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Phool Deyi: Folk Festival Of Uttarakhand - फूल देई: एक लोक त्यौहार

Started by sanjupahari, March 14, 2008, 09:38:20 AM

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dayal pandey/ दयाल पाण्डे

myor pahad ke sabhi mitron ko phool dheyee, Holi aur nutan varsh ki dher saari subh kamanayain, kamana karate hain ki naya saal aapke jeevan main phool aur rang vikhere.

Shyam Sharma

आप सभी को फूल देई की हार्दिक बधाई..

फूल देई चाह्म्मा देई
जदुगई दीन्चा उदुगे सही
देनी द्वार भरी भकार
तेरी मेरी देई बारम्बार नमस्कार!!![/
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Manish Mehta

फुलदेई त्यौहार आते ही बचपन की यादें ज़िंदा हो जाती है...इक दिन पहले से बहुत सारे फूल इक्कठा कर के लाते थे उसमे से प्योली, बुराश के फूल प्रमुख होते थे ...आज के दिन सुबहा-सुबहा नहा कर नए कपडे पहन के टिका चन्दन लगा के चले जाते थे फूलदे मनाने........पुरे गावं का चक्कर लगता था ! गुड, चावल , वगैरा मिलता था....! बहुत सारी मस्तिया होती थी ...!
आप सभी उत्तराखंडी मित्रों को फुलदेई की हार्दिक सुभकामनाएँ !!


KAILASH PANDEY/THET PAHADI

समस्त मेरा पहाड़ परिवार को फुलदेई की हार्दिक शुभकामनाएं...

चित्र: डा यशोधर मठपाल...

Anubhav / अनुभव उपाध्याय


Devbhoomi,Uttarakhand

होली: बालिकाओं ने फूल-अक्षत से पूजी देहली



   

चैत माह के पहले दिन मनाई जाने वाली फूलदेई संक्रांति का पर्व जनपदभर में धूमधाम से मनाया गया। इस मौके पर बालिकाओं द्वारा घर घर जाकर ऐंपणों से सजी देहली पर फूल और अक्षत चढ़ाए। पर्वतीय क्षेत्रों में भिटौली भेजना शुरू हो गया है।



        जनपद के अधिकांश पर्वतीय क्षेत्रों में मंगलवार के रोज इस पर्व की धूम मची रही। बालिकाओं ने घरों और बिरादरी में जाकर अक्षत व फूलों से देहली की पूजा कर धन धान्य की कामना की। परिजनों और मित्रगणों ने उन्हें चावल गुड़ के साथ ही दक्षिणा भेंट कर शुभाशीष दी। इधर मायके वालों ने बहन व बेटियों को भिटोली भेजना शुरू कर दिया है।
   

Devbhoomi,Uttarakhand

गुप्तकाशी में मना फुलारी महोत्सव



  गुप्तकाशी, सोसाइटी फॉर होली हिमालय एवं नवदीप आदर्श चिल्ड्रन एकेडमी के संयुक्त तत्वावधान में पहली बार फुलारी महोत्सव का भव्य आयोजन किया गया। इसमें गुप्तकाशी क्षेत्र के देवशाल, कोठेडा, सांकरी, देवर, रुद्रपुर, नाला, सिलोंजा, डोभा, भैसारी, धार भैसारी व दक्षिण धार आदि गांवों की फुलारियों की 17 टोलियों ने हिस्सा लिया।


ऊखीमठ प्रखंड के गुप्तकाशी विश्वनाथ मंदिर के प्रांगण में आयोजित महोत्सव का शुभारंभ होली हिमालय की चेयरपर्सन लता बिष्ट व राज्य मीडिया सलाहकार समिति के उपाध्यक्ष अजेन्द्र अजय ने दीप प्रज्वलित कर किया। फुलारी महोत्सव में सर्व प्रथम फुलारियों ने विश्वनाथ मंदिर में घोगा देवता की डोलियों के साथ पुष्प अर्पित कर नगर में झांकी निकाली। कार्यक्रम में मुख्य अतिथि अजेन्द्र अजय ने कहा कि बच्चों में एकता भाव को बढ़ाने के लिए यह अनूठा प्रयास है।


कार्यक्र में मुख्य रूप से घोगा देवता की डोली सजावट, डोली नृत्य, टोलियों के साथ पारंपरिक फूल टोकरियां, गणवेश आदि आधार पर प्रतियोगिता का आयोजन भी किया गया। प्रतियोगिता में निर्णायक की भूमिका में डॉ. जैक्सवीन नेशनल स्कूल के चेयरमैन एलएस राणा, प्रधान रश्मि नेगी, आचार्य हर्षव‌र्द्धन आदि थे।


महोत्सव में प्रथम स्थान पर सांकरी की टोली रही, जबकि द्वितीय स्थान पर देवशाल और तृतीय स्थान पर प्राथमिक विद्यालय कोठेडा व सिलोंजा की फुलारी टोली संयुक्त रुप से रही। जीवन निर्माण सोसाइटी ने विजेता टीमों को पांच-पांच सौ रुपए का नकद पुरस्कार दिया।
इस अवसर पर विशिष्ट अतिथि सुनील बेंजवाल, सुदर्शन सिंह नेगी, क्षेपंस कमल रावत, विशेश्वरी देवी, आचार्य कृष्णा नंद नौटियाल, कलम सिंह राणा, गंगोत्री राणा, ममता नौटियाल आदि मौजूद थे

source dainik jagran

Devbhoomi,Uttarakhand


Risky Pathak


एम.एस. मेहता /M S Mehta 9910532720




आप सभी मित्रों को सपरिवार फूल-सग्रान्ति (फूल-देई) की बहुत बहुत हार्दिक शुभ कामनाएं.,,,,फूल-देई,,,फूल-देई,,,,फूल-देई,,,,फूल-देई,,,,,फूल-देई फूल-देई