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Garhwali Poem by Sudesh Bhatt- फौजी सुदेश भट्ट की गढ़वाली कवितायें

Started by एम.एस. मेहता /M S Mehta 9910532720, August 02, 2015, 11:53:06 AM

एम.एस. मेहता /M S Mehta 9910532720

हपार स्यु गौं बस्युं
दीदों द्याखो धार मा
लोग चलीगेन द्वार ढकी
सडक यैग्या चौक मा
देवी द्ययवता भीतर उगडयां
सुनिंद छन परदेश मा
कुछ दिल्ली बंबई बसगेन
कुछ हपार बिदेश मा
बंठों पर सी जंक लग्या
बिसलरी धरीं सिरंण्यु मा
फ्रिजु की तिबासी भुजी
सवदी हुंणी परदेश मा
मेरी दीदी भुली दीदों
हिटी नी सकदन गांव मा
घस्यर लखड्यल बी जमा अलगसी
ह्वेगेन जैकी परदेश मा
धै लगांण मा हुयीं शरम
रैबार जंदिन फोन मा
गांणा सुणदन अंगरेजी भग्यान
लीड कुचीं च कान मा
हपार स्यु गांव बस्युं
दीदों द्याखो......
सर्वाधिकार सुरक्षित@सुदेश भटट(दगडया)

एम.एस. मेहता /M S Mehta 9910532720

माटु मा खत्यां दिन
कुई लौटे द्या म्यार
बौडी बौडी की जौं दिनु की
याद आंणी आज
खंदवार कुडी भीतर दबेगेन
द्याखो पाटी बुखल्या
कख गे ह्वाल कम्यडु क
उ बिंटा वाल डुखल्या
हरके फरके की छौं खुजणु
फांग्यु मा खत्युं बचपन
आंख्युं मा छुवाया सी आज
उदसी अयीं गिचपन
खुजणु छौं माटु मा
अपण कांच की गोली
पतनी कैं छानी दब्यां छन
दुवी गल्यों की दौंली
माटु मा खत्यां दिन
कुई लौटे .......
सर्वाधिकार सुरक्षित@सुदेश भटट(दगडया)

एम.एस. मेहता /M S Mehta 9910532720

बुड बुडया यखुली घरम
नाती नतणों कुन रगर्यांणा छन
लीडक ब्वारी कुटुमदरी लेकी
सैरबसी बण्यां छन
कांणी ह्वेग्या बुये घरम
फिर भी सार लगीं च
म्वाल पर ककडी जुगयीं
घीय की गुंदकी धरीं च
धारु पंद्यारु मा बुये
लाठी टेकी की जांणी च
ब्वारी बिचरी भग्यानी की
बंबई मा राणी बणी च
बाबा जी भी यखुली यखुली
त्यार सार लग्यां छन
तेरी स्कुल्या डरेश देखी
घुट घुटी दिन कटणा छन
बौडी जा रे कभी त यैजा
तेरी कन मुखडी लुकयीं च
गौं गुठ्यार कन बिसरी
तेरी जिकुडी गल्डी हुयीं च
बुड बुड्या यखुली घरम
नाती नतणो कुन......
सर्वाधिकार सुरक्षित@सुदेश भटट(दगडया)

एम.एस. मेहता /M S Mehta 9910532720

यैजा दीदों दौडी दौडी
त्याडों की रौडी मा
पुरणी याद आली तुमतै
त्याडों की रौडी मा
जलेब्युं की दुकनी
सरा सजीं रैली
चुडी कांडी चुंटी बिंदी
मेरी दीदी भुली मुलेली
कखी रस्साकसी की
खिंचमखींच मचीं राल
चुगलेर बगोट जी हैंसै हैंसै की
अंदड पलटांणा राल
बडु दा बी कबी ना कबी
बौ तै लेकी आल
पंजाब बिटी दा न बौ कुन
फोन भी कैर्याल
ख्याल म्यालों क पुरण दिन
फिर बौडी क यै जाल
जब दगड्या ब्योंली दिखंण
ख्याल म्यालों मा जाल
मेरी कबेलदारी की भी
राड घलीं दिन रात मा
पापा हमें भी जाना है
त्याडों गिंदी क म्याल मा
यैजा दीदों दौडी दौडी
त्याडों की रौडी मा
पुरणी याद......
सर्वाधिकार@सुदेश भटट(दगडया)

एम.एस. मेहता /M S Mehta 9910532720


Sudesh Bhatt with Ajay Kukreti.
January 6 at 8:29am ·
थकी ग्यों भै दौडी दौडी
यी नरबै दिल्ली मां
जख द्याखो कुरच्याट मच्युं
यीं नरबै दिल्ली मा
ओडी नम्बर बी जारी कैनी
केजरी सरकार न
फिर भी जाम लग्युं दीदों
यी नरबै दिल्ली मा
जन बुल्यां भडयांणा ऊमी
यन धुंवा हुयुं दिल्ली मा
बस अड्डों मा मैट्रो रेलों मा
कुरच्याट मच्युं दिल्ली मा
थकी ग्यों भै दौडी दौडी
यी नरबै दि.......

एम.एस. मेहता /M S Mehta 9910532720


Sudesh Bhatt 

आज फिर खैरी
पहाड की लगोणा छौंऊ
खुद लगीं गौं की
ब्यथा सुणाणा छौंऊ
जनि दस पास कैरी
मी दिल्ली क्या औऊं
नौकरी क्या लगी की
मी गौं कभी नी ग्योंऊ
मैट्रो की सीढीयुं मा मी
रुल्दी खुजणा छौंऊ
बहुमंजिला लिप्टु तै
ग्युड चितांणा छौंऊ
जगजगा प्रदर्शनियुं मा
क्वादु झंग्वरु खुजणा छौंऊ
जख जांदु यी दिल्ली मा
वखी पतड्याणा छौंऊ
गैल्या दगडयों तै ब्हाटसप
फेसबुक मा खुजणा छौंऊ
बांजी तिबारी डिंडयाली रोज
मोबेल मा दिखणा छौंऊ
खंद्वार हुंयीं कुडी तै हम
लाईक करना छ्याऊ
घर जांण क जु नी बुदु
कमेंट मा दुख जतांणा छ्याऊ
आज फिर खैरी
पहाड की.......
सर्वाधिकार सुरक्षित@सुदेश भटट(दगडया)

एम.एस. मेहता /M S Mehta 9910532720


Sudesh Bhatt 

January 5 at 8:24am ·
माटु मा खत्यां दिन
कुई लौटे द्या म्यार
बौडी बौडी की जौं दिनु की
याद आंणी आज
खंदवार कुडी भीतर दबेगेन
द्याखो पाटी बुखल्या
कख गे ह्वाल कम्यडु क
उ बिंटा वाल डुखल्या
हरके फरके की छौं खुजणु
फांग्यु मा खत्युं बचपन
आंख्युं मा छुवाया सी आज
उदसी अयीं गिचपन
खुजणु छौं माटु मा
अपण कांच की गोली
पतनी कैं छानी दब्यां छन
दुवी गल्यों की दौंली
माटु मा खत्यां दिन
कुई लौटे .......
सर्वाधिकार सुरक्षित@सुदेश भटट(दगडया)

एम.एस. मेहता /M S Mehta 9910532720

बुड बुडया यखुली घरम
नाती नतणों कुन रगर्यांणा छन
लीडक ब्वारी कुटुमदरी लेकी
सैरबसी बण्यां छन
कांणी ह्वेग्या बुये घरम
फिर भी सार लगीं च
म्वाल पर ककडी जुगयीं
घीय की गुंदकी धरीं च
धारु पंद्यारु मा बुये
लाठी टेकी की जांणी च
ब्वारी बिचरी भग्यानी की
बंबई मा राणी बणी च
बाबा जी भी यखुली यखुली
त्यार सार लग्यां छन
तेरी स्कुल्या डरेश देखी
घुट घुटी दिन कटणा छन
बौडी जा रे कभी त यैजा
तेरी कन मुखडी लुकयीं च
गौं गुठ्यार कन बिसरी
तेरी जिकुडी गल्डी हुयीं च
बुड बुड्या यखुली घरम
नाती नतणो कुन......
सर्वाधिकार सुरक्षित@सुदेश भटट(दगडया)

एम.एस. मेहता /M S Mehta 9910532720

आज फिर खैरी
पहाड की लगोणा छौंऊ
खुद लगीं गौं की
ब्यथा सुणाणा छौंऊ
जनि दस पास कैरी
मी दिल्ली क्या औऊं
नौकरी क्या लगी की
मी गौं कभी नी ग्योंऊ
मैट्रो की सीढीयुं मा मी
रुल्दी खुजणा छौंऊ
बहुमंजिला लिप्टु तै
ग्युड चितांणा छौंऊ
जगजगा प्रदर्शनियुं मा
क्वादु झंग्वरु खुजणा छौंऊ
जख जांदु यी दिल्ली मा
वखी पतड्याणा छौंऊ
गैल्या दगडयों तै ब्हाटसप
फेसबुक मा खुजणा छौंऊ
बांजी तिबारी डिंडयाली रोज
मोबेल मा दिखणा छौंऊ
खंद्वार हुंयीं कुडी तै हम
लाईक करना छ्याऊ
घर जांण क जु नी बुदु
कमेंट मा दुख जतांणा छ्याऊ
आज फिर खैरी
पहाड की.......
सर्वाधिकार सुरक्षित@सुदेश भटट(दगडया)

एम.एस. मेहता /M S Mehta 9910532720

कन निर्मोही ह्वे तु
हे बिधाता आज
राही जी तै लीगी तु
रुवाणा छन साज बाज
अब सौली जगजगा
कनमा घुराली
कौथिग क बाना बौ
सतपुली कनमा आली
अब देखेन लुणन दुण
कनमा भर्याल
भागा बे पंचमी भागा
गीत कु सुणालु
ठंडु मठु कैकी अब
चदरी कु हिरालु
पारभीड की बसंती तै
छोरी कु बतालु
भाना तै बांज कटण
दुर कु बुलाल
रुप की खज्यनी तै
भग्यनी कु बतालु
नथुली घंघाल कु
गीत कु लगालु
माया कु जंजाल तै
अब बुरु कु बतालु
देवी दयवतों तै हुडकी मा
अब कु नचालु
नौ खोली क सीयुं नाग
अब कनमा बिजले जालु
तिलै धारु बोला गीत
अब कु लगालु
समदंण्यु तै रीक अब
खुजणा ही रै जालु
त्यार बाना भाना
जोगी भेष कु धरालु
छुमा बौ बसंती छुमा
गीत कु लगालु
ईमारतु क जंगल मा
आदीम कु हर्चालु
प्रदुषण बढी ब्वाली तुमन
बसंत कनमा आलु
कन निर्मोही ह्वे तु
हे बिधाता.......
सर्वाधिकार सुरक्षित@सुदेश भटट(दगडया)सुर सम्राट चंद्र सिंह राही जी तै समर्पित श्रद्धांजली