• Welcome to MeraPahad Community Of Uttarakhand Lovers.
 

Garhwali Poems by Balkrishan D Dhyani-बालकृष्ण डी ध्यानी की कवितायें

Started by एम.एस. मेहता /M S Mehta 9910532720, October 03, 2011, 12:06:15 AM

एम.एस. मेहता /M S Mehta 9910532720

किले च
***************************
बैठ यूँ च मन आज
कै अगाँण कै कुल्हाण
दीप बत्ती जली गै सबकी
गढ़ मेरु किले च अंधारु मा
***************************

सोची लियाँ भै भैनु म्यार अब आज्ञा दयावा ध्यानी थै

 

आपकू ध्यानी

एम.एस. मेहता /M S Mehta 9910532720

देव भूमि बद्री-केदार नाथ सबै लुकी गैन

कखक लुकी गैन
पक दूध से भ्र्याँ
वो कांस्या का ग्लास
देखले संस्क्रती हास
सब यख लाचार
कखक लुकी गैन ..२

कखक लुकी गैन
वो शिष्टा चार वो सत्कार
ठंदु मीठू पाणी वो
मीठा मीठा अपरा लगदा बोल
वो घुघूती का घोल
कखक लुकी गैन ..२

कखक लुकी गैन
मील जुली का व्यहार
वो तीज वो त्योंहार
बड़ा -बड़ों का आदार
वो मान सन्मान
कखक लुकी गैन ..२

कखक लुकी गैन
बिकी जानी च आज
ढँकी चा जो लोक लाज
वहैगे अब सरै आम
वो मेरा माट का कूड़ा
कखक लुकी गैन ..२

कखक लुकी गैन
वो अपरा लोक
वो कुमो-गढवाला
वो गढ़ भाषा
वो मेरा पहाड़ा
कखक लुकी गैन ..२

कखक लुकी गैन
पक दूध से भ्र्याँ
वो कांस्या का ग्लास
देखले संस्क्रती हास
सब यख लाचार
कखक लुकी गैन ..२

एक उत्तराखंडी

बालकृष्ण डी ध्यानी
देवभूमि बद्री-केदारनाथ
मेरा ब्लोग्स
http:// balkrishna_dhyani.blogspot.com
मै पूर्व प्रकाशीत हैं -सर्वाधिकार सुरक्षीत — with Anita Upreti and 50 others. Photo: सबै लुकी गैन कखक लुकी गैन पक दूध से भ्र्याँ वो कांस्या का ग्लास देखले संस्क्रती हास सब यख लाचार कखक लुकी गैन ..२ कखक लुकी गैन वो शिष्टा चार वो सत्कार ठंदु मीठू पाणी वो मीठा मीठा अपरा लगदा बोल वो घुघूती का घोल कखक लुकी गैन ..२ कखक लुकी गैन मील जुली का व्यहार वो तीज वो त्योंहार बड़ा -बड़ों का आदार वो मान सन्मान कखक लुकी गैन ..२ कखक लुकी गैन बिकी जानी च आज ढँकी चा जो लोक लाज वहैगे अब सरै आम वो मेरा माट का कूड़ा कखक लुकी गैन ..२ कखक लुकी गैन वो अपरा लोक वो कुमो-गढवाला वो गढ़ भाषा वो मेरा पहाड़ा कखक लुकी गैन ..२ कखक लुकी गैन पक दूध से भ्र्याँ वो कांस्या का ग्लास देखले संस्क्रती हास सब यख लाचार कखक लुकी गैन ..२ एक उत्तराखंडी बालकृष्ण डी ध्यानी देवभूमि बद्री-केदारनाथ मेरा ब्लोग्स http:// balkrishna_dhyani.blogspot.com मै पूर्व प्रकाशीत हैं -सर्वाधिकार सुरक्षीत

एम.एस. मेहता /M S Mehta 9910532720

देव भूमि बद्री-केदार नाथMondayबगता क्या देखाण तिल होर्रि

देख कंण बगत अब ऐगे
मेरु गढ़ देश अब छोलू रैगे
बस देख्दा देखूण रैग़ेई
बस अपड़ा हि हम थै परायू कैगे
हे बग्ता क्या देखाण तिळ होर्रि
देख कंण बग्त अब ऐगै ।

दूर दूर भतेक तू घुमाण कू आई दूर दूर तलक हरयालू छे
ऐकी यख तू मोल्यारु कैगे
बस देख्दा देखूण रैग़ेई
बस अपड़ा हि हम थै परायू कैगे
हे बग्ता क्या देखाण तिळ होर्रि
देख कंण बग्त अब ऐगै ।

कबै हम खिल्द भी छा बुरंस जनी हँस्दा छन
ऐकी यख तू हम थै रुलै की चलीगे
बस देख्दा देखूण रैग़ेई
बस अपड़ा हि हम थै परायू कैगे
हे बग्ता क्या देखाण तिळ होर्रि
देख कंण बग्त अब ऐगै ।

बंजा पड़ी घास देखणा कू आजा
छुपै छुपै की रुंदा मुखड़ा देखणा को ऐजा
ईजा ,ब्वारी का आंसूं पूछण कूंण ऐजा
बस देख्दा देखूण रैग़ेई
बस अपड़ा हि हम थै परायू कैगे
हे बग्ता क्या देखाण तिळ होर्रि
देख कंण बग्त अब ऐगै ।

देख कंण बगत अब ऐगे
मेरु गढ़ देश अब छोलू रैगे
बस देख्दा देखूण रैग़ेई
बस अपड़ा हि हम थै परायू कैगे
हे बग्ता क्या देखाण तिळ होर्रि
देख कंण बग्त अब ऐगै ।
एक उत्तराखंडी

बालकृष्ण डी ध्यानी
देवभूमि बद्री-केदारनाथ
मेरा ब्लोग्स
http:// balkrishna_dhyani.blogspot.com
मै पूर्व प्रकाशीत हैं -सर्वाधिकार सुरक्षीत — with Rajesh Joshi and 49 others. Photo: बगता क्या देखाण तिल होर्रि देख कंण बगत अब ऐगे मेरु गढ़ देश अब छोलू रैगे बस देख्दा देखूण रैग़ेई बस अपड़ा हि हम थै परायू कैगे हे बग्ता क्या देखाण तिळ होर्रि देख कंण बग्त अब ऐगै । दूर दूर भतेक तू घुमाण कू आई दूर दूर तलक हरयालू छे ऐकी यख तू मोल्यारु कैगे बस देख्दा देखूण रैग़ेई बस अपड़ा हि हम थै परायू कैगे हे बग्ता क्या देखाण तिळ होर्रि देख कंण बग्त अब ऐगै । कबै हम खिल्द भी छा बुरंस जनी हँस्दा छन ऐकी यख तू हम थै रुलै की चलीगे बस देख्दा देखूण रैग़ेई बस अपड़ा हि हम थै परायू कैगे हे बग्ता क्या देखाण तिळ होर्रि देख कंण बग्त अब ऐगै । बंजा पड़ी घास देखणा कू आजा छुपै छुपै की रुंदा मुखड़ा देखणा को ऐजा ईजा ,ब्वारी का आंसूं पूछण कूंण ऐजा बस देख्दा देखूण रैग़ेई बस अपड़ा हि हम थै परायू कैगे हे बग्ता क्या देखाण तिळ होर्रि देख कंण बग्त अब ऐगै । देख कंण बगत अब ऐगे मेरु गढ़ देश अब छोलू रैगे बस देख्दा देखूण रैग़ेई बस अपड़ा हि हम थै परायू कैगे हे बग्ता क्या देखाण तिळ होर्रि देख कंण बग्त अब ऐगै । एक उत्तराखंडी बालकृष्ण डी ध्यानी देवभूमि बद्री-केदारनाथ मेरा ब्लोग्स http:// balkrishna_dhyani.blogspot.com मै पूर्व प्रकाशीत हैं -सर्वाधिकार सुरक्षीत2Like ·  · Share

एम.एस. मेहता /M S Mehta 9910532720

देव भूमि बद्री-केदार नाथ कांचे की प्रीत मेरी

कांचे की चूड़ी जनी गोळ गोळ
सुआ तेरी प्रीत मेरा बाणा उनी अनमोळ,मोळ
कांचे चूड़ी का नीच क्वी ओरी छोर छोर
तेरी प्रीती नी खीच्यूं चली ऐ मी तेरी ओर, ओर
कांचे की चूड़ी जनी गोळ गोळ........

लाल कांचे की चूड़ी चूड़ी सुआ लाल कांचे की चूड़ी
मुखडी तेर सेब जणी दिखै लाल कांचे की चूड़ी
लाल कांचे की चूड़ी जुडी ते दगड इनी जिकोडी
फजल शाम भूली मी खैण सीण भूली मी
सुआ तेरी प्रीत मेरा बाणा उनी अनमोळ,मोळ
कांचे की चूड़ी जनी गोळ गोळ........

हैरी कांचे की चूड़ी चूड़ी सुआ हैरी कांचे की चूड़ी
जोड़ी तेर बाणा सुआ हैरी कांचे की चूड़ी
कांचे की चूड़ी हैरी सुआ चडै आणू मी घोडी
ब्योला बाणूलू तेरु तू बाणेली मेर ब्योली
सुआ तेरी प्रीत मेरा बाणा उनी अनमोळ,मोळ
कांचे की चूड़ी जनी गोळ गोळ........

कांचे की मा बसी प्रीत मेरी हैरी राओ या वा पिंगली
कै मा भी सजै तू , तू सुआ मेरी वो कांचे की चूड़ी
जोड़ी रै सदनी तू ऐ जीयु दगडी वो कांचे की चूड़ी
मिल्दी रै तेरा माया मीथै वो कांचे की चूड़ी जणी
सुआ तेरी प्रीत मेरा बाणा उनी अनमोळ,मोळ
कांचे की चूड़ी जनी गोळ गोळ........

कांचे की चूड़ी जनी गोळ गोळ
सुआ तेरी प्रीत मेरा बाणा उनी अनमोळ,मोळ
कांचे चूड़ी का नीच क्वी ओरी छोर छोर
तेरी प्रीती नी खीच्यूं चली ऐ मी तेरी ओर, ओर
कांचे की चूड़ी जनी गोळ गोळ........


एक उत्तराखंडी

बालकृष्ण डी ध्यानी
देवभूमि बद्री-केदारनाथ
मेरा ब्लोग्स
http:// balkrishna_dhyani.blogspot.com
मै पूर्व प्रकाशीत हैं -सर्वाधिकार सुरक्षीत —

एम.एस. मेहता /M S Mehta 9910532720

देव भूमि बद्री-केदार नाथ सावधान व्हैजा रे खबरदार
   
जख भी जै तू दगडी मेरी ऐली
पाप बोगी बोगी की गंगा तू वहैगे मैली

उत्तरखंड खंड की गंगा तू बगदी जैली
ईन बंटे बंटे हूँन तू कबै तक बगदी राली

डैम ला दैमै हमण खैणुण रेती चोरै हमूण 
क्दगा खैरी तू विपदा अबै तक सै अगणे कबै तक सैहे जाली

आस्था का नौ पर छाले छाले हमूण 
एक दिनी तू भी ऐअ बाटोंन बौडी जाली

जबै तू यख भ्तेक बिस्के रोड़ी जली
तीसी की तीसी ये हिंद भूमी राली

जख भी जै तू कंण त्यार दगडी गंगा ऐली
पाप बोगी बोगी की गंगा बिस गैली

एक उत्तराखंडी

बालकृष्ण डी ध्यानी
देवभूमि बद्री-केदारनाथ
मेरा ब्लोग्स
http:// balkrishna_dhyani.blogspot.com
मै पूर्व प्रकाशीत हैं -सर्वाधिकार सुरक्षीत — with Pawan Bhatt and 50 others. Photo: सावधान व्हैजा रे खबरदार जख भी जै तू दगडी मेरी ऐली पाप बोगी बोगी की गंगा तू वहैगे मैली उत्तरखंड खंड की गंगा तू बगदी जैली ईन बंटे बंटे हूँन तू कबै तक बगदी राली डैम ला दैमै हमण खैणुण रेती चोरै हमूण क्दगा खैरी तू विपदा अबै तक सै अगणे कबै तक सैहे जाली आस्था का नौ पर छाले छाले हमूण एक दिनी तू भी ऐअ बाटोंन बौडी जाली जबै तू यख भ्तेक बिस्के रोड़ी जली तीसी की तीसी ये हिंद भूमी राली जख भी जै तू कंण त्यार दगडी गंगा ऐली पाप बोगी बोगी की गंगा बिस गैली एक उत्तराखंडी बालकृष्ण डी ध्यानी देवभूमि बद्री-केदारनाथ मेरा ब्लोग्स http:// balkrishna_dhyani.blogspot.com मै पूर्व प्रकाशीत हैं -सर्वाधिकार सुरक्षीतUnlike ·  · Share

एम.एस. मेहता /M S Mehta 9910532720

आ अब बोंडी जोंला --४

ब्योली जनी नटी धरती खुल्यों च ऐ आकास --२
बुलाणु च हम थै फिर प्रीती कु वो देश
आ अब बोंडी जोंला --४

बिरड़यों छा मी अजाण छा मी
तेर प्रीती थे नी बिंगे पाई
तिल मी इनी तडपे
मी तेर समण चली ऐई
तेरु स्वासा दगडी मेरु जीवण
मेरु जीयु मा तेरु कुडा
जरा देखैली क्वी इना भी
ऐ स्वर्ग जनी च सुंदर
बिन तेरु अब नीच धीर
नीच धीर अब यख
आ अब बोंडी जोंला --४

एक बगता बाण एक दिन बाण
नी जोंलों दूर अब तैंसे मी
तेर आंखी की इन गोंल्यों मा
सुपुनीयाँ की मी खटूली संजोंली
तिथै देखलू तै दगड प्रीत करलों
तेर खुसबू मा मी खो जोंलों
ऐ च मेर इछा बयाँ मा मी तेर से जोंलों
औरी विपदा नी सैण
नी सैण अब यख
आ अब बोंडी जोंला --४

ब्योली जनी नटी धरती खुल्यों च ऐ आकास --२
बुलाणु च हम थै फिर प्रीती कु वो देश
आ अब बोंडी जोंला --४

एक उत्तराखंडी

बालकृष्ण डी ध्यानी
देवभूमि बद्री-केदारनाथ
मेरा ब्लोग्स
http:// balkrishna_dhyani.blogspot.com
मै पूर्व प्रकाशीत हैं -सर्वाधिकार सुरक्षीत
आ अब लौट चलें
गढ़वाली मा ये बोल जी कंन लाग्यां जी आप थै बतवा जरुर जी
हिन्दी गाने का ये का गढ़वाली बोळ संस्करण

एम.एस. मेहता /M S Mehta 9910532720

देव भूमि बद्री-केदार नाथWednesdayकुछ णी चैनु

कुछ णी चैनु मीथै .......हो अ हो अ हो
सरला कुछ णी चैनु मीथै
जीयु टपराणु घिसे
औरी बोलणु मीसे
तेरु दगड़ चैनु बस दगड़ ईथै ...२
कुछ णी चैनु मीथै .......हो अ हो अ हो
सरला कुछ णी चैनु मीथै

घूमी मी सात समुद्र
सात परदेश मा भी मेरा देश की कख बात ना , बात ना
बांद न्खारार्याली ईनी क्ख्क औरी ना , औरी ना
वोंका लस्का डस्का की क्ख्क साथ ना औरी ना साथ औरी ना
मी ऐग्यों सब छोडिकी सरला तेरा बाणा तेरा बाणा

कुछ णी चैनु मीथै .......हो अ हो अ हो
सरला कुछ णी चैनु मीथै
जीयु टपराणु घिसे
औरी बोलणु मीसे
तेरु दगड़ चैनु बस दगड़ ईथै ...२
कुछ णी चैनु मीथै .......हो अ हो अ हो
सरला कुछ णी चैनु मीथै

माया छोडी की आयूँ
अब तक छ मी बिरडीयूँ
देख तेरी मुखडी स्वाणी सरला
मी तै ढयाँ से फिसलीयों
अब तू ही उठे दे दे साथ उमरी का
तेरा बाण मी अपरा मुल्की आयों

कुछ णी चैनु मीथै .......हो अ हो अ हो
सरला कुछ णी चैनु मीथै
जीयु टपराणु घिसे
औरी बोलणु मीसे
तेरु दगड़ चैनु बस दगड़ ईथै ...२
कुछ णी चैनु मीथै .......हो अ हो अ हो
सरला कुछ णी चैनु मीथै

एक उत्तराखंडी

बालकृष्ण डी ध्यानी
देवभूमि बद्री-केदारनाथ
मेरा ब्लोग्स
http:// balkrishna_dhyani.blogspot.com
मै पूर्व प्रकाशीत हैं -सर्वाधिकार सुरक्षीत

एम.एस. मेहता /M S Mehta 9910532720

कुछ इस तरह तेरी पलके मेरी पलकों से मिला दे

कुछ इनी तेरी पलकी

कुछ इनी तेरी पलकी मेर पलकी दगड़ जोडीले
आसू त्यार सबै म्यार पलकी मा सजै दे

तू हर बगत हर समै म्यार दगड़ च
हाँ ऐ सरेल कबै दूर कबै समेण च

जै भी विपदा होली तेरी वों थे मेरु पता दे
कुछ इनी तेरी पलकी मेर पलकी दगड़ जोडीले

आसू त्यार सबै म्यार पलकी मा सजै दे
मी थै त्यारु मुखमा ई विपदा णी जांच णी

आच्छु णी लगणु मीथै विपदा दगडी तेरु रिश्ता
सुण ले मेर बिनती ईंथै मुखडी भतेक हटे दे

कुछ इनी तेरी पलकी मेर पलकी दगड़ जोडीले
आसू त्यार सबै म्यार पलकी मा सजै दे

एक उत्तराखंडी

बालकृष्ण डी ध्यानी
देवभूमि बद्री-केदारनाथ
मेरा ब्लोग्स
http:// balkrishna_dhyani.blogspot.com
मै पूर्व प्रकाशीत हैं -सर्वाधिकार सुरक्षीत

कुछ इस तरह तेरी पलके मेरी पलकों से मिला दे
गढ़वाली मा ये बोल जी कंन लाग्यां जी आप थै बतवा जरुर जी
हिन्दी गाने का ये का गढ़वाली बोळ संस्करण

एम.एस. मेहता /M S Mehta 9910532720

देव भूमि बद्री-केदार नाथTuesdayसबै लुकी गैन

कखक लुकी गैन
पक दूध से भ्र्याँ
वो कांस्या का ग्लास
देखले संस्क्रती हास
सब यख लाचार
कखक लुकी गैन ..२

कखक लुकी गैन
वो शिष्टा चार वो सत्कार
ठंदु मीठू पाणी वो
मीठा मीठा अपरा लगदा बोल
वो घुघूती का घोल
कखक लुकी गैन ..२

कखक लुकी गैन
मील जुली का व्यहार
वो तीज वो त्योंहार
बड़ा -बड़ों का आदार
वो मान सन्मान
कखक लुकी गैन ..२

कखक लुकी गैन
बिकी जानी च आज
ढँकी चा जो लोक लाज
वहैगे अब सरै आम
वो मेरा माट का कूड़ा
कखक लुकी गैन ..२

कखक लुकी गैन
वो अपरा लोक
वो कुमो-गढवाला
वो गढ़ भाषा
वो मेरा पहाड़ा
कखक लुकी गैन ..२

कखक लुकी गैन
पक दूध से भ्र्याँ
वो कांस्या का ग्लास
देखले संस्क्रती हास
सब यख लाचार
कखक लुकी गैन ..२

एक उत्तराखंडी

बालकृष्ण डी ध्यानी
देवभूमि बद्री-केदारनाथ
मेरा ब्लोग्स
http:// balkrishna_dhyani.blogspot.com
मै पूर्व प्रकाशीत हैं -सर्वाधिकार सुरक्षीत

एम.एस. मेहता /M S Mehta 9910532720

लेखी छा

लेखी छा जो पत्री तिथे
वो त्यारा खुद मा
हजार रंग का
नजारा बण गैनी

फजल जब होंदी
तबै फुल बण गैनी
जबै राती ऐगयाई
सितारा बण गैनी

कख क्वी गीत लगाणू , जिकोडी बोली तू ऐई
कख चटकै कली क्वी , मी ये समझी तू लज्जेई
क्वी खुसबू कख बिखरे , लागू तेर लटुली लहरेई

रंगत छा बहारे की खेल छा रंगों का , वो शरमाणू वो मुरडणू
वीं अंगडेई वीं एकलोपन मा, इनी तरसे की त्यारु जाणू
बाणा दे णा ऊ मीथै , योवन जादू बोऊल्याई

जख तू वख मी छों, मेर जिकोडी की धक धक छे तू
यात्री मी तू ठिकाणू मेरु , मी तिसलू तू सौण छे
मेर दुनिया तेर आंखी छ, मेरु सरग ऐ बयाँ छन

एक उत्तराखंडी

बालकृष्ण डी ध्यानी
देवभूमि बद्री-केदारनाथ
मेरा ब्लोग्स
http:// balkrishna_dhyani.blogspot.com
मै पूर्व प्रकाशीत हैं -सर्वाधिकार सुरक्षीत

चित्रपट :कन्यादान लिखे जो ख़त तुझे
गढ़वाली मा ये बोल जी कंन लाग्यां जी आप थै बतवा जरुर जी
हिन्दी गाने का ये का गढ़वाली बोळ संस्करण