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म्यर उत्तराखण्ड ग्रुप संस्था 14 अगस्त 2011 को गैरसैण (चंद्रनगर) राजधानी की मांग

Started by एम.एस. मेहता /M S Mehta 9910532720, July 22, 2011, 01:28:38 PM






एम.एस. मेहता /M S Mehta 9910532720


"अब की हमने ठानी है..
राजधानी... गैरसैंन ही जानी है"

चाहे भारतीय जनता पार्टी एव कांग्रेस के लिए यह मुद्दा न हो.... यह अब राज्य का सबसे बड़े मुद्दा है! राजधानी गैरसैंन न होने से उत्तराखंड राज्य के पहाड़ी जिल्लो में पलायन, बेरोजगारी आदि और बड़ी है !

आज मेरी उत्तराखंड क्रांति दल के युवा नेता पुष्पेश त्रिपाठी से बात हुयी . उन्होंने बताया की उत्तराखंड क्रांति दल इस मुद्दे का हमेशा समर्थन करता रहा है और इस रैली को भी जरुर समर्थन देगा!


एम.एस. मेहता /M S Mehta 9910532720

Gairsain ya Dehradoon. ????Public says Gairsain.... But corrupt leader insist for for Dehradoon.. . Enough is enough now.... Option 1.. Gairsain only.





सन् 1994 में मुलायम सिंह यादव के नेतृत्व वाली उत्तर प्रदेश सरकार द्वारा उत्तराखंड राज्य गठन हेतु रमा शंकर कौशिक समिति का गठन किया गया और इस समिति ने उत्तराखंड राज्य का समर्थन करते हुए 5 मई 1994 को अपनी संस्तुति राज्य सरकार को दी। इस समिति ने पर्वतीय क्षेत्र में स्थान-स्थान पर जाकर लोगों के सुझाव लिए। कुमाऊ एवं गढ़वाल के मध्य स्थित गैरसैंण (चंद्रनगर) नामक स्थान पर राजधानी बनाने की संस्तुति दी। उस समिति की रिपोर्ट के मुताबिक गैरसैंण को 60.21 फ़ीसदी अंक मिले थे, जबकि नैनीताल को 3.40, देहरादून को 2.88, रामनगर-कालागढ़ को 9.95, श्रीनगर गढ़वाल को 3.40, अल्मोड़ा को 2.09, नरेंद्रनगर को 0.79, हल्द्वानी को 1.05, काशीपुर को 1.31, बैजनाथ-ग्वालदम को 0.79, हरिद्वार को 0.52, गौचर को 0.26, पौड़ी को 0.26, रानीखेत-द्वाराहाट को 0.52 फीसद अंक मिलने के साथ ही किसी केंद्रीय स्थल को 7.25 फीसद अन्य को 0.79 प्रतिशत ने अपनी सहमति दी थी। गैरसैंण के साथ ही केंद्रीय स्थल के नाम पर राजधानी बनाने के पक्षधर लोग 68.85 फीसद थे। उस रिपोर्ट में गैरसैंण (चन्द्रनगर) को राजधानी के लिये सबसे उपयुक्त माना। कौशिक समिति की संस्तुति पर 24 अगस्त 1994 को उत्तर प्रदेश विधानसभा ने उत्तराखंड राज्य बनाने का प्रस्ताव पारित कर दिया।

Himalayan Warrior /पहाड़ी योद्धा


When the Kaushik Commision had given its Report before formation of Uttarakhand in 1994 that Gairsain is the suitable place for Hill Uttarakhand Capital.

Why another commisioned for formed after Uttarakhand becoming a separate State. ???

This was just to befool people. Most interestingly.. Uttarakhand ke neta bike huye hai.

Inka koi imaan nahi hai.



Quote from: Mohan Bisht -Thet Pahadi/मोहन बिष्ट-ठेठ पहाडी on August 01, 2011, 09:23:32 AM


सन् 1994 में मुलायम सिंह यादव के नेतृत्व वाली उत्तर प्रदेश सरकार द्वारा उत्तराखंड राज्य गठन हेतु रमा शंकर कौशिक समिति का गठन किया गया और इस समिति ने उत्तराखंड राज्य का समर्थन करते हुए 5 मई 1994 को अपनी संस्तुति राज्य सरकार को दी। इस समिति ने पर्वतीय क्षेत्र में स्थान-स्थान पर जाकर लोगों के सुझाव लिए। कुमाऊ एवं गढ़वाल के मध्य स्थित गैरसैंण (चंद्रनगर) नामक स्थान पर राजधानी बनाने की संस्तुति दी। उस समिति की रिपोर्ट के मुताबिक गैरसैंण को 60.21 फ़ीसदी अंक मिले थे, जबकि नैनीताल को 3.40, देहरादून को 2.88, रामनगर-कालागढ़ को 9.95, श्रीनगर गढ़वाल को 3.40, अल्मोड़ा को 2.09, नरेंद्रनगर को 0.79, हल्द्वानी को 1.05, काशीपुर को 1.31, बैजनाथ-ग्वालदम को 0.79, हरिद्वार को 0.52, गौचर को 0.26, पौड़ी को 0.26, रानीखेत-द्वाराहाट को 0.52 फीसद अंक मिलने के साथ ही किसी केंद्रीय स्थल को 7.25 फीसद अन्य को 0.79 प्रतिशत ने अपनी सहमति दी थी। गैरसैंण के साथ ही केंद्रीय स्थल के नाम पर राजधानी बनाने के पक्षधर लोग 68.85 फीसद थे। उस रिपोर्ट में गैरसैंण (चन्द्रनगर) को राजधानी के लिये सबसे उपयुक्त माना। कौशिक समिति की संस्तुति पर 24 अगस्त 1994 को उत्तर प्रदेश विधानसभा ने उत्तराखंड राज्य बनाने का प्रस्ताव पारित कर दिया।