• Welcome to MeraPahad Community Of Uttarakhand Lovers.
 

Poems Written by Shailendra Joshi- शैलेन्द्र जोशी की कवितायें

Started by एम.एस. मेहता /M S Mehta 9910532720, January 25, 2013, 10:21:23 PM

एम.एस. मेहता /M S Mehta 9910532720

Shailendra Joshi
February 10 · 

लटुला मा का लटुला छन
यु लटलो मा अल्छी ना जयी
लटुला छन या ट्रैफिक दिल्ली कु
लटुला छन या घणी कुलाण कै जंगल की
लुटला छन या ऐड सेण्टर शॉक कु
रचना। । शैलेन्द्र जोशी

एम.एस. मेहता /M S Mehta 9910532720

Shailendra Joshi
February 9
दारू की घट
हत मा बोतल
सिगरेट का छल्ला
बँगला की सोड़
गुटखा खैनी चैन्दी गिचा सदानी
नसा मा चुर ज़िन्दगी हुयी चा
फंसी च ज़िन्दगी यी नसा
निकली कनकुवे भैर
कभी दगडो का बाना
कभी खुसी मा कभी गम मा
लग्यु चा यु नसा पैथर
उधार नगद मा चल्दु नसा
नसा ही मेरु सब से सगा
और सब दैदीन दगा
आज ब्याली भोल पर्सी का
थौल मा अमृत सी यु नसा
भोल क्या होलू देखी जाली
कटनी चा ज़िन्दगी
चुर नसा मा
रचना शैलेन्द्र जोशी

एम.एस. मेहता /M S Mehta 9910532720

Shailendra Joshi
February 9
जिन्दगी जीणो किरण
लुछी तेरी बेसर्मी का बादलन
मेरी उज्यालि किरण
अंधेरु करी तेरी बेसर्मी का बादलन
लुटी इज्जत मेरी
तेरा मन का फतुरुन
कब तक राली स्या हवस
तेरा गात राकछस
मेरी मौत कु इंसाफ
मिल्लु कब तक मेरी देस कि
दीदी भूलियो तै
या लुटती राली आबरू
स्या ज़ुल्मयो हात उंद
रचना। .........शैलेन्द्र जोशी

एम.एस. मेहता /M S Mehta 9910532720

Shailendra Joshi

February 8

मेरा गरीबी का पठालो मा
कब तक खैरी चुली
कब पड़लू भै अमीरी कू लैंटर
देखदा देखदा कना कना
लोला बण गैनी मोटा ठेकेदार
कब तक मी युकू कुली कबाड़ी रालू
कब म्यरा किस्सों मा भी माल होलू
मै दनकुलू यू चमकदा मॉलो मा
या किस्मत मा फुटपाथ की ठेली लिखी चा
भाग मा मेरी भी होली क्या क्वी बांद
या फ़िल्मी पोस्टर देखी ज्यू बैलालू
रचना शैलेन्द्र जोशी

एम.एस. मेहता /M S Mehta 9910532720

Shailendra Joshi
February 8
दुंगा कुंगला ही ज्यू होंदा
स्याल भुक्का नी मोरदा
पाड़ मा जीबन सौगु ही ज्यू होंदा
नौन्याल देस नी पैट दा
ज़मीन की सच जणदा तुम त
सैरा पुंगड़ा डुटयाल नि बसदा
नेतो की सच जांणी की भी हर बार किल्है ढगदा
भोल की आस मा हम
हर कै पर विस्वास किल्है कर दा
जुकुड़ी की सच जणदा तुम त
मुखुडी कू रंग देखी नी ढगदा
रचना शैलेन्द्र जोशी

एम.एस. मेहता /M S Mehta 9910532720

Shailendra Joshi
February 7
थोड़े सी ज़मीन के
लालच ने
शहरों खुबसूरती
बिगाड़ दी है
बड़े आलीशान गेटो ने
के अन्दर सब
कार तो पार्क
करना चाहते है
पर रास्ते की
ज़मीन दबाये बैठे हैं
बड़ती बॉउंड्रीवालों ने
गालियाँ तंग कर डाली है
सारा फसाद कर डाला
थोड़ी से लालच ने
शहरों खुबसूरती
बिगाड़ दी है
रचना शैलेन्द्र जोशी

एम.एस. मेहता /M S Mehta 9910532720

hailendra Joshi
14 hours ago
सुखे मन मे
गीली बारिश की आस है
मन की मिटटी मे
गिरे बारिश की फुहार
खुश्बु उड़े मन की मिटटी
की फिजा मे
रे मन रे मन भिगजा
आज बारिश
नाच फिर मन मोरा
छम छम आज बारिश मे

रचना शैलेन्द्र जोशी

एम.एस. मेहता /M S Mehta 9910532720

Shailendra Joshi
19 hours ago
दास्तान ए इश्क़
कब हुआ शुरू
ये बात तो
बहस की है जरा
लेकिन खेल
सारा नज़र का है
चेहरे मुस्कुराहट पहले आयी
या शर्म की लाली
ये बात तो
बहस की है जरा
लेकिन खेल
सारा नज़र का है
दुपट्टा पहले सरका
या झुकी आँखे पहले उठी
ये बात तो
बहस की है जरा
लेकिन खेल
सारा नज़र का है
उसके चेहरे के पसीने
लतपत रुमाल मे था
प्यार का करार
जो रख दिया था
रेस्टोरेंट कि मेज मे
या राह मे गिरी चुनरी
पर था प्यार का पैगाम
ये बात तो
बहस की है जरा
लेकिन खेल
सारा नज़र का है

रचना शैलेन्द्र जोशी

एम.एस. मेहता /M S Mehta 9910532720

Shailendra Joshi

हाय हाय मिर्ची
उफ़ उफ़ मिर्ची
किस किस को
लगी मिर्ची
किस किस ने
लगायी मिर्ची
संसद मिर्ची
सांसद को लगी मिर्ची
सांसद ने लगायी मिर्ची
हाय हाय मिर्ची
उफ़ उफ़ मिर्ची
रचना शैलेन्द्र जोशी

एम.एस. मेहता /M S Mehta 9910532720

Shailendra Joshi
22 hours ago
प्रेम का फ्रेम देखो
चॉकलेट की मिठास
टैडी की मुस्कुराहट
महँगे गिफ्ट पैक
ग्रीटिंग गैजेट रेस्टोरेंट
बिक रहा बाजार मे
आजकल यू प्रेम का पैकेट

रचना शैलेन्द्र जोशी