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UPCOMING CUTURAL AND OTHER EVENTS OF UTTARAKHAND AT DIFFERENT PLACES ?

Started by एम.एस. मेहता /M S Mehta 9910532720, October 06, 2007, 10:14:39 AM

Anubhav / अनुभव उपाध्याय

Great work Sir. We should definitely encourage young talent to write and recite in our languages.

हेम पन्त

मेहता जी, दयाल जी तथा अन्य दोस्त!! कृपया "अंज्वाल" फरीदाबाद वाले कार्यक्रम के बारे में कुछ जानकारी उपलब्ध करायें..

sathiyo.. kavi gosthi kafi achchi rahi.. aur manoj da ne bola hai puri detail ke saath mai mail kar dunga mehta ji ko ya phir hame... .. usme o saari cheeze mention kar dange.. with picuture...

ek baat to bolni padegi.. ki purane kaviyo se jyada naye kavi.. hamare saath log chhaye rahe...

rajdhani gersain per jo dayal da ne jo kavita boli sachi mai kafi hi jyada sarahani aur ... atulya thee... aur jo aaj ki ek sabhi uttarakhandi wasiyo ki pukaar hai...


dayal pandey/ दयाल पाण्डे

Bahut bahut Danyabaad Mohanda is prohatsahan ke liye,aap logun ke prohatsahan se man ke vichar kalam par aa jate hain


हेम पन्त



KAILASH PANDEY/THET PAHADI


दिनेश ध्यानी

फरीदाबादः हरियाणा दिनाॅंक 19 जुलाई, रविवार 2009 को लायन्स क्लब फरीदाबाद में साहित्यिक संस्था अंज्वाल के सौजन्य से गढ़वाली कुमाउंनी कवि सम्मेलन का आयोजन किया गया। कवि सम्मेलन की विशेषता यह रही कि पुराने कवियों के साथ-साथ नवोदित कवियों को भी अपनी कवितापाठ करने का अवसर दिया गया। आयोजकों का कहना था कि नवोदत कवियों को भी उचित मंच मुहैया किया जाना चाहिए।
उपस्थित कवियों ने अपनी कवितायें सुनाकर श्रोताओं का खूब मनोरंजन किया। जहां एक ओर हास्य कविता  अपणि स्याणि कु अपणु बस मां कन चानू त पांच फारमुला अजमानु, सुनाकर श्री पूरणचन्द काण्डपाल ने लोगों को हंसाया वहीं नवोदित कवियत्री लक्ष्मी ने गाय और बैल पर गंभीर कविता मेरि ददि कु गैळ बोड़, ब्यालि रात घार नि आई, कैल वैकि खोज नि काई किलैकि उ गैळ छाई,  सुनाकर जनसमुदाय को सोचने पर मजबूर कर दिया। दिनेश ध्यानी ने पहाड़ कु विकास, सीमंेट का कूड़ा, ढुंगों की रोड़ि, बांजि पुंगड़ि, खरड़ि ढंया कनु बिजोग पोडी़, सुनाकर पहाड़ के विकास गाथा का बखान किया। श्री राम सिंह लिंगवाल ने बलिप्रथा पर करारा व्यंग करते हुए इस प्रथा को बन्द करने के लिए आम आदमी का आह्वन किया। श्री रमेश हितैषी ने पहाड़ के विकास और वहां की समाजिक कुरीतियांे पर करारा व्यग्य किया। श्री चन्दन शर्मा चन्दन, श्री पृथ्वी सिंह केदारखण्डी, श्री प्रकाश सिंह फलोरिया, श्री अम्बा दत्त भट्ट, श्री जगमोहन सिंह जायड़ा, श्री नरेश जोशी, श्री संजयपाल, लक्ष्मीपाल, श्री नीरज वावरी, श्री दयाल पाण्डे, आदि ने कविता पाठ किया।
कवि सम्मेलन का आयोजन अंज्वाल संस्था ने किया था। कवि सम्मेलन में उत्तराखण्ड के प्रवासी कई संगठनों के प्रतिनिधियों ने भाग लिया। जिनमें म्यार पहाड़, क्रियेटिव उत्तराखण्ड, उत्तराखण्ड पत्रकार परिषद, आदि प्रमुख हैं। आयेजकों में सर्वश्री ड़ा. मनोज उप्रेती, प्रो. दिनेश कुमेदी, दिनेश खर्कवाल, जगदीश नेगी, विनोद मधववाल, सैन सिंह विष्ट आदि का योगदान सराहनीय रहा। उक्त कवि सम्मेलन में अधिकांश कवियों ने उत्तराखण्ड की समस्याओं पर लोगों को ध्यान आकृष्ट किया।
अंज्वाल संस्था ने शाल ओढ़ाकर एवं स्मृति चिन्ह देकर कवियों को सम्मानित किया। सभी उपस्थित कवियों ने अंज्वाल साहित्यिक संस्था की भूरि-भूरि प्रशंसा की। कवि सम्मेलन की अध्यक्षता वरिष्ठ साहित्यकार एवं कवि श्री पूरणचन्द काण्डपाल ने की एवं संचालन श्री दिनेश ध्यानी ने किया।

KAILASH PANDEY/THET PAHADI

Dear All,

Apnai Balwant ji ka jandin 10 Aug ko hai...

es awsar per 9th Aug 2009 ko ham sabhi ek Kavya goshti ker rahe hai jo ki hamare monthly meeting ka bhi ek hissa hai...

Sabhi sai niwaden hai ki wai place ko decide kernai mai apnai advice de..

Thanks and Regards

MUKUL PANDEY
+91-9810339960

हेम पन्त