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“नन्धौर नदी “ की अध्ययन यात्रा (पदयात्रा) - Walk through Nandhor River

Started by हेम पन्त, March 24, 2013, 09:15:18 PM

हेम पन्त

सांस्कृतिक संस्था शैलनट द्वारा नैनीताल जिले के ओखलकांडा विकास खंड से शुरू होने वाली "नन्धौर नदी " की अध्ययन यात्रा का आयोजन जन सहभागिता से किया जा रहा है.

यात्रा का नाम – "नन्धौर नदी " की अध्ययन यात्रा ( गिर्दा को समर्पित )
यात्रा की तिथियाँ – 26 से 30 मार्च 2013 ( पांच दिन )
यात्री – आप और हम

यात्रा के प्रमुख पड़ाव / स्थान / गाँव – पतलोट – लवाड – डोबा – हरीशताल – लूखामताल (लोआखामताल) - डालकन्या – भोलापुर –डूंगरी – कुंडल – अधोडा – पदमपुर – बसानीधुरा – मिडार – अमझड – श्यालाचोड – दुर्गापीपल – खोलगड – मछलीवन – चोरगलिया

हेम पन्त

यात्रा का उद्येश्य – इन स्थानों की शैक्षिक, सांस्कृतिक, पर्यावरणीय, स्वास्थ, जल, जंगल, जमीन, कृषि, रोज़गार, सड़क, पेयजल, महिलाओं की स्थितिओं का समग्र अध्ययन.

यात्रा की मुख्य विशेषताएँ - पहाड़ की परंपरागत सांस्कृतिक विरासत – खडी होली में प्रतिभाग , नयी व प्राकृतिक झीलों का अध्ययन हरीशताल – लूखामताल, फोटोग्राफी, लोकगीत, लोकंन्रत्य

यात्रा के साधन – पदयात्रा
यात्रा में संपर्क शामिल होने के लिए संपर्क करें – 08171455499 , 09411199299 (Dr. D.N. Bhatt, Haldwani)


हेम पन्त

UPDATE - 25 March 2013 (10.30PM)

Below Team members have been assembled at Jhad Gaon (Patlot).

1. Dr. DN Bhatt
2. Dr. GK Srivastav
3. Dr. Dinesh Karnatak
4. Dr. Dinesh Joshi
5. Rohit Melkani
6. Ishwari Datt Pandey
7. Suneel Pant
8. Hem Pant

Journey will start from Patlot at 9AM (26March), Mrs. Kamlesh Kaida (Block Pramukh, Okhalkanda) will show the flag to the team.

एम.एस. मेहता /M S Mehta 9910532720

नन्धौर नदी अध्यन यात्रा का आज शुभारम्भ हो गया है। पहले चरण में इस यात्रा का उदेश्य – इन स्थानों की शैक्षिक, सांस्कृतिक, पर्यावरणीय, स्वास्थ, जल, जंगल, जमीन, कृषि, रोज़गार, सड़क, पेयजल, महिलाओं की स्थितिओं का समग्र अध्ययन.

पहले दिन की यात्रा में पतलोट से हरीश ताल की है - जो 12 किलोमीटर का ट्रैक है।  यह क्षेत्र नैनीताल जिले के दूरस्थ जगह में है जो ओखला कांडा के धारी तहसील के अंतर्गत आता है। हरीश ताल जो अभी भी पर्यटन की दृष्टि से अनखोजी जगह है।

मेरापहाड़ के वरिष्ठ सदस्य हेम पन्त भी इस यात्रा में भागीदारी कर रहे है।

इस सम्पूर्ण यात्रा का मेरापहाड़ वेब पार्टनर भी है। हम आपको इस पूरी यात्रा का प्रतिदिन का विवरण इस टॉपिक  में देते रहंगे।



एम.एस. मेहता /M S Mehta 9910532720

विकास को छटपटा रहे हैं गांवशैलनट की नंधौर नदी घाटी अध्ययन यात्रा शुरू

हल्द्वानी। सांस्कृतिक संस्था शैलनट की नंधौर नदी घाटी अध्ययन यात्रा मंगलवार को ओखलकांडा ब्लाक के ग्राम पतलोट से शुरू हुई। यात्रा दल में कुल 11 सदस्य शामिल हैं, इनमें दो महिलाएं हैं। पहले दिन दल 25 किमी. का सफर तय कर देर शाम हरीशताल पहुंचा। दल का मानना है कि राज्य गठन के बारह वर्षों बाद भी ओखलकांडा के दिन नहीं बहुरे हैं। दर्जनों गांव आज भी विकास की मुख्य धारा में शामिल नहीं हो सके हैं। और तो और पर्यटन को बढ़ावा देने का नारा देने वाली सरकारें प्राकृतिक सुंदरता से भरपूर दो झीलों हरीशताल और लोहाखामताल को पर्यटन मानचित्र में शामिल नहीं कर सकी हैं।बता दें कि शैलनट संस्था दुर्गम गांवों की शैक्षिक, संस्कृति, पर्यावरणीय स्थिति, जल-जंगल-जमीन, महिलाओं की स्थिति, विकास जैसे ज्वलंत सवालों को लेकर यह अध्ययन यात्रा निकाल रही है। पतलोट गांव में आज मटेला के ग्राम प्रधान दीवानराम ने यात्रा को हरी झंडी दिखाई। दल की अगुवाई संस्था के अध्यक्ष देवकी नंदन भट्ट कर रहे हैं। अन्य सदस्यों में डा. दिनेश जोशी, डा. कृष्ण गोपाल श्रीवास्ताव, दिनेश कर्नाटक, रोहित मलकानी, इंजीनियर हेम पंत, सुनील पंत, ईश्वरीदत्त पांडे, भुवन चंद्र पनेरू, नमिता भट्ट और रेखा भट्ट शामिल हैं। डीएन भट्ट ने बताया कि पहले दिन ल्वाड़, चकडोवा आदि गांवों से होकर दल हरीशताल पहुंचा। इस दौरान सदस्यों ने गांवों में खड़ी होली और बैठकी होली में शिरकत की। क्षेत्र के विकास और समस्याओं को लेकर ग्रामीणों से बातचीत की गई। दल का कहना है कि पूरा क्षेत्र आज भी बुनियादी जरूरतों के लिए छटपटा रहा है। गांवों में फोन की सुविधा नहीं है। हरीशताल और लोहाखामताल यहां की दो प्रमुख झीलें हैं। पर्यटन विकास की तमाम संभावनाएं होने के बावजूद सरकार और जनप्रतिनिधियों की नजरें इस क्षेत्र की ओर इनायत नहीं हुई हैं।

(source - Amar Ujala)

हेम पन्त

सांस्कृतिक संस्था "शैलनट" द्वारा आयोजित "नन्धौर नदीघाटी अध्ययन पदयात्रा" सकुशल सम्पन्न हो गई है. इस यात्रा में पूरे पांच दिन में सौ किलोमीटर से अधिक दूरी तय की गई और नैनीताल जिले के सर्वाधिक पिछड़े विकासखण्ड के दर्जनों गांवों में सैकड़ों लोगों के साक्षात्कार लिये गये. पूरी यात्रा के दौरान निम्न लोग शामिल रहे-
१.   डा. डी. एन. भट्ट
२.   डा. कृष्ण गोपाल श्रीवास्तव
३.   डा. दिनेश जोशी
४.   श्री दिनेश कर्नाटक
५.   श्री सुनील पन्त
६.   श्री रोहित मेलकानी
७.   श्री ईश्वरी दत्त पाण्डे
८.   श्री हेम पन्त   



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