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Patti Mela, Pauri Garhwal Uttarakhand- पत्ती मेला अपने आप में अनूठा है

Started by एम.एस. मेहता /M S Mehta 9910532720, September 15, 2013, 12:18:02 PM

एम.एस. मेहता /M S Mehta 9910532720


Dosto,

Patti Fair is held in 'Thali Sain' block of Pauri Garhwal District of Uttarakhand. We are sharing some information about this unique fair.

                   

क्या है पत्ती मेला चीड़े के लंबे पेड़ के सारे तने काटकर उसे लंबे डंडे में तब्दील कर दिया जाता है। इस डंडे पर तेल और सेमल की मदद से चिकनाई पैदा की जाती है। इसके सबसे ऊपरी सिरे पर स्थानीय उत्पाद जैसे अखरोट, चूड़ा और अनाज को बांध दिया जाता है, जिसे पत्ती कहा जाता है। जो भी व्यक्ति पत्ती लूटता है, वह विजेता घोषित किया जाता है

M S Mehta


एम.एस. मेहता /M S Mehta 9910532720


This is the information about Patti Fair held in 2o13.

15 मीटर लंबे चीड़ के चिकने तने पर पत्ती लूटने के लिए जोर आजमाइश करते ग्रामीण और साथ में हौसलाअफजाई करते लोग पत्ती मेले के उत्साह को कई गुना बढ़ा रहे थे। प्रकृति के बीच प्रकृति का मेला निश्चित तौर पर खुशहाली की कहानी बयां कर रहा था। बीरोंखाल ब्लॉक की ग्राम सभा सुकई के कुंज तलिया में पहली दफा पत्ती मेले का आयोजन किया गया। पहली दफा क्षेत्र में आयोजित मेले में सैकडों की संख्या में ग्रामीण उमड़े। राजराजेश्वरी मंदिर समिति की ओर से पहली बार आयोजित पत्ती मेले में हालांकि कोई भी ग्रामीण पत्ती नहीं लूट सका, लेकिन दिन भर मेले में लोगों का उत्साह देखते ही बन रहा था। समिति के अध्यक्ष हर्षपाल बंगारी ने बताया कि पत्ती मेले से पूर्व मंदिर में दो दिन तक जागरण और भजन संध्या का आयोजन किया गया। उन्होंने बताया कि सूर्यास्त तक भी पत्ती नहीं लूटने पर मंदिर समिति ने पत्ती को नीचे उतारकर ग्रामीणों में प्रसाद स्वरूप बांट दिया। (srouce dainik jagran)

एम.एस. मेहता /M S Mehta 9910532720

'पत्ती' मेले में उमड़ा देवी भक्तों का सैलाब रविवार, 15 सितंबर 2013

नंदा देवी पूजन कार्यक्रम के तहत बाली कंडारस्यूं के विभिन्न गांवों में 'पत्ती' मेले का आयोजन हुआ। बड़ी तादाद में भक्त कार्यक्रम में शामिल हुए। आम जन की सुख समृद्धि, सौहार्द के लिए राठ क्षेत्र के गांवों मेें 'पत्ती' मेले का आयोजन किया जाता है। बनेख गांव में जय सिंह रावत एवं अन्य लोगों की पहल पर आयोजित हुए मेले में नौ दिन तक देवी की पूजा अर्चना का सिलसिला अनवरत चला।
परंपराओं के मुताबिक पत्ती मेले में गांव के पंचायत भूमि पर आयोजन किया जाता है। क्षेत्र में यह मेला ताकत, साहस का परिचायक भी है। मेले में करीब बीस मीटर ऊंचे खंभे के ऊपर एक लक्ष्य रखा जाता है। जिसे हासिल करने वाले को सम्मान के साथ पुरस्कार दिया जाता है। 'पत्ती' के आयोजन को लेकर बनेख में शुरू से ही गजब का उत्साह दिखा। क्षेत्र के युवा के दल ने फिसलन भरे खंभे पर चढ़ने का प्रयास किया। बाहरी गांवों से पहुंचे युवा भी इस जोर आजमाइश में पीछे नहीं रहे। आखिर में गांव के  ही एक दल ने खंभे के ऊपर बंधी 'पत्ती' पर कब्जा किया। विजयी दल को पूरे गांव की ओर से पूरे सम्मान के साथ पुरस्कृत किया गया। सामाजिक कार्यकर्ता सुरेंद्र नौटियाल ने बताया कि बनेख समेत क्षेत्र के ढुमका, बुरांसी आदि गांवों में भी मेले का आयोजन किया गया। उन्होंने बताया कि बनेख में इस मेले का आयोजन 24 वर्ष बाद किया गया। (amar ujala)



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