• Welcome to MeraPahad Community Of Uttarakhand Lovers.
 

UPCOMING CUTURAL AND OTHER EVENTS OF UTTARAKHAND AT DIFFERENT PLACES ?

Started by एम.एस. मेहता /M S Mehta 9910532720, October 06, 2007, 10:14:39 AM

Anubhav / अनुभव उपाध्याय

Dayal bhai jara yeh bhi bataiye ki seminar kis vishay pai ho raha hai?

Quote from: dayal pandey/ दयाल पाण्डे on March 26, 2011, 04:25:54 AM
Dear Member,
                    This is to inform you that CREATIVE UTTARAKHAND
myor pahad & SARTHAK PRAYAAS  going to organise a seminar on 27 March
2011, you are cordly invited, detail is given below.

          Date                           27 March 2011
          Day                            Sunday
          Subject.                      "Paryawaran, Aapda & Pravandhan"
          Time                            10:00 AM to 3:00 PM
          Place                           Gadwal Sadan, Kadkadduma, Delhi
Plese be part of this important Programme.
Thank You
Dayal Pandey
Creative Uttarakhand myor pahad


हेम पन्त

Family Meet and Cultural Program
Venue - Garhwal Bhawan, Delhi
Time - 10.00 AM



खीमसिंह रावत


Harish Rawat

   

विषय : उत्तराखंड की लोक कला `ऐपण' सांस्कृतिक विरासत एवं बोली भाषा पर कार्यशाला का आयोजन!
सभी साथियों को नमस्कार..!!

`म्यर उत्तराखंड' ग्रुप प्रवास में रह रहे युवा एवं युवतियों सामाजिक, सांस्कृतिक, शैक्षिक और साहित्यिक मंच है ! जो कि विभिन्न कार्यकर्मों के माध्यम से समय समय पर उत्तराखंड की सांस्कृतिक विरासत को संजोने में लगी है! यह पुरानी पीढ़ी की विरासत को नई पीढ़ी तक पहुचाने और सहेजने का आयोजन है, पहाड़ से बाहर रह रहे युवाओं को अपन...ी... जड़ो से जुड़े रहने और विभिन्न गतिविधियों से पहाड़ को जानने-समझने का प्रयास भी हम कर रहे हैं! हम इस छोटी सी कोशिश से उत्तराखंड कि सम्पूर्ण धरोहर, सांस्कृतिक एकता, सामाजिक मूल्यों को अक्षुण रखने में सहभागी बनना चाहते हैं! `म्यर उत्तराखंड संस्था अपनी सभ्यता, संस्कृति और इतिहास से प्रेरणा लेकर खुशहाल उत्तराखंड का सपना देखती है! संस्था भूमंडलीयकरण के दौर में भी पहाड़ के नवनिर्माण की सोच रखती है!

`म्यर उत्तराखंड संस्था' ने विभिन्न मंचो के माध्यम से हमेशा उत्तराखंड की सामाजिक, सांस्कृतिक, राजनीतिक, आर्थिक, शैक्षिक और नियोजन सम्बन्धी तमाम सवालों को उठाती आ रही है!

`म्यर उत्तराखंड संस्था' दिनांक 08 मई 2011 (रविवार) को उत्तराखंड की लोक कला `ऐपण' सांस्कृतिक विरासत एवं बोली भाषा पर कार्यशाला का आयोजन कर रही है! जिसमे आप सभी का स्वागत है! संस्था इस कार्यशाला का आयोजन पहले भी 29 जून 2008, को फरीदाबाद , 1 जून से 30 जून 2008 लखनऊ और 31 अगस्त 2008 को करावल नगर दिल्ली में कर चुकी है! अतः आप सभी से अनुरोध है कि अत्यधिक संख्या में निम्नलिखित स्थान पर पहुँच कर उत्तराखंड की संस्कृति और लोक कला को संजोये रखने में अपना बहुमूल्य समय देने का कष्ट करे!

कार्यकर्म की रूपरेखा इस प्रकार है :
10:00 बजे प्रातः: दीप प्रज्वलित
10:00 - 11:00 : सभा संबोधन
11:00 - 1:00 : लोक कला ऐपण का प्रशिक्षण
1:00 - 2:00 : भोजनावकाश
2:00 - 3:30 : ऐपण प्रतियोगिता
3:30 - 5:00 : उत्तराखंड की बोली भाषा पर विचार विमर्श
5:00 - 5:30 : पुरष्कार वितरण
5:30 - 5:45 : समापन समारोह
समय : 10:00 बजे प्रातः
तिथि : 08 मई 2011 (रविवार)

स्थान : गढ़वाल भवन, पंच्कुयाँ रोड (नजदीक झंडेवालान मेट्रो स्टेशन), नई दिल्ली

निवेदक
हरीश रावत  -9968971270,
सचिव
म्यर उत्तराखंड ग्रुप सोसाइटी (पंजी.)
नई दिल्ली
संपर्क: 9310999960, 9582891331, 9868941211,  8010798843

PratapSingh Bharda

Quote from: Harish Rawat on April 29, 2011, 07:24:32 AM
   

विषय : उत्तराखंड की लोक कला `ऐपण' सांस्कृतिक विरासत एवं बोली भाषा पर कार्यशाला का आयोजन!
सभी साथियों को नमस्कार..!!

`म्यर उत्तराखंड' ग्रुप प्रवास में रह रहे युवा एवं युवतियों सामाजिक, सांस्कृतिक, शैक्षिक और साहित्यिक मंच है ! जो कि विभिन्न कार्यकर्मों के माध्यम से समय समय पर उत्तराखंड की सांस्कृतिक विरासत को संजोने में लगी है! यह पुरानी पीढ़ी की विरासत को नई पीढ़ी तक पहुचाने और सहेजने का आयोजन है, पहाड़ से बाहर रह रहे युवाओं को अपन...ी... जड़ो से जुड़े रहने और विभिन्न गतिविधियों से पहाड़ को जानने-समझने का प्रयास भी हम कर रहे हैं! हम इस छोटी सी कोशिश से उत्तराखंड कि सम्पूर्ण धरोहर, सांस्कृतिक एकता, सामाजिक मूल्यों को अक्षुण रखने में सहभागी बनना चाहते हैं! `म्यर उत्तराखंड संस्था अपनी सभ्यता, संस्कृति और इतिहास से प्रेरणा लेकर खुशहाल उत्तराखंड का सपना देखती है! संस्था भूमंडलीयकरण के दौर में भी पहाड़ के नवनिर्माण की सोच रखती है!

`म्यर उत्तराखंड संस्था' ने विभिन्न मंचो के माध्यम से हमेशा उत्तराखंड की सामाजिक, सांस्कृतिक, राजनीतिक, आर्थिक, शैक्षिक और नियोजन सम्बन्धी तमाम सवालों को उठाती आ रही है!

`म्यर उत्तराखंड संस्था' दिनांक 08 मई 2011 (रविवार) को उत्तराखंड की लोक कला `ऐपण' सांस्कृतिक विरासत एवं बोली भाषा पर कार्यशाला का आयोजन कर रही है! जिसमे आप सभी का स्वागत है! संस्था इस कार्यशाला का आयोजन पहले भी 29 जून 2008, को फरीदाबाद , 1 जून से 30 जून 2008 लखनऊ और 31 अगस्त 2008 को करावल नगर दिल्ली में कर चुकी है! अतः आप सभी से अनुरोध है कि अत्यधिक संख्या में निम्नलिखित स्थान पर पहुँच कर उत्तराखंड की संस्कृति और लोक कला को संजोये रखने में अपना बहुमूल्य समय देने का कष्ट करे!

कार्यकर्म की रूपरेखा इस प्रकार है :
10:00 बजे प्रातः: दीप प्रज्वलित
10:00 - 11:00 : सभा संबोधन
11:00 - 1:00 : लोक कला ऐपण का प्रशिक्षण
1:00 - 2:00 : भोजनावकाश
2:00 - 3:30 : ऐपण प्रतियोगिता
3:30 - 5:00 : उत्तराखंड की बोली भाषा पर विचार विमर्श
5:00 - 5:30 : पुरष्कार वितरण
5:30 - 5:45 : समापन समारोह
समय : 10:00 बजे प्रातः
तिथि : 08 मई 2011 (रविवार)

स्थान : गढ़वाल भवन, पंच्कुयाँ रोड (नजदीक झंडेवालान मेट्रो स्टेशन), नई दिल्ली

निवेदक
हरीश रावत  -9968971270,
सचिव
म्यर उत्तराखंड ग्रुप सोसाइटी (पंजी.)
नई दिल्ली
संपर्क: 9310999960, 9582891331, 9868941211,  8010798843


Good Luck Myor Uttarakhand.

KAILASH PANDEY/THET PAHADI


dayal pandey/ दयाल पाण्डे

दोस्तों क्रियेटिव उत्तराखंड म्योर पहाड़ आप सभी को हरेला त्यौहार हेतु दिनांक १७ जुलाई २०११ को गडवाल भवन मैं आमंत्रित कर रहा है प्रोग्राम निम्न प्रकार है
१ हरेला पर्व प्रतीक   साम ४ बजे
२ वृक्षारोपण         साम ४:१५ बजे
३ सेमीनार - "उत्तराखंड की संस्कृति मैं पर्यावरण का महत्व"
स्थान - गढ़वाल भवन, पच्कुयाँ रोड न्यू डेल्ही


Meena Rawat

18th December ko Near Chattarpur manidr road, Bhati Maines me ek Uttrakhand ka Cultural Function ha.....any information regarding this??????

KAILASH PANDEY/THET PAHADI

Beni, Ye program UTTARAKHAND CLUB walon kaa hai....

UTTARAKHAND MAHOTSAV 2011
Date- 18 December 2011
Venue- Shree Hanslok, B-18 Bhanti Mines
Chhatarpur Road, Radha Swami Satsang Vyas Ke samane
New Delhi-110074
Timing- 1.00PM to 8.00PM


Regards