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Cave Discovered in Naikoni, Distt Bageshwar- गुफा की खोज नैकाना कपकोट बागेश्वर

Started by एम.एस. मेहता /M S Mehta 9910532720, March 01, 2014, 03:43:54 PM

एम.एस. मेहता /M S Mehta 9910532720


Dosto,

Some local villagers of Naikona area (kapkot) District Bageshwar have discovered this Cave. This is tally mysterious cave. We have got this information from Amar Ujala, news paper.:-

अनिष्ट होने की आशंका कोई नहीं गया आजतक

अगर वह हिम्मत नहीं दिखाता तो कपकोट स्थित नैकाना तोक के गांव में स्थित व्यास गुफा के भीतर का रहस्य, रहस्य ही रह जाता।

इस गुफा के भीतर जाकर भनार निवासी युवक महिपाल कोरंगा ने इसके रहस्य खोलने में कामयाबी पाई है। कोई अनिष्ट न हो जाए इस आशंका से अब तक कोई गुफा के भीतर जाने का साहस नहीं कर पाया था।

पाताल भुवनेश्वर की तरह ही है यह गुफा

http://www.dehradun.amarujala.com/feature/city-hulchul-dun/vyas-cave-in-bageshwar/?page=0

M S Mehta

एम.एस. मेहता /M S Mehta 9910532720


पाताल भुवनेश्वर की तरह ही है यह गुफा

200 मीटर लंबी यह गुफा गंगोलीहाट (पिथौरागढ़) स्थित पाताल भुवनेश्वर की तरह ही है।

गुफा के अंदर आराम से टहला जा सकता है। इसकी चौड़ाई डेढ़ मीटर से भी अधिक है, जबकि प्रवेश द्वार की ऊंचाई छह फीट और गुफा के अंदर की ऊंचाई 15 फीट है।

गुफा की दीवारों में शिवलिंग, गणेश, नाग, गदा समेत कई आकृतियां उभरी हैं। भराड़ी-शामा मार्ग पर 22 किमी के बाद खड़लेख भनार मार्ग कटता है। मार्ग के एक किमी दूर खड़लेख बैंड से कुछ दूरी पर नैकाना तोक है।

एम.एस. मेहता /M S Mehta 9910532720


डर से कोई नहीं जाता था वहां

ग्रामीण इस गुफा को व्यास गुफा कहते हैं। लोगों में यह भ्रांति थी कि इस गुफा में अगर कोई जाएगा तो उसका अनिष्ट हो जाएगा। इस डर से कोई वहां नहीं जाता था।

बुजुर्गों से गुफा के बारे में कई बार सुन चुके भनार गांव के महिपाल कोरंगा (35) पुत्र नैन सिंह कोरंगा ने मंगलवार को अपने साथियों गोविंद सिंह, दान सिंह, लक्ष्मण सिंह कोरंगा और प्रवीण राम के साथ वहां जाकर गुफा का रहस्य जानने का फैसला किया।


कोरंगा ब्रह्मलीन बंगाली साधु देवाशीष महाराज के शिष्य भी हैं। बताते हैं कि इससे पहले भी उन्होंने कई प्रयास किए, लेकिन गुफा के भीतर नहीं जा सके। बुधवार को वहां पहुंचकर उन्होंने गुफा के बाहर फैली मिट्टी और कंटीली झाड़ियों की सफाई की।

करीब पांच घंटे तक खुदाई करने के बाद उन्हें अंदर प्रवेश करने में सफलता मिल गईऱ। उन्होंने बताया कि गुफा करीब 200 मीटर लंबी है।

एम.एस. मेहता /M S Mehta 9910532720



अंदर से निकल सकता है पानी

गुरुवार को लौटे कोरंगा ने बताया कि गुफा की तलहटी और अंतिम छोर में मिट्टी भरी हुई है। सफाई के बाद गुफा को पूरी तरह खोला जा सकता है और इसके अंदर से पानी भी निकल सकता है।

गुफा का शीघ्र मौका मुआयना करेंगे : एसडीएम

कपकोट के एसडीएम केएस टोलिया ने बताया कि भनार गांव में गुफा मिलने की सूचना अभी उन्हें नहीं मिली है।

गुफा का शीघ्र निरीक्षण किया जाएगा। जिला प्रशासन के माध्यम से पुरातत्व विभाग की अन्वेषण टीम को मौके पर भेजा जाएगा।

कपकोट विधायक ललित फर्स्वाण ने कहा कि वह शीघ्र ही गुफा देखने जाएंगे।

गुफा पर्यटन को बढ़ावा देने के लिए मील का पत्थर साबित हो सकती है। पर्यटन को बढ़ावा देने के लिए गुफा क्षेत्र के विकास के लिए योजनाएं तैयार करवाई जाएंगी।

एम.एस. मेहता /M S Mehta 9910532720

दिल्ली से पहुंचे गुफा देखने

कपकोट। भनार ग्राम पंचायत के नैकाना तोक में मिली व्यास गुफा के दीदार के लिए अब उत्तराखंड के अलावा देश की राजधानी दिल्ली से भी पर्यटक आने लगे हैं। चार सदस्यीय इस दल ने गुफा के भीतर करीब दो घंटे बिताए और दीवारों पर बनी अद्भुत कलाकृतियों को अपने कैमरों में कैद कर ले गए।
नई दिल्ली से आए द्वारिका अंसा, मोहित सिरपरा, टीसी जोशी और जगदीश सिंह ने गुफा को बारीकी से देखा। उन्होंने गुफा के भीतर की कलाकृतियों को अद्भुत बताया। गुफा को कुदरत का करिश्मा बताते हुए कहा कि गुफा को संरक्षण मिलने और उसके सर्वांगीण विकास की ठोस योजना बनने पर यह कई खाली हाथों को रोजगार के अवसर देगी। राज्य के पर्यटन को भी नए आयाम मिलेंगे। प्रकृति ने उत्तराखंड को पर्यटन का अद्भुत खजाना दिया है। गुफा स्थल तक जाने के लिए सड़क बनाने, पेयजल की समुचित व्यवस्था करने, गुफा के भीतर प्रकाश, सीढ़ी और चेन लगाने की व्यवस्था करने की मांग की। गुफा का रहस्य खोलने वाले महिपाल सिंह कोरंगा ने पर्यटकों को गुफा के बारे में विस्तार से बताया और अपने स्तर से विकास में सहयोग देने की अपील की।

विनोद सिंह गढ़िया

नैकाना (कपकोट- बागेश्वर) में व्यास गुफा के दीदार को बड़ी संख्या में दूर-दूर से लोग पहुंच रहे हैं। बृहस्पतिवार को भनार ग्राम पंचायत के ग्रामीणों ने गुफा के भीतर पूजा अर्चना की और श्री 1008 बंज्यैण देवता से गुफा क्षेत्र के सर्वांगीण विकास की कामना की।
नैकाना स्थित व्यास गुफा को देखने वालों का तांता लगा हुआ है। अब तक वहां 15 हजार से भी अधिक लोग पहुंच चुके हैं। ग्रामीणों ने गुफा तक जाने वाले मार्ग की सफाई कर ली है। ग्रामीणों ने गुफा के भीतर कुछ स्थानों पर फैली मिट्टी को भी व्यवस्थित कर दिया है। उन्होंने वहां प्रकाश की भी व्यवस्था की है। बृहस्पतिवार सुबह भनार गांव स्थित श्री 1008 बंज्यैण देवता के पुजारी शेर सिंह धामी, बचे सिंह कोरंगा, नैन सिंह, दान सिंह, लक्ष्मण सिंह कोरंगा, हिम्मत सिंह कोरंगा और गुफा का रहस्य खोलने वाले महिपाल सिंह कोरंगा ने पूजा की। पंडित टीका राम पाठक ने दुर्गा सप्तशती का पाठ किया। उन्होंने बंज्यैण देवता से क्षेत्र की सुख शांति और गुफा का तेजी से विकास की प्रार्थना की।


विनोद सिंह गढ़िया



व्यास गुफा कपकोट (बागेश्वर) के अन्दर की कुछ आकृतियां।

Vyas Cave - Kapkote

विनोद सिंह गढ़िया



व्यास गुफा कपकोट (बागेश्वर) के अन्दर की कुछ आकृतियां।