PM

हेम पन्त

उत्तराखण्ड सरकार का सराहनीय निर्णय

उत्तराखंड शासन के संस्कृति विभाग द्वारा प्रदेश के वृहद एवं विपन्न कलाकारों, साहित्यकारों लेखकों को मासिक पेंशन योजना के अन्तर्गत आर्थिक लाभ दिया जाएगा। उक्त जानकारी देते हुए निदेशक संस्कृति विभाग श्रीसुव‌र्द्घन ने बताया कि ऐसे वृहद एवं विपन्न कलाकार, साहित्यकार तथा लेखकों की आयु 60 वर्ष से अधिक हो उन्हे इस योजना का लाभ दिया जायेगा। ऐसे लोग जो किसी शासकीय योजना के अन्तर्गत पेंशन ले रहे होंगे। उन्हे यह लाभ नहीं दिया जाएगा। उन्होंने पात्र लोगों से आवेदन निर्धारित प्रारूप में भरकर 30 अप्रैल तक संस्कृति निदेशालय देहरादून को भिजवाने की बात कही है।

Risky Pathak

Lo Pankaj Jee.... Damoo Ngaar dagar dholi nek Naach Chao Dhe..

http://www.youtube.com/watch?v=iE-EkyWqCpU

Quote from: पंकज सिंह महर/P. S. MAHAR on March 10, 2008, 05:07:11 PM
ढोल-दमाऊ, नर सिंगा, तुतुरी, मशकबीन आदि प्राचीन वाद्य यंत्र अब धीरे-धीरे गायब हो रहें हैं, सरकार को समाज कल्याण विभाग के माध्यम से इनके संरक्षण का तुरंत प्रयास करना चाहिये।

हेम पन्त

पाथरों (काली स्लेटों) से बनने वाली 'पाख' (छत) तेजी से लुप्त होती जा रहीं हैं... इसकी जगह सीमेंट की छतों ने ले ली है


Risky Pathak

Mehra Jee aap sahi keh rahe hai.. June ke mahine me Dashmi Tithi ko Dushhera naam ka tyohaar hota hai.. Jisme log makaan ke aage Patra Chipkaate hai.. Jinhe Dusshera Patra Kehte Hai...

Quote from: M S Mehta on November 28, 2007, 04:19:44 PM

Ek or festivel hota hai pahado mai jab log ghar ke darwaje par bhagwan ka poster lagate hai. Local language mai Dashhara kahte hai ?

Risky Pathak

१ वाद्य यन्त्र और आता है. जिसका नाम होता है भोंकर..भोंकर १ लंबा शंकु प्रकार का  वाद्य यन्त्र होता है......जो दोनों तरफ़ से खुला होता है . आगे का मुंह पीछे के मुंह के मुकाबले बड़ा होता है ...... इसे जब किसी मन्दिर मे किसी की कथा हो रही होती है तब बजाया जाता है...... इसकी ध्वनि शंख  की तरह होती है... और बहुत  तेज होती है.... 

Quote from: पंकज सिंह महर on March 10, 2008, 05:07:11 PM
ढोल-दमाऊ, नर सिंगा, तुतुरी, मशकबीन आदि प्राचीन वाद्य यंत्र अब धीरे-धीरे गायब हो रहें हैं, सरकार को समाज कल्याण विभाग के माध्यम से इनके संरक्षण का तुरंत प्रयास करना चाहिये।

Risky Pathak

मधुमक्खी  को कुमाउनी  भाषा मे "मून" कहते है..... इनको बसाने की भी १ कला होती है....... और शुद्ध मौ (मधु )  खाने का आनंद ही कुछ और है.,....


Quote from: M S Mehta on January 25, 2008, 12:36:44 PM
MADHUMAKHI.. PALAN.





Risky Pathak

मेहता जी इसमे तो तिपुर के लिए रास्ता  भी दिखाई दे रहा है...

पहाडो मे किसी घर के ग्राउंड  फ्लोर  को "गोठ " कहते है.... फर्स्ट फ्लोर  को "चाख"... और सेकंड फ्लोर को "तिपुर" कहते है....

Quote from: M S Mehta on January 12, 2008, 02:41:34 PM




Risky Pathak

ये घट का जतार वाला पार्ट है.....

पहले जब घट नही होता था तब गेहूं और अन्य पीसने के लिए  जतार का इस्तेमाल होता था.... जतार के २ पार्ट होते है.. नीचे वाला पार्ट फिक्स होता था.. और ऊपर वाला पार्ट घुमाने के लिए होता  है...

अब जतार विलुप्त हो चुका है   :( :( :(


Quote from: M S Mehta on January 05, 2008, 04:35:42 PM

Ghat (Pann Chkki) ...





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