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म्यर उत्तराखण्ड ग्रुप संस्था 14 अगस्त 2011 को गैरसैण (चंद्रनगर) राजधानी की मांग

Started by एम.एस. मेहता /M S Mehta 9910532720, July 22, 2011, 01:28:38 PM


खीमसिंह रावत

 8) गैरसैण हमारा हक़ है , इसे लेंकें रहेंगें |
उत्तराखंड राज्य बनाने से लेकर अभी तक हम से छल किया गया |
कभी नाम को मोहरा बनाया, स्थाई राजधानी का मुद्दा रोटियाँ sekhane  के लिए  लटकाया जा रहा है|
आन्दोलनकारी लोग भी नौकरियों के चक्कर में हैं ,
mu को बधाई जो इसे मुद्दे को लेकर जागृति फैला रहे हैं  |




खीमसिंह रावत

गैरसैण राजधानी के धरना पर श्री चारु तिवारी जी के उदगार पढ़ने को मिलेंगे | इसी उमीद करता हूँ


dayal pandey/ दयाल पाण्डे

गैरसैण को को लेकर पिछले साल म्योर पहाड़ ने जो मुहीम छेड़ी थी और पिछले दो तीन साल से लगातार देल्ली से गैरसैण यात्रा कर एक जन जागरण किया है उसी का परिणाम है आज अनेख संगठन भी इस मुहीम में आगे आ रहे हैं म्योर उत्तराखंड भी इस मुहीम में लगातार सामिल हो रहा हैऔर आगामी १३ अगस्त से १५ अगस्त तक गैरसैण में शांतिपूर्वक धरना हेतु अगवाई कर रहा है मेरा पहाड़ हमेशा ही एसे प्रयासों का समर्थन करता है और सभी से अपील करता है की जादा से जादा संख्या में गैसें पहुचें.

 



ये गैरसैण किसी संस्था या किसी पार्टी का अपना मुहीम नहीं है पहली बात ये मे सपष्ट कर दूं ..ये एक एसी मुहीम है जो करीब १०० साल पहले से चली मुहीम है .. ये मुहीम उत्तराखण्ड के आन्दोलन कारियों कि मुहीम है.. ये मुहीम.. उत्तराखण्ड के सहीदो कि आत्मा कि मुहीम है. ये मुहीम उन  माताओ कि है जो आप भी अपने बेटे को ढूढ़ रही है.. ये मुहीम उन बहिनों कि जो हर रक्षाबंधन को भाई को ढूढती है .. ये मुहीम उस पत्नी का है जो आज भी .. अपने पति के राह  देख रही है...... जो लोग इस मुहीम को अपने तरकस का तीर बनाना चाहते है उन्हें हम ये बताना चाहते है कि कैसे किसी भी चीज़ .. मुहीम.. आन्दोलन को तरीके से किया जाता है.. ये युवा साथियों कि एक नई पहल है.. और ... ये मुहीम पिछले ३-4 सालो से चलनी वाली मुहीम नहीं है.. ...
हमारा आज उन सभी लोगो से एक सवाल है कि क्यों इस मुद्दे को ठन्डे वास्ते मे डाला जा रहा है... और क्यों लोग इस मुद्दे को अपनी मुहीम बता रहे है.. साथियों ये मुहीम  पुरे उत्तराखण्ड का है और हमारे 42 सहीदो कि मुहीम है... बाबा मोहन उत्तराखंडी कि मुहीम है...

हम तो २०१२ के चुनाव का भी बहिस्कार करते है और उत्तराखण्ड विरोधी और पहाड़ विरोधी .. नेताओ का रास्ता भी पहाड़ के लिए बंद करना चाहते है जो हमने पूर्ण रूप से देहरादून मे पत्रकार वार्ता मे भी रखा...


म्यर उत्तराखंड ग्रुप उत्तराखंड के उन युवा/युवतियों की संस्था है जो भूमंडलीकरण के दौर में भी पहाड़ के नवनिर्माण की सोच रखती है। पिछले 5 वर्षों से प्रवास में अलग-अलग व्यवसाय से जुड़े इस नई पौध ने पहाड़ को अपने नजरिये से देखा है। संचार के इस युग ने दुनिया को बहुत छोटा कर दिया है। इन्टरनेट वेबसाइट के माध्यम से एक दूसरे से जुड़े ये नौजवान अब अपने सपनो को जमीनी हकीकत में बदलना चाहते हैं।
म्यर उत्तराखंड' ग्रुप सोसाएटी उन सरोंकारों से जुड़कर अपना योगदान करना चाहता है जिसकी वहां जरुरत है। संस्था विभिन्न कार्यकर्मों के माध्यम से हमेशा उत्तराखंड की सामाजिक, सांस्कृतिक, राजनीतिक, आर्थिक, शैक्षिक और नियोजन सम्बन्धी तमाम सवालों को उठाती आ रही है, और वैचारिक आन्दोलन की हिमायत भी संस्था करती रही है। समय-समय पर उत्तराखंड की सांस्कृतिक विरासत को संजोने में और पुरानी पीढ़ी की विरासत को नई पीढ़ी तक पहुंचाने और सहेजने का आयोजन भी कर रही है। पहाड़ से बाहर रह रहे युवाओं को अपनी जड़ों से जुड़े रहने और विभिन्न गतिविधियों से पहाड़ को जानने-समझने का प्रयास भी हम कर रहे हैं। हम इस छोटी सी कोशिश से उत्तराखंड की सम्पूर्ण धरोहर, सांस्कृतिक एकता, सामाजिक मूल्यों को अक्षुण रखने एवं अपनी परम्परा और आर्थिक रूप से संपन्न पहाड़ की कल्पना को साकार करने में सहभागी बनना चाहते हैं। म्यर उत्तराखंड' संस्था अपनी सभ्यता, संस्कृति और इतिहास से प्रेरणा लेकर खुशहाल उत्तराखंड का सपना देखती है। हमारे अग्रजों, बुद्धिजीवियों का अनुभव और हमारा उत्त्साह एक सार्थक पहल से आगे बढ़ सकता है। इसी उद्देश्य और आगे बढ़ने के संकल्प के साथ युवाओं ने अपने कदम बढ़ाये हैं।

    लोकतंत्र में वोट का गणित भले ही नीतिकारों का चयन करता हो, लेकिन जनता यदि अपने हक़-हकूकों के लिए ताकत के साथ खडी होती है तो परिवर्तन बहुत कठिन काम नहीं है। 'म्यर उत्तराखण्ड ग्रुप' शहीदों को भावभीनी श्रद्दांजलि देते हुए `म्यर उत्तराखंड' मंच के माध्यम से राज्य के आन्दोलनकारियों और शहीदों की भावना के अनुरुप गैरसैंण (चन्द्र नगर) को उत्तराखण्ड की स्थायी राजधानी के रुप में देखना चाहता हैं। और राजधानी गैरसैंण (चन्द्र नगर) के लिए जनांदोलन की घोषणा करता हैं। आन्दोलन का शुरुआत `म्यर उत्तराखंड' ग्रुप 14 अगस्त रविवार, स्वतंत्रता दिवस से एकदिन पहले गैरसैंण (चन्द्र नगर) में जनसभा और शान्ति पूर्ण धरना देकर करेगा| समस्त उत्तराखंड की जनता, आन्दोलनकारियों, सामाजिक संगठनो, जनसरोकारों, पत्रकारिता से जुड़े लोगों, वरिष्ठ नागरिको एवं बुद्धिजीवियों से अनुरोध करता है कि इस मुहिम में सभी एकजुट होकर साथ चलें, एकता में ही शक्ति है, वक्त आ गया है एकबार फिर से 1994 का इतिहास दोहराने का|



इस बार का आन्दोलन एक येसा आन्दोलन होगा जो युवाओ   द्वारा पहली बार उत्तराखण्ड आन्दोलन के बाद होगा.. और इसकी अगवाई "म्यर  उत्तराखण्ड ग्रुप"  कर रहा है और पुरे उत्तराखण्ड से लोग यहाँ पर जुडंगे  और अपनी बात को रखंगे.. ये उत्तराखंड  के इतिहास मे गैरसैण राजधानी के पक्ष मे पहला येसा  धरना होगा... और जनजागर्ति रैली होगी... इसी सिल सिले मे अब अल्मोड़ा और  हल्द्वानी  मे भी एक पत्रकार वार्ता के लिए हम लोग जा रहे है.. और ये सिल सिला अब चलता रहेगा.. और पहाड़ के ज्वलंत मुद्दों पर अब म्यर उत्तराखण्ड ग्रुप एक बड़े लेवल पर ली जायेगा और इसी सिल सिले मे एक गोष्ठी सितम्बर  मे हल्दुखाल पौड़ी मे होने जा रही है.. न सिर्फ गोष्ठी बल्कि करीब 10 स्कूलों के बच्चे , अध्यापक और बच्चो के माता पिता  के साथ एक विचार गोष्ठी और कैरियर सम्वन्धी विचार विमर्श होगा..

एम.एस. मेहता /M S Mehta 9910532720


मुझे आशा है बार के लडाई बहुत सार्थक होगी !

१४ अगस्त एक एतिहासिक दिन होगा

जरुर मेहता जी आप लोगो का सहयोग और पुरे उत्तराखंड के लोगो का सहयोग रहा तो जरुर इस बार एक नए इतिहास की तरफ कदम रखंगे ..क्यों की कई सालो से में खुद इस गैरसैण ड्रामा बहुत देख रहा था.. तो सोचा क्यों न इसे.. एक ठीक तरीके से सिर्फ गैरसैण जा कर ही इसे समझा और सोचा जा सकता है.. और इस बार म्यर उत्तराखंड ग्रुप के सभी सदस्य अलग अलग जगहों से आ कर गैरसैण में इकठा होंगे ..