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Kumaoni Khadi Holi Exclusive Collection-कुमाऊंनी खड़ी होली संग्रह, अल्मोड़ा से

Started by एम.एस. मेहता /M S Mehta 9910532720, February 21, 2012, 01:31:29 PM

CA. Saroj A. Joshi

जा तू परदेसी घर जा रे बिरहन रोती रहे
लिये यादों  की सौगात बिरहन रोती रहे

तपती दोपहरी , शाम उदासी ,
रातें बड़ी घनघोर, बिरहन रोती रहे ............II जा तू परदेसी....... II

सब घर आये , तुम नहीं आये
बिन सावन मेघा बरसाए
तकते रहे तेरी राह ,बिरहन रोती रही ...........II जा तू परदेसी....... II

चार दिनों की ये जिंदगानी , आग धुनी बनी अपनी कहानी
जो पल पल सुलगे जाय, बिरहन रोती रही.........II जा तू परदेसी....... II

जा तू परदेसी घर जा रे बिरहन रोती रहे
लिये यादों  की सौगात बिरहन रोती रहे

स्वरचित  होली
होली : सन् '2000
स्थान : लोधी कालोनी ब्लाक -5 " बरसाती "

एम.एस. मेहता /M S Mehta 9910532720

होली के कुछ प्रसिद्ध गीत

परियों के रंग दमकते हों
खूँ शीशे जाम छलकते हों
महबूब नशे में छकते हों
तब देख बहारें होली की
नाच रंगीली परियों का
कुछ भीगी तानें होली की
कुछ तबले खड़कें रंग भरे
कुछ घुँघरू ताल छनकते हों
तब देख बहारें होली की
मुँह लाल गुलाबी आँखें हों
और हाथों में पिचकारी हो
उस रंग भरी पिचकारी को
अंगिया पर तककर मारी हो
सीनों से रंग ढलकते हों
तब देख बहारें होली की
जब फागुन रंग झमकते हों
तब देख बहारें होली की


Source -

http://meropahad.blogspot.


Manish Mehta

‎'लोकरंग' की प्रस्तुती
कुमांउनी बैठकी होली सयोजन और सवर्धन अभियान बृतचित्र
स्थान- श्री लक्ष्मी भण्डार हुक्का क्लब अल्मोड़ा !

लीजिये देखिये इक झलक ..
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Mob - +91-9999-448-224
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एम.एस. मेहता /M S Mehta 9910532720


This is the Holi on Bhole Nath

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एक और खेलत होरी
एक और नंदन लाल वे !
कौन जी कावे मल्यागिरी चन्दन !
कौन निभाते तो तल्ला वे !
कृष्ण की कावे मलय गिरी चन्दन !
शामू की वभूति को टाला वे!
कौन जी खावे पान सुपारी !
कौन धतुरी का गल्ला वे!
कौन जी सोवे रंग महल में!
कौन शमशान बसाए वे!
कौन जी पहने मखमल खासा
शम्भू जी बाघम्बर  छावा वे !



एम.एस. मेहता /M S Mehta 9910532720



धरती बनी है जो अमर कोई

धरती जो बनी है अमर कोई!
नौ लाख तारे गगन बिराजै!
सूरज चले चंदा दोई धरती!
नौ लाख गंगा, भू में बिराजै!
यमुना बहे गंगा दोई धरती
नौ लाख योधा जंग मै बिराजै!
राम मई लछिमन दोई धरती!
नौ लाख देवी जग में बिराजै!
काली माई दोई धरती!
नौ लाख तपस्वी जंग में बिराजै!
ध्रुव भयो श्रवण दोई धरती!
नौ लाख नेता जग में बिराजै !
गाँधी ममो जवाहर दोई धरती !

एम.एस. मेहता /M S Mehta 9910532720






दधि लूटत नन्द को लाल, प्यारे मोहनिया -२
कौन राजा के कुंवर कन्हैया, कौन लाला दधि खाय!
प्यारे मोहनिया!

नन्द राजा के कुंवर  कन्हैया, कृष्ण लला दधि खाय!

प्यारे मोहनिया!

कहाँ की तुम ग्वाल गुजरिया, कहाँ दधि बेचन जाय,

प्यारे मोहनिया!

मथुरा की हम ग्वाल गुजरिया, गोकुल बेचन जाय!

प्यारे मोहनिया!
दधि लूटत नन्द को लाल, प्यारे मोहनिया -२



एम.एस. मेहता /M S Mehta 9910532720

लाला श्यामा वर्ण मनमोहना- २
नदिया तीर की झोपड़ी, लाला घडिया-घडिया की तीस
की समझो मेरो बालमा लाला की समझो जगदीश.
लाला श्यामा वर्ण मनमोहना- २
बाघ मीठीबाकरी बकरी को मीठो कान,
त्रिया जो मीठी सेज की वर्ष सोलह की जवान.
लाला श्यामा वर्ण मनमोहना-