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Brief Information about Nand Raj Jat 2013- संशिप्त जानकारी नंदा देवी राज जात 20

Started by एम.एस. मेहता /M S Mehta 9910532720, November 05, 2012, 10:58:09 PM

एम.एस. मेहता /M S Mehta 9910532720





नंदा राजजात  यात्रा -13

बेदिनी बुग्याल उत्तराखंड का सबसे बड़ा और सुंदर बुग्याल माना जाता है। यहाँ पर यात्री वैतरणी  कुंड  में स्नान करते हैं। राजकुंवर यहाँ पर अपने पित्तरों की पूजा करते हैं। एक बांस पर धागा बाँधा जाता है। श्रद्धालु धागा थामकर अपनें पित्तरों का तर्पण करते हैं।

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नंदा राजजात  यात्रा -2013

पातर नचौणिया। कहा जाता है कि यहाँ पर कन्नौज के रजा यशधवल ने पात्तर यानि नाचने-गाने वालियों का नाच गाना देखा। यशधवल के इस कृत्य से नंदा कुपित हो गयी और देवी के श्राप से नाचने-गाने वालियां शिलाओं में परिवर्तित हो गयी!



By- Ved Bhadola.


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नंदा राजजात  यात्रा -2013

कलवा  विनायक। यहाँ पर भगवान् विनायक की सुंदर मूर्ती विराजमान है। चार किलोमीटर की खतरनाक चढ़ाई के बाद यात्री यहाँ पर विश्राम करते हैं। यहाँ से हिमालय का बहुत ही सुंदर दृश्य दिखता है। यहाँ से बेदिनी, आली और भूना बुग्याल देखते ही बनते हैं।

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नंदा राजजात  यात्रा -2013

इस जगह कन्नौज के राजा की गर्भवती रानी वल्लभा ने गर्भ की पीड़ा के समय विश्राम किया था। यहीं पर उसने एक शिशु को जन्म भी दिया था। इस दौरान राजा का लाव-लश्कर रूपकुंड में डेरा डाले रहा। गर्भवती रानी की छूत से कुपित होकर देवी के श्राप से ऐसी हिम की आंधी चली कि राजा के सारे सिपाही और दरबारी मारे गए।



Ved Bhadola 
नंदा राजजात  यात्रा -2013

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नंदा राजजात  यात्रा -2013

चेरिनाग से रूपकुंड के लिए यात्रा बहुत ही खतरनाक रास्तों से गुजरती है। चट्टानों को काटकर बनायीं गयी बेतरतीब सीढ़ियां यात्रा को और मुश्किल बना देती हैं।




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नंदा राजजात  यात्रा -2013

रूपकुंड का निर्माण भगवान् शिव ने नंदा की प्यास बुझाने के लिए किया था। मौसम के अनुसार अपना रूप और आकार बदलने के लिए विख्यात रूपकुंड बहुत ही सुंदर दिखता  है।



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नंदा राजजात  यात्रा -2013

खतरनाक उतार-चढ़ाव के कारण ज्युरांगली को मौत की घाटी भी कहा जाता है।




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नंदा राजजात यात्रा -2013

ज्युरांगली के खतरनाक उतार-चढ़ाव के बाद यात्री शिला समुद्र में विश्राम के लिए रुकते हैं।




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नंदा राजजात यात्रा -2013

शिला समुद्र में रात्रि विश्राम के बाद यात्री होमकुंड के लिए प्रस्थान करते हैं। होमेकुंड पहुंचकर यात्री पूजा-अर्चना करते हैं।



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नंदा राजजात यात्रा -2013

होमकुंड में पूजा-अर्चना के बाद यात्री चंदनिया घाट के लिए प्रस्थान करते हैं।