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Maneshwar Shiv Temple Champawat, Pandavs performed pooja here-मानेश्वर महादेव

Started by एम.एस. मेहता /M S Mehta 9910532720, August 03, 2013, 02:23:14 PM

एम.एस. मेहता /M S Mehta 9910532720


Dosto,

There is Maneshwar Mahadev Temple situated in District Chamapwat of Uttarakhand. It is believed during exile period of Pandavas, they performed 'Sharad' of their forefathers here. Pandavs mother Kunti asked her son Arjun to his arrow in a hill for making the water available.

From where the water comes, this place is called 'Gupt Nala'. Thereafter, Pandavas perfomred Pooja here. A lot of devotees come at this place for performing pooja.


M S Mehta



एम.एस. मेहता /M S Mehta 9910532720

पांडवों ने किया था मानेश्वर में पिता का श्राद्ध
चंपावत। श्रावण मास में जिले के सभी देवालयों में पूजा-अर्चना के साथ विशेष धार्मिक अनुष्ठानों का आयोजन किया जा रहा है। चंपावत जिले में भगवान शिव के कई मंदिर स्थित हैं। इनमें मानेश्वर महादेव का धाम काफी महत्व है। यहां स्थित नौले में श्रावण मास सहित खास पर्वों में स्नान कर श्रद्धालु पुण्य कमाते हैं। मनोकामना की पूर्ति में सहायक माने जाने वाले इस मंदिर का ताल्लुक महाभारत काल से है। इस स्थान में अज्ञातवास के दौरान पांडवों ने अपने पिता पांडु का श्राद्ध किया था।  गुप्त नौले का जल कैलाश मानसरोवर के जल की तरह पवित्र माना जाता है।
मानेश्वर महादेव मंदिर की गाथा महाभारत कालीन युग से जुड़ी है। कहते हैं कि वनवास काल के बाद एक वर्ष के अज्ञातवास में पांडव कुछ समय यहां रुके थे। इसी दौरान कुंती ने पांडवों से पिता के श्राद्ध के लिए मानसरोवर के जल की इच्छा प्रकट की थी। तब अर्जुन ने गांडीव से पहाड़ी में बाण चलाकर जलधारा उत्पन्न की थी। इसी जल से पांडवों ने पिता का तर्पण किया था। बताते हैं कि उसी बाण से एक नौला बना था, जिसे गुप्त नौला कहा जाता है और जो सदाबहार जल से भरा रहता है।
इस जल में स्नान करने से पुण्य अर्जित होता है। भगवान शिव की कृपा से जल मानसरोवर से आया था। इसलिए कृतज्ञता स्वरूप पांडवों ने मानेश्वर में शिवलिंग स्थापित किया। मानेश्वर के शिवालय का जिक्र मानसखंड के स्कंदपुराण के 65वें अध्याय में भी किया गया है, जिसमें उसे मोक्षदायक और भक्तों को शिवलोक का मार्ग बताने वाला कहा गया है। मानेश्वर में स्नान कर शिव पूजन करने से मुक्ति का विशेष लाभ होता है।


http://www.amarujala.com/n

एम.एस. मेहता /M S Mehta 9910532720

मानेश्वर महादेव मंदिर भगवान शिव के अनुयायियों की आस्था का प्रमुख केंद्र है। ऐतिहासिक मेला प्रांगण में प्रतिवर्ष होली की एकादशी को विशाल मेला आयोजित किया जाता है। इस दिन मेले के दौरान सर्वप्रथम खड़ी होली का गायन किया जाता है, उसके बाद अन्य स्थानों में होली गायन की शुरुआत की जाती है।