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Brief Information about Nand Raj Jat 2013- संशिप्त जानकारी नंदा देवी राज जात 20

Started by एम.एस. मेहता /M S Mehta 9910532720, November 05, 2012, 10:58:09 PM

एम.एस. मेहता /M S Mehta 9910532720

नंदा राजजात यात्रा -2013

चंदनिया घाट से उतरने के बाद सुतोल गाँव दिखाई देता है। पूरे पांच दिनों की कठिन यात्रा के बाद यात्रियों को गाँव और जनमानस के दर्शन होते हैं। रूप गंगा और मंदकिनी नदी के संगम पर स्थित सुतोल गाँव में यात्रियों का गरमजोशी से स्वागत किया जाता है!



By Ved Bhadola




Gourav Pandey

नौटी (चमोली) में नंदा देवी मंदिर (सिध्पीठ)

यहाँ से आरम्भ होती है-
नंदा राज जात - विश्व की सबसे लम्बी,
दुर्गम ओर कठिन धर्मयात्रा और
विदा की जाती है नंदा की डोली।

हर बारह साल बाद होने वाली राजजात की पूजा नौटी गांव में शुरू होती है
- नंदादेवी राजजात उत्तराखंड की एक अनूठी देव यात्रा है
- नंदादेवी मंदिर से 280 किलोमीटर की यात्रा करके त्रिशूल
पर्वत के तलहटी पर जाकर संपन्न होती है |



Kiran Rawat

वह वह किया विस्तार और फोटो है ऐसा लगा की हम नंदा राज जात मै ही शामिल हो गए है 
शुब्कम्नाये
किरण

एम.एस. मेहता /M S Mehta 9910532720

नंदा देवी राजजात 29 अगस्त से

गढ़वाल का महाकुंभ कहे जाने वाली नंदा देवी राजजात यात्रा का विधिवत कार्यक्रम घोषित कर दिया गया। वसंत पंचमी के शुभ अवसर पर ब्राह्मणों ने पंचाग गणना के बाद तय किया कि इस साल यात्रा 29 अगस्त से 16 सितंबर तक चलेगी। 28 अगस्त की सांय कांसवा के गढ़वाल राजवंश के प्रतिनिधि कुवंर डॉ राकेश कुंवर अपने साथ चौसिंघा खाडू (भेड़) और राजवंशी छंतोली (डोली) को लेकर नौटी गांव पहुंचेंगे। 280 किलोमीटर लंबी इस पैदल यात्रा के लिए 19 पड़ाव तय कर किए गए हैं।

29 अगस्त को यात्रा का शुभारंभ नंदाधाम नौटी से पूर्वाह्न 11.35 पर होगा। इससे पहले नौटी देवी मंदिर में पवित्र राज छंतोली व स्वर्ण प्रतिमा की प्राण प्रतिष्ठा की जाएगी। नंदादेवी राजजात के महामंत्री भुवन नौटियाल ने बताया कि परंपरा अनुसार इस शुभ अवसर पर टिहरी से महाराजा मनुजेंद्र शाह व सांसद महारानी माला राज्ये लक्ष्मी शाह को भी विशेष रूप से आमंत्रित किया जाएगा।

यात्रा के प्रमुख पड़ाव  29 अगस्त- पूर्वाह्न 11:35 बजे नौटी से यात्रा शुरू होकर इड़ाबधाणी पहुंचेगी  30 अगस्त- इड़ाबधाणी से नौटी प्रस्थान  31 अगस्त- नौटी से कांसुवा 01 सितंबर- कांसुवा से सेम 02 सितंबर-सेम से कोटी 03 सितंबर-कोटी से भगोती 04 सितंबर- कोटी में काली श्रीयंत्र की  पूजा 05 सितंबर- कुलसारी से चेपड़यूं 06 सितंबर -चेपड़यूं से नंदकेशरी 07 सितंबर- नंदकेशरी से फल्दियागांव  08 सितंबर- फल्यिागांव से मुंदोली 09 सितंबर- मुंदोली से वांण 10 सितंबर- वांण से गैरोलीपातल 11 सितंबर- गैरोली पातल से पातर नचौणिया 12 सितंबर- पातर नचौणिया से शिलासमुद्र ज्यूंरागली चोटी पार कर यात्रा होमकुंड स्थित नंदादेवी पहुंचेगी 13 सितंबर- वापसी 14 सितंबर- चंदनियाघाट से सुतोल 15 सितंबर- सुतोल से घाट 16 सितंबर- घाट से नौटी


एम.एस. मेहता /M S Mehta 9910532720

नंदा देवी राजजात 2013-लुंतरा गांव में निकले खाड़ू के चार सींग (राजजात की अगुआई करने वाले खाड़ू (भेड़) लुंतरा गांव में पैदा हो गया है)

गोपेश्वर-नंदा देवी राजजात की अगुआई करने वाले खाड़ू (भेड़) लुंतरा गांव में पैदा हो गया है। इस भेड़ के चारों सींग निकलने से इस नंदादेवी राजजात में शामिल किया जा सकता है। हालांकि अभी भेड़ का चयन राजजात समिति, कुंवर और पुजारियों के परीक्षण के बाद किया जाएगा।  विकासखंड घाट के ग्राम लुंतरा में विरेंद्र सिंह की गोशाला में तीन महीने पहले पैदा हुए इस भेड़ के सिर पर पहले दो सींग थे, लेकिन हाल ही में दो और सींग निकलने के बाद इस राजजात में शामिल किया जासकता हैं। खाडू के चार सींग निकलने की सूचना विरेंद्र सिंह ने राजजात समिति को दे दी है। अब जल्द ही समिति के सदस्य, कांसवा के कुंवर और यात्रा के पुजारी खाडू का परीक्षण करेंगे। मान्यता है कि यात्रा में शामिल होने वाले चार सींग वाला खाडू शारीरिक रूप से स्वस्थ और अंग-भंग नहीं होना चाहिए। चयन के बाद खाडू को समिति कड़ी सुरक्षा के बाच पालती है। राजजात के लिए खाड़ू पैदा होने के लिए समिति और पुजारियों ने 10 फरवरी 2011 में मनौती मांगी थी। चौसींगा खाड़ू के जन्म होने से नंदादेवी मंदिर से जुड़े लोगों में खासा उत्साह है। इस खाड़ू की पूजा के स्थानीय लोगों गांव में तांता लगा हुआ है। नंदादेवी सिद्धपीठ कुरुड़ के पुजारी मुंशी चंद्र गौड़ व थोकदार विरेंद्र सिंह ने कहा कि चौसींगा खाड़ू के मिलने से इस यात्रा की धार्मिक परंपरा पूरी हो रही है। गौरतलब है कि इस वर्ष 29 अगस्त से शुरू हो रही एशिया की सबसे लंबी इस धार्मिक पैदल यात्रा की अगुआई यही चौसींगा खाड़ू ही करता है। आगे खाडू चलता है फिर इसके पीछे श्रद्धालु कतारबद्ध होकर चलते हैं।


एम.एस. मेहता /M S Mehta 9910532720

निर्धारित तिथि से ही प्रारंभ  होगी नंदादेवी राजजात यात्राकर्णप्रयाग: आगामी 29 अगस्त से होने वाली नंदादेवी राजजात यात्रा के आयोजन को लेकर हुई भ्रम की स्थिति समाप्त हो गई है, राजजात समिति द्वारा आज यहां ब्लाक सभागार में आयोजित बैठक में निर्णय लिया गया कि राजजात यात्रा निर्धारित तिथि से प्रारंभ होगी और इस दौरान पूरे परंपरागत व धार्मिक रीति-रीवाजों का निर्वहन भी होगा।
इस अवसर पर राजजात समिति महामंत्री भुवन नौटियाल ने कहा कि राजजात यात्रा पूरे हिमालयी क्षेत्र के लोगों की धार्मिक भावनाओं से जुड़ी है और अब जबकि राजजात यात्रा का पूरा कार्यक्रम व दिनपट्टा तैयार है, ऐसे में यात्रा की तिथि को लेकर भ्रम की स्थिति बनाना सही नहीं होगा। बैठक में क्षेत्रीय विधायक एवं उत्तराखंड विधानसभा के डिप्टी स्पीकर डॉ.एपी मैखुरी ने कहा कि राजजात यात्रा को सूक्ष्म व विधि-विधान से क्षेत्र की विषम भौगोलिक परिस्थितियों के अध्ययन के बाद शुरू करना हितकारी होगा। बैठक में वक्ताओं ने कहा कि राजजात यात्रा को आगे बढ़ाया जाना ठीक नहीं है और तय सीमा में ही इसका आयोजन किया जाना चाहिए। बैठक में प्रमुख मगन लाल शाह, हरि सिंह रावत, गब्बर सिहं, बिरेन्द्र सिंह, सुभाष गैरोला, हेमंत सेमवाल, राकेश डिमरी, उद्धव देवली आदि मौजूद थे। बैठक में विभिन्न गांवों से निकलने वाली छंतोली यात्रा समिति के पदाधिकारियों को भी यात्रा की तैयारियों को अंतिम रूप देने के लिए समिति द्वारा अपील की गई।
(dainik jagran)