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Justice for Muzzaffarnagar Case, State Struggle-न्याय की मांग- मुज्ज़फ्फर नगर

Started by एम.एस. मेहता /M S Mehta 9910532720, January 14, 2011, 02:57:43 AM

एम.एस. मेहता /M S Mehta 9910532720

शहीदों की कुर्बानी नहीं भुला पाएगा उत्तराखंड : खंडूड़ी
Oct 02, 11:45 pm
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मुजफ्फरनगर। उत्तराखंड के मुख्यमंत्री मेजर जनरल (से.नि.) भुवनचंद्र खंडूड़ी ने कहा कि उत्तराखंड कभी भी शहीदों की कुर्बानी नहीं भुला पाएगा। अहिंसा के पुजारी के जन्मदिन पर हुई तत्कालीन यूपी सरकार द्वारा की गई हिंसा इतिहास में काले अध्याय के रूप में दर्ज है। मुख्यमंत्री ने कहा कि उत्तराखंड अहिंसा की नींव पर खड़ा है और इसे बुलंदी पर पहुंचाना ही प्रत्येक उत्तराखंडी का ख्वाब है। इसे साकार करने की ओर तेजी से कदम बढ़ रहे हैं।

भुवनचंद्र खंडूड़ी रविवार को रामपुर तिराहा कांड की बरसी पर आंदोलनकारियों की शहादत को सलाम करने यहां पहुंचे थे।

छपार प्रतिनिधि के मुताबिक मुख्यमंत्री का हेलीकॉप्टर सुबह 9.55 बजे रोहाना के अमृत इंटर कालेज के हेलीपैड पर लैंड हुआ और यहां से सीएम कार द्वारा शहीद स्मारक पहुंचे। सर्वप्रथम उन्होंने शहीद स्तंभ पर पुष्पचक्र अर्पित कर शहीदों को श्रद्धांजलि दी। यहां आयोजित श्रद्धांजलि सभा को संबोधित करते हुए उन्होंने कहा कि उत्तराखंड की जनता शहीद हुए नौजवानों, माता-बहनों व अन्य आंदोलनकारियों का बलिदान नहीं भूल पाएगी। सीएम ने कहा कि उत्तराखंड के कुछ लोग जो आंदोलन में शामिल थे उनका आज तक कुछ पता नहीं है। तत्कालीन यूपी सरकार ने जो बर्बरता की वह इतिहास में काले अध्याय के रूप में हमेशा सालती रहेगी। इस दौरान उन्होंने उत्तराखंडी आंदोलनकारियों का सहयोग करने वाले मुजफ्फरनगर के वाशिंदों का भी आभार जताया।

कार्यक्रम को उत्तराखंड महिला आयोग की अध्यक्ष सुशीला बरोनी व ग्राम्य विकास, महिला सशक्तिकरण, बाल विकास संस्कृति एवं धर्मस्य विभाग की मंत्री विजय बड़थ्वाल, मुजफ्फरनगर विधायक अशोक कंसल ने भी संबोधित किया, जबकि पालिकाध्यक्ष कपिल देव अग्रवाल, जिला महामंत्री विजय शुक्ला, राजन ओथवाल, रेणू गर्ग, सत्यप्रकाश, तीरथ सिंह राव, राजेंद्र अर्थवाल, भाजपा हरिद्वार अध्यक्ष सुशील चौहान, उमेश चंद्र आदि समेत सैकड़ों लोग मौजूद रहे।

उत्तराखंड सरकार करेगी

रामपुर तिराहा कांड की पैरवी

उत्तराखंड के आंदोलनकारियों पर हुई बर्बरता के उनके सहयोगी रहे महावीर प्रसाद शर्मा ने सरकार की मंशा पर सवाल उठाए। उन्होंने कहा कि सीबीआइ कह चुकी है कि उत्तराखंड सरकार चाहे तो अपना वकील खड़ा कर सकती है, लेकिन सरकार ने अपना वकील क्यों खड़ा नहीं किया? आंदोलनकारी अपने स्तर से न्याय को संघर्ष कर रहे हैं। सरकार की अनदेखी से केस कमजोर होना तय है। इस पर मुख्यमंत्री बीसी खंडूड़ी ने वादा किया कि अब रामपुर तिराहे की पैरवी उत्तराखंड सरकार करेगी। पिछले पांच साल में इस बाबत विचार क्यों नहीं हुआ? इसे भी वह जरूर दिखवाएंगे।

मुलायम सिंह ने गोली क्यों चलवाई? समझ से परे

रामपुर तिराहा कांड को यादकर भावुक हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि उत्तराखंड की मांग कर रहे आंदोलनकारी अहिंसात्मक रूप से निहत्थे दिल्ली जा रहे थे। मांग भी दिल्ली सरकार से थी, फिर भी मुलायम सिंह ने गोली चलाने का आदेश क्यों दिया?

मोदी के मुद्दे पर नहीं खोला मुंह

दिल्ली में भाजपा की राष्ट्रीय कार्यकारिणी की बैठक में गुजरात के मुख्यमंत्री के नहीं पहुंचने का मुद्दा सियासी गलियारों की सुर्खियां बना है, वहीं उत्तराखंड के मुख्यमंत्री ने इस पर मुंह नहीं खोला। इस बाबत सवाल पूछे जाने पर उन्होंने सिर्फ इतना ही कहा कि नरेंद्र मोदी कार्यकारिणी की बैठक में नहीं आए इसका कुछ कारण हो सकता है। उनके न आने का कोई दूसरा मतलब नहीं निकाला जाना चाहिए।

एम.एस. मेहता /M S Mehta 9910532720


आज लगता है लोग इनकी शहादत को भूल गये है ! आज भी इस मुद्दे पर कोई सुनवाई नहीं. जिनकी बदौलत राज्य बना था, चुनाव के इस दौड़ में लोग भूल गये इन्हें!




एम.एस. मेहता /M S Mehta 9910532720

Pardeep Rawat द्वि अक्तूबरे की नि बिसरेंदी वा कई रात
मुज़फर नगर मा दुश्मनू की लगे छे घात

रुकिन बस होण बैठी हल्ला
क्या व्हे होलू भै बंधू देख्योला चला
दना दान चलणी वुख गोई
आहिंसा का पुज्यरा जन्म दिन मा यू क्या होई
नासूर बा णी की चुब्दू यू अघात
द्वि अक्तूबरे की नि बिसरेंदी वा कई रात

भाई बंधू पर भी पोड़ी लाठा डंडो की मार
माँ बैणयूं पर टूटी धख बिपदो कू पहाड़
कैन या साजिश रची कैन यू कर्म कई
गंगा जी का मैतते कैन अपवित्र बणायी
नि कै हे गंगा माँ तू वे पापी ते माफ़
द्वि अक्तूबरे की नि बिसरेंदी वा कई रात

रामपुर तिराह मा चली रावण राज
बै बंधू कनू कलयुग आई आज
मचि भगदड़ लोगो की रात का पहर
निर्भाग्यून कानी बरसाई कहर
कनू तमसू देखि तिन ये बद्री नाथ
द्वि अक्तूबरे की नि बिसरेंदी वा कई रात

याद राखला भै बैणो तुमरू यूं बलिदान
अपड़ी जान देकी उत्तराखंड की बढ़ाई शान
हर हमेशा गयेला तुमरा गीत
देव भूमि का बीरू की तुमन निभाई रीत

एम.एस. मेहता /M S Mehta 9910532720

Bhishma Kukreti देखिल्या : राम पुर तिराहा (महान कवि कि शहीदों तै  श्रधांजलि )

  कवि मदन डुकलाण

(गढ़वाळि क महान कवि मदन डुकलाण क कविता अंतर्राष्ट्रीय स्तर का हुन्दन। मदन डुकलाण कि गणत इकिसवीं सदी क महान अंतर्राष्ट्रीय कवियुं मा होंद. ये महान गढ़वाळि कवि न उत्तराखंड आन्दोलन टैम पर रामपुर तिराहा पर हुंईं दैसत कु बिरतांत बड़ो बढिया ढंग से करी. ल्या महान कवि क राम पुर तिराहा पर कुछ पंगत-भीष्म कुकरेती)

हक्क का बाना ह्वेंगीं शहीद हमरा लाल देखिल्या

वूंका  जुल्म वूंकी दैसत का हाल देखिल्या ।

त्वेन दे छे माया कि मीतै दगड्या ज्वा समळौण

ल्वे मा भीजी आज तर्र वो रुमाल देखिल्या ।

देखिके घैल मा बैण्यु कि कुंगळि क्वन्सि जिकुडि

गङ्गा जमुना मा बि आज ऐगे उमाळ देखिल्या ।

देखी ल्वेखाळ निहत्थों कु आज गांधी जनमबार मा

शिव का हिमालम ह्यूं बि आज ह्व़े गे लाल देखिल्या ।

  सर्वाधिकार @ मदन डुकलाण देहरादून

(ग्वथनी गौं बटे , २००२ से साभार )

एम.एस. मेहता /M S Mehta 9910532720

Bhishma Kukreti देखिल्या : राम पुर तिराहा (महान कवि कि शहीदों तै  श्रधांजलि )

  कवि मदन डुकलाण

(गढ़वाळि क महान कवि मदन डुकलाण क कविता अंतर्राष्ट्रीय स्तर का हुन्दन। मदन डुकलाण कि गणत इकिसवीं सदी क महान अंतर्राष्ट्रीय कवियुं मा होंद. ये महान गढ़वाळि कवि न उत्तराखंड आन्दोलन टैम पर रामपुर तिराहा पर हुंईं दैसत कु बिरतांत बड़ो बढिया ढंग से करी. ल्या महान कवि क राम पुर तिराहा पर कुछ पंगत-भीष्म कुकरेती)

हक्क का बाना ह्वेंगीं शहीद हमरा लाल देखिल्या

वूंका  जुल्म वूंकी दैसत का हाल देखिल्या ।

त्वेन दे छे माया कि मीतै दगड्या ज्वा समळौण

ल्वे मा भीजी आज तर्र वो रुमाल देखिल्या ।

देखिके घैल मा बैण्यु कि कुंगळि क्वन्सि जिकुडि

गङ्गा जमुना मा बि आज ऐगे उमाळ देखिल्या ।

देखी ल्वेखाळ निहत्थों कु आज गांधी जनमबार मा

शिव का हिमालम ह्यूं बि आज ह्व़े गे लाल देखिल्या ।

  सर्वाधिकार @ मदन डुकलाण देहरादून

(ग्वथनी गौं बटे , २००२ से साभार )


एम.एस. मेहता /M S Mehta 9910532720

प्रयाग पाण्डे मुज्जफरनगर कांड की बरसी के मौके पर पेश है -
  अलग राज्य आन्दोलन के दौरान  प्रसिद्द जनकवि श्री नरेंद्र सिंह नेगी जी द्वारा लिखा गया प्रसिद्ध लोकगीत -

तेरा जुल्मु कू हिसाब , चुकौला एक दिन
लाठी - गोली कू जबाब , दयोला एक दिन
यो दिन - बार औण तक
  बिकास  का रतब्यौंण तक
अलख जगीं राली ये उत्तराखंड मा
लडै लगी राली ये उत्तराखंड मा|

देखि याली राज तेरु , लूट भ्रष्टाचार चा
  उत्तराखंड राज्य अब , बिकास कू आधार चा
भ्रष्ट मुणडुमा ताज रालू ,
जब तै गुंडा राज रालू \
अलख जगीं .......
लडै लगीं .........

हिमालै का बीरुं की , गैरत न ललकारू क्वी
हमारी हक़ की मांग चू , हमारू हक़ न मारू क्वी
अब न कैकी धौंस सौला
  हक़ - हकूक लेकी रौंला |
  अलख जगीं .......
लडै लगीं ..........

तुमारी तीस ल्वे कि तीस , हमारी तीस बिकास की
तुमारी भूख जुलुम , हमारी उत्तराखंड राज की
जब तलक निमिलटू राज
बंद  रालु राज काज
अलख जगीं .......
लडै लगीं ...........