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Prakash Rawat - Kumaoni Folk Singer from Pithoragarh, प्रकाश रावत - पिथौरागढ़

Started by हेम पन्त, February 12, 2013, 03:09:44 PM

हेम पन्त

पिथौरागढ़ के मशहूर गायक प्रकाश रावत के कई गाने सदाबहार हैं। प्रकाश दा  ने  पहाड़ की आम दिनचर्या के साथ-साथ सामाजिक बुराइयों पर भी कई प्रसिद्द गाने लिखे और यह सभी गाने आजतक भी पसंद किये जाते हैं। वर्तमान में प्रकाश दा पिथौरागढ़ में रहते हैं और कैसेटों और मंच गायन के द्वारा कुमाउनी लोक संगीत को समृद्ध कर रहे हैं।


हेम पन्त

प्रकाश रावत के कुछ प्रसिद्द गीत -

तू पानि पिलेदे पनेरा पानी, तेरी खुटी सलाम....
***
की भलो कौतिक जौलाजीबी या...
***
सब ग्या नौकरी में... मैं घरे हालिया
***
कैथे जन कया दाज्यु..... स्यानी ले हाणि  राख्यु

हेम पन्त

पति-पत्नी की सामान्य छेड़-छाड़ पर प्रकाश दा के ये गाना अद्वितीय है -


ने खानु- ने खानु कुछी, नौ रोटा खा जाछी,
नान्तिन बूढा बाड़ी, चाईयां रै जानी,
काम धन्धा का दिन आया त ह्वै जांछी बीमार,
खान खिन सब हैं पैली, ह्वै जांछी तैयार.... ने खानु- ने खानु कुछी, नौ रोटा खा जाछी,"


पति कहता है - नहीं खाती हूँ, नहीं खाती हूँ कहते-कहते तू 9 रोटी खा जाती है। घर के बच्चे और बूढ़े तुझे देखते ही रह जाते हैं।

हेम पन्त

प्रकाश दा का एक और दिल छू लेने वाला गाना ..

कि कूनू कै भैर..कैथे कूनू... , को सुनलो कि कूनू कै भैर
कलेजी दि भैर... पराया आपन ने हुना... कलेजी दि भैर
 

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क्या करें किसी से अपने दिल की बात, किस्से कहें? कौन सुनने वाला है भला?

अगर किसी पराये को अपना कलेजा भी निकालकर दे दिया जाए तो वो अपना नहीं बन जाता ... 

हेम पन्त

निभूनी कठिन हुचि , माय लानी आसान छ, छोरी माय लानी आसान छ।

माया लगे ध्वाख ने दिए, तेरी खुट्टी सेलाम छ।

..

माया लगानी आसान है, निभानी कठिन, इसलिए माया लग गई तो उसके बाद धोखा मत देना।। तेरी खुट्टी  सलाम है (तेरे पैर पड़ता हूँ )

Nibhuni Kathin Hoochhi [Full Song] Aha Mhar Muluk

हेम पन्त

 मुंबई में "कौथिग-2013" के अवसर पर अपना  पेश करते हुए प्रकाश रावत 


हेम पन्त

अपनी जन्मभूमि को समर्पित  प्रकाश रावत का प्रसिद्द गाना -

ये पहाड़ बसी  मेरा परान, यो छ  मेरि  जनम भूमी महान।

मेर पहाड़ बिलकुल छ  समान

यो छ मेरि जनम भूमी महान।

Meri Janam Bhoomi Mahan [Full Song] Aha Mhar Muluk

हेम पन्त

पहाड़ का दुर्भाग्य यह है कि  यहाँ का युवावर्ग रोजगार की खातिर अपने बीबी-बच्चों   के साथ मैदानों की तरफ आ जाता है, गाँव में रह जाते हैं सिर्फ बुजुर्ग लोग, ऐसे ही एक बुजुर्ग दंपत्ति की व्यथा देखिये।

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भल-भला भाबर ग्या जस-कसा सीमल्या

तैंले - मेंले मेरि  बुढिया  आँखा चिमल्या।

हेम पन्त

शराब की बुरी आदत पर भी प्रकाश दा ने कई गीत गाये हैं।

सोचिये जब बाप-बेटे दोनों शराब पीकर घर पर आयेंगे तो क्या होगा?

...

दारु पीबेर बापु -चेलो दुई हे रयान डौन , एक पड़ी रयो घ्वाघा सौण , एक भांगा का सौण

हेम पन्त

प्रकाश दा ने कई नेपाली और कुमाऊनी पारंपरिक गीतों को नए अंदाज में गाकर उन्हें युवा पीढी के सामने रखा, ऐसे गीतों को बहुत पसंद किया गया।।


...

कालो चोला कुमकुम टाले को, कुमकुम टाले को

भुकन्या कुकुर की कामे पाले को।।

मुई ले की करूँ ,

तुमि औउञ्छा की अरखो बया करूं ? (नेपाली)