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Himalayan Mahakumbh Nanda Devi Rajjat:पोस्टर के माध्यम से श्री नंदा देवी राजजात

Started by विनोद सिंह गढ़िया, July 08, 2014, 11:55:43 AM

विनोद सिंह गढ़िया

श्री नन्दादेवी राजजात जिसे हिमालयी महाकुम्भ भी कहा जाता है, की परम्परा कांसुवा के कुंवरों द्वारा निभाई जाती रही है। यह जात 19 पड़ावों से गुजर कर पूरी होती है। उनका विवरण हम यहाँ पोस्टर के माध्यम से प्रस्तुत कर रहे हैं।

यात्रा का प्रारम्भ-

नन्दादेवी सिद्ध पीठ नौटी में भगवती नन्दादेवी की स्वर्ण प्रतिमा पर प्राण प्रतिष्ठा देकर, रिंगाल की पवित्र राजछतोली व चार सींग के मेढे़ की विशेष पूजा-अर्चना की जाती है। भगवती नन्दा को मायके से ससुराल भेजने के लिये आभूषण, वस्त्र, उपहार, मिठाई आदि चार सींग के मेढ़े की पीठ पर फांचे में रखकर कैलाश की ओर विदा किया जाता है। (वर्ष 1994 में कांचीकोटि के शंकराचार्य जी के मार्गदर्शन में उत्तर भारत का पहला श्रीयंत्र मंदिर की स्थापना कैलाश मानसरोवर के स्वामी प्रणवानन्द जी ने श्री नन्दा देवी परिसर में करायी)।

       इस आयोजन का पहलू यह भी है कि जब यह यात्रा अपने चरम के लिये हिमालय के दुर्गम क्षेत्र में प्रवेश करती है, ठीक उसी समय सिद्धपीठ नौटी में कथा-वाचन-श्रवण हो, इस आराधना के साथ शुरु होती है कि यात्रा सुगम हो औए कष्टप्रद न हो तथा सभी यात्री सकुशल लौंटे।

विस्तृत जानकारी इस लिंक में -
  नन्दा राजजात की कहानी

विनोद सिंह गढ़िया

प्रथम पड़ाव




Tag- Nanda Devi Rajjat, Himalayan Mahakumbh, Uttarakhand, Garhwal, Kumaon नंदा देवी राजजात

विनोद सिंह गढ़िया

द्वितीय पड़ाव



Tag- Nanda Devi Rajjat 2015, Himalayan Mahakumbh, Garhwal, Kumaon, Uttarakhand, राजजात 2015

विनोद सिंह गढ़िया

नंदा देवी राजजात का तृतीय पड़ाव





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विनोद सिंह गढ़िया

श्री नंदा देवी राजजात - चतुर्थ पड़ाव



Shri Nanda Devi Rajjat Yatra Uttarakhand

विनोद सिंह गढ़िया

श्री नंदा देवी की जात का पंचम पड़ाव



Tag- Nanda_Devi_Rajjat, Uttarakhand, Garhwal, Kumaon