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CONDOLENCE - शोक संदेश

Started by एम.एस. मेहता /M S Mehta 9910532720, January 21, 2008, 10:56:11 AM

Meena Pandey

DR. PANT G KO MERI BAWBHINI SHRADHANJALI

KAILASH PANDEY/THET PAHADI

My condolences with the family of Dr. Pant.

Risky Pathak


जागरण संवाददाता, हल्द्वानी: चाय छोड़ो महाराज के नाम से मशहूर पंडित शिवदत्त जोशी का लंबी बीमारी के बाद सोमवार की दोपहर निधन हो गया। स्वतंत्रता संग्राम आंदोलन में भी इन्होंने महत्वपूर्ण भूमिका निभायी थी। अंतिम संस्कार मंगलवार की प्रात: रानीबाग स्थित चित्रशिला घाट पर किया जाएगा। अल्मोड़ा जिले के जाख गांव में 1908 में जन्मे पंडित जोशी ने आधी उम्र नशे के खिलाफ आवाज उठाने में लगा दी। एक जमाना था जब काठगोदाम से रानीखेत व अल्मोड़ा के रास्ते पर चाय-छोड़ो, बीड़ी छोड़ो, सिगरेट छोड़ो के संदेश लिखे रहते थे। चूने से चट्टानों पर लिखे इन संदेशों के लेखक पंडित जोशी ही थे। इन्होंने गांधी जी के साथ मिलकर लंबे समय तक स्वतंत्रता आंदोलन में भागीदारी की थी। इसके साथ ही पंडित जोशी ने सामाजिक आंदोलनों में भी बढ़चढ़कर सहभागिता निभायी जिसके चलते इन्हें कूर्माचल के गांधी के नाम से भी जाना जाता है। अस्सी के दशक में नैनीताल की आबादी बढ़ने पर नगर की सीवर लाइनें छोटी पड़ती जा रही थीं। इस पर चाय छोड़ो महाराज ने जगह-जगह लिखा नैनीताल का मल-हल्द्वानी का पेयजल। इस पर तुरंत कार्रवाई हुई। 1962 में जब भारत-चीन के मध्य युद्ध हुआ तो उन्होंने लिखा कि चाय छोड़ो-चीनियों को खदेड़ो। मिशन का आगे बढ़ाते हुए पंडित जोशी ने कुटैव छोड़ो समिति बनायी जिसमें पूर्व मुख्यमंत्री एनडी तिवारी भी शामिल हुए। उम्र के अंतिम पड़ाव में पंडित जोशी यहां मल्ला गोरखपुर स्थित शखावत गंज में अपनी बेटी के पास रह रहे थे। लंबी बीमारी के बाद अब उन्होंने आंखें मूंद लीं। मंगलवार को प्रात: साढ़े नौ बजे शखावत गंज से शवयात्रा शुरू होगी। अंतिम संस्कार रानीबाग स्थित चित्रशिला घाट पर होगा। उनके निधन पर तमाम सामाजिक व राजनीतिक संगठनों ने शोक व्यक्त किया।

हेम पन्त

स्वतंत्रता सेनानी व समाज सुधारक श्री जोशी जी को भावपूर्ण श्रद्धांजली..

Risky Pathak

स्वतंत्रता सेनानी  जोशी जी को मेरा पहाड परिवार की और से अश्रुपूर्ण श्रद्धांजली |
Quote from: Himanshu Pathak on July 29, 2008, 06:48:51 PM

जागरण संवाददाता, हल्द्वानी: चाय छोड़ो महाराज के नाम से मशहूर पंडित शिवदत्त जोशी का लंबी बीमारी के बाद सोमवार की दोपहर निधन हो गया। स्वतंत्रता संग्राम आंदोलन में भी इन्होंने महत्वपूर्ण भूमिका निभायी थी। अंतिम संस्कार मंगलवार की प्रात: रानीबाग स्थित चित्रशिला घाट पर किया जाएगा। अल्मोड़ा जिले के जाख गांव में 1908 में जन्मे पंडित जोशी ने आधी उम्र नशे के खिलाफ आवाज उठाने में लगा दी। एक जमाना था जब काठगोदाम से रानीखेत व अल्मोड़ा के रास्ते पर चाय-छोड़ो, बीड़ी छोड़ो, सिगरेट छोड़ो के संदेश लिखे रहते थे। चूने से चट्टानों पर लिखे इन संदेशों के लेखक पंडित जोशी ही थे। इन्होंने गांधी जी के साथ मिलकर लंबे समय तक स्वतंत्रता आंदोलन में भागीदारी की थी। इसके साथ ही पंडित जोशी ने सामाजिक आंदोलनों में भी बढ़चढ़कर सहभागिता निभायी जिसके चलते इन्हें कूर्माचल के गांधी के नाम से भी जाना जाता है। अस्सी के दशक में नैनीताल की आबादी बढ़ने पर नगर की सीवर लाइनें छोटी पड़ती जा रही थीं। इस पर चाय छोड़ो महाराज ने जगह-जगह लिखा नैनीताल का मल-हल्द्वानी का पेयजल। इस पर तुरंत कार्रवाई हुई। 1962 में जब भारत-चीन के मध्य युद्ध हुआ तो उन्होंने लिखा कि चाय छोड़ो-चीनियों को खदेड़ो। मिशन का आगे बढ़ाते हुए पंडित जोशी ने कुटैव छोड़ो समिति बनायी जिसमें पूर्व मुख्यमंत्री एनडी तिवारी भी शामिल हुए। उम्र के अंतिम पड़ाव में पंडित जोशी यहां मल्ला गोरखपुर स्थित शखावत गंज में अपनी बेटी के पास रह रहे थे। लंबी बीमारी के बाद अब उन्होंने आंखें मूंद लीं। मंगलवार को प्रात: साढ़े नौ बजे शखावत गंज से शवयात्रा शुरू होगी। अंतिम संस्कार रानीबाग स्थित चित्रशिला घाट पर होगा। उनके निधन पर तमाम सामाजिक व राजनीतिक संगठनों ने शोक व्यक्त किया।


Anubhav / अनुभव उपाध्याय

Our condolences are with the family of Joshi ji.

Is mahaan vyakti ko Shat Shat Naman.

एम.एस. मेहता /M S Mehta 9910532720


वरीस्ठ पत्रकार, उत्तराखन्ड आन्दोलन्कारी , विश्व पर्यावर्ण से सम्बन्धित ग्रीन  पार्टी  के पर्तिनिधि  श्री सुरेश नौतियाल जी की माता जी का देहावसान २०-८-२००८ को हो गया / वह ८५ वर्श की थी और पिछ्ले एक माह से बिमार थी / उनका अन्तिम सन्स्कार  निगम बोध घाट पर  आज  ल्ग्भग दो बजे सम्पन्न हुआ /  इस अवसर पर सुरेस जी को जानने वाले उनके पत्रकार मित्र,  उन्के थियेटर, गढ्वाल भवन  और आन्दोलन  के दौर के  अनेक पुराने साथी , और  परिवार के लोग  उपस्थित थे /  इनमे राजेन्द्र धस्माना,  राजेन्द्र रतुरी,  विक्र्म सिन्घ अधिकरी,   दातराम च्मोलि, चारू तिवारी,  दिनेश बिज्ल्वाण , खुशाहाल सिन्ग बिसट, ब्रिज ्मोहन शर्मा , क्रिश्नकन्त उनियाल , देवेन्द्र राव्त, मनमोहन बुडाकोटी,  हरिपाल रावत , उमाकन्त बलुनी , देव सिन्ग रावत, एल डी पान्डे , के एम पान्डे  नन्दन सिन्ग घुग्तियाल  आदि थे / 

पंकज सिंह महर

साथियो,
       एक दुःखद समाचार से अवगत कराना है कि प्रमुख राज्य आन्दोलनकारी श्री उत्तम मलासी जी का कल दिनांक ०४-०९-२००८ को मसूरी में निधन हो गया, वे ४२ वर्ष के थे। वह राज्य आन्दोलन के मुख्य आन्दोलनकारी थे, २ सितम्बर, २००४ को मसूरी गोलीकांड में पुलिस ने उन्हें अभियुक्त बनाकर जेल भेज दिया और वह १ माह जेल में रहे।
      उनकी असमायिक मृत्यु पर मेरा पहाड़ परिवार अपनी शोकपूर्ण श्रद्धांजलि अर्पित करता है तथा परमपिता परमेश्वर से प्रार्थना करता है कि वह मृतक आत्मा को शांति और उनके परिवार को इस दुःख को सहन करने की शक्ति प्रदान करे।
      ऊं शांति!

एम.एस. मेहता /M S Mehta 9910532720

Quote from: धौंसिया.....! on September 05, 2008, 10:18:39 AM
साथियो,
       एक दुःखद समाचार से अवगत कराना है कि प्रमुख राज्य आन्दोलनकारी श्री उत्तम मलासी जी का कल दिनांक ०४-०९-२००८ को मसूरी में निधन हो गया, वे ४२ वर्ष के थे। वह राज्य आन्दोलन के मुख्य आन्दोलनकारी थे, २ सितम्बर, २००४ को मसूरी गोलीकांड में पुलिस ने उन्हें अभियुक्त बनाकर जेल भेज दिया और वह १ माह जेल में रहे।
      उनकी असमायिक मृत्यु पर मेरा पहाड़ परिवार अपनी शोकपूर्ण श्रद्धांजलि अर्पित करता है तथा परमपिता परमेश्वर से प्रार्थना करता है कि वह मृतक आत्मा को शांति प्राप्त करे और उनके परिवार को इस दुःख को सहन करने की शक्ति प्रदान करे।
      ऊं शांति!


Great loss.  May departed soul rest in peace !!!

दिनेश मन्द्रवाल

ईश्वर मलासी जी की आत्मा को शांति प्रदान करे और उनके परिवार को इस दुःख को सहन करने की शक्ति भी प्रदान करे।