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Good Work(Keep It Up) - शाबास

Started by हलिया, April 01, 2008, 03:58:34 PM

Devbhoomi,Uttarakhand

गढ़वाली कमलव्यूह को मिली राष्ट्रीय स्तर पर पहचान

नई दिल्ली में स्थिति इंदिरा गांधी राष्ट्रीय कला केंद्र की ओर से आयोजित जय उत्सव (महाभारत महोत्सव) में जिले के ओम पंचकेदार लोक कला मंच गुप्तकाशी द्वारा प्रस्तुत गढ़वाली कमलव्यूह की धूम रही। केंद्र ने इस सर्वश्रेष्ठ लोक महानाट्य से नवाजा। विगत 17 फरवरी से इंदिरा गांधी राष्ट्रीय कला केंद्र नई दिल्ली में महाभारत महोत्सव का आयोजन किया गया। इसमें देश के विभिन्न राज्यों के साथ अंतर्राष्ट्रीय स्तर के कलाकारों ने प्रतिभाग कर महाभारत पर आधारित लोक संस्कृति से जुड़ी प्रस्तुतियां दी। इसमें जिले से ओम पंचकेदार लोककला मंच गुप्तकाशी ने भी प्रतिभाग किया और स्वर रचित गढ़वाली भाषा में कमलव्यूह की प्रस्तुति दी। लेखक एवं निर्देशक आचार्य कृष्णानंद नौटियाल व सह निर्देशक डा. राकेश भट्ट के दिशा निर्देशन में गढ़वाली कमलव्यूह का आयोजन किया गया।
केंद्र के विभागाध्यक्ष मोली कौशल ने इस प्रस्तुति को सर्वश्रेष्ठ लोक महानाट्य से नवाजा। साथ ही सभी कालाकारों को प्रशस्ति पत्र के साथ स्मृति चिह्न भी दिए।
गढ़वाल कमलव्यूह महानाट्य के निर्देशक आचार्य कृष्णानंद नौटियाल ने बताया कि इस आयोजन से देवभूमि की गढ़वाल लोक संस्कृति को नई ताकत प्रदान की है।
http://in.jagran.yahoo.com/news/local/uttranchal/4_5_7364144.html

Anil Arya / अनिल आर्य

इंटरनेट पर गांव खोज बच्चे को मिलाया
ऋषिकेश। शिवरात्रि के पर्व पर पार्वती मंदिर के पास मां-बाप से बिछुड़े एक छह-सात साल के बालक सौरभ को पुलिस ने इंटरनेट के माध्यम गांव खोजकर माता-पिता के सुपुर्द कर दिया। बालक केवल अपना नाम, पिता का नाम और गांव का अधूरा नाम बता पा रहा था। उत्तरप्रदेश के बरेली थाना आंवला के रहटुईयां गांव निवासी रामबहादुर के परिजनों के लिए शुक्रवार का दिन खास था। पुलिस ने शिवरात्रि के पर्व पर नीलकंठ महादेव में बिछुडे़ उनके छह साल के बालक सौरभ को जब उनके हवाले किया तो उन्हें ऐसा लगा कि पूरी दुनिया की खुशी उनकी झोली में आ गई। बालक के चाचा बुद्धपाल और तेजपाल ने पुलिस के प्रयासों की सराहना की। कहा कि उनके परिवार पर भोलेनाथ की कृपा हो गई।
http://epaper.amarujala.com//svww_index.php
Welldone Uttarakhand Police .:)

Anil Arya / अनिल आर्य

उत्तराखंड पहुंचा सेमीफाइनल में
देहरादून। उत्तराखंड ने ईस्ट जोन वॉलीबाल टूर्नामेंट के सेमीफाइनल में प्रवेश कर लिया है। टीम कोच अरशद और संजीव शर्मा ने बताया कि उड़ीसा में चल रहे टूर्नामेंट में उत्तराखंड ने वेस्ट बंगाल बी को 25-12, 25-22, 25-14 से हराया। अगले मैच में झारखंड को 25-19, 25-17, 25-21 से पराजित कर अंतिम चार में स्थान बनाया। उत्तराखंड के लिए रतीश नायर, गुरचांद, अवनीश यादव, उमंग ने शानदार प्रदर्शन किया। उत्तराखंड वालीबॉल एसोसिएशन अध्यक्ष अवधेश चौधरी, वाइस प्रेसीडेंट अरुण सूद ने टीम को बधाई दी है।
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Anil Arya / अनिल आर्य

उत्तराखंड बना चैंपियन
देहरादून। उत्तराखंड के खिलाड़ियों ने शानदार प्रदर्शन कर ईस्ट जोन वॉलीबाल चैंपियनशिप का खिताब जीतकर राज्य का नाम रोशन किया।
टीम के कोच अरशद खान और संजीव शर्मा ने बताय कि उड़ीसा के अंगुल स्थित नाल्को नगर में हुई छठी ईस्ट जोन वॉलीबाल चैंपिनयनशिप के फाइनल में उत्तराखंड ने मेजबान उड़ीसा की चुनौती को तीन सेटों में 25-17, 25-21, 25-16 से तोड़कर खिताब पर कब्जा किया। उत्तराखंड के लिए अवनीश यादव ने यूनिवर्सल खिलाड़ी के रुप में उल्लेखनीय प्रदर्शन किया। कप्तान रतीश नायर और मिथलेश की शानदार ब्लाकिंग से भी विपक्षी खिलाड़ी अंक नहीं जुटा सके। उत्तराखंड वॉलीबाल एसोसिएशन के अध्यक्ष अवधेश चौधरी, कार्यकारी उपाध्यक्ष अरुण सूद, महासचिव कमलेश काला, कोषाध्यक्ष ललित कुमार, सेवा सिंह मठारू ने टीम की जीत पर बधाई दी।
खैरी मानसिंह ने जीता खिताब
देहरादून। खैरी मानसिंह ने मालदेवता को 2-0 से पराजित कर ब्लाक स्तरीय खेलकूद प्रतियोगिता के वॉलीबाल का खिताब जीता।
नेहरू युवा केंद्र की तरफ से गुजरोवाली सरस्वती शिशु मंदिर में आयोजित की गई प्रतियोगिता के वॉलीबाल के फाइनल में खैरी मानसिंह ने मालदेवता को लगातार दो सेट में 25-15, 25-23 से पराजित कर खिताब जीता। ऊंची कूद में साजन थापा पहले, आशीष उनियाल दूसरे और मोहित नेगी तीसरे स्थान पर रहे। 400 मी. दौड़ में मोहित नेगी ने पहला स्थान हासिल किया। इस दौरान रायपुर के ग्राम प्रधान महेश यादव और केंद्र के समन्वयक दिनेश उपाध्याय, युवा मंगल दल नथुवावाला के अध्यक्ष राकेश भंडारी आदि मौजूद थे।
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Congrats .:)

Devbhoomi,Uttarakhand

चार कृषकों को मिलेगा जिला स्तरीय पुरस्कार
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रुद्रप्रयाग : जिले में कृषि के क्षेत्र में बेहतर कार्य करने वाले चार कृषकों को जिला स्तरीय पुरस्कार से नवाजा जाएगा। जबकि ब्लॉक स्तर पर भी कई कृषकों को सम्मानित किया जाएगा। आगामी 25 मार्च को यह पुरस्कार जिला पंचायत अध्यक्ष की ओर से दिया जाएगा।


जिले में कृषि के साथ ही बागवानी के क्षेत्र से जुड़े कई कृषकों को कृषि विभाग सम्मानित करेगा। मुख्य कृषि अधिकारी एवं परियोजना निदेशक अजय कुमार ने बताया कि आगामी जिले में चार कृषक ग्राम सभा स्यूंड निवासी विनोद डिमरी, मवाणगांव के महावीर सिंह, कोठेड़ा के कैलाश गोस्वामी एवं क्यार्क निवासी राजेश चन्द्र को जिला स्तरीय पुरस्कार के लिए चयनित किया गया है।


ब्लॉक स्तरीय पुरस्कार के लिए जखोली ब्लॉक से सरोप सिंह, रघुवीर सिंह, मोलाराम, मोहन सिंह, दुर्लभ सिंह व ऊखीमठ से इन्द्र सिंह, नारायण सिंह, अवतार सिंह, रामचन्द्र सिंह, गणेश थपलियाल तथा अगस्त्यमुनि से श्रीमती सुखदेई देवी, हर्षी देवी, गजेन्द्र सिंह बिष्ट एवं चक्रधर भट्ट को चयनित किया गया है।
कृषि अधिकारी कुमार ने बताया कि सभी कृषकों को जिला पंचायत अध्यक्ष की ओर से सम्मानित किया जाएगा। 
   
source dainik jagran

Devbhoomi,Uttarakhand

चोर को दबोचने वाली पुलिस टीम पर ईनाम की बौछार

पिथौरागढ़: नगर के सिनेमा लाइन क्षेत्र में चोरी करने वाले चोर को कुछ ही घंटों के भीतर दबोच लेने वाली पुलिस टीम को तमाम संगठनों ने पुरस्कार दिये हैं।
जिला कार्यालय सभागार में आयोजित कार्यक्रम में फुटबाल संघ के संजय मल्ल ने 10 हजार रुपये, अधिवक्ता अजय राठौर ने 2500 रुपये, उद्योग व्यापार मंडल अध्यक्ष शमशेर महर ने 1000 हजार रुपये प्रदान किये। मालूम हो इस टीम का नेतृत्व कोतवाल पीसी भट्ट ने किया।

टीम को आईजी कुमाऊं मण्डल और पुलिस अधीक्षक पिथौरागढ़ पहले ही पुरस्कार देने की घोषणा कर चुके हैं। कार्यक्रम में मौजूद तमाम संगठनों के लोगों ने पुलिस द्वारा कुछ ही घंटों में चोर का दबोचने के लिए पुलिस टीम की प्रशंसा की है

http://in.jagran.yahoo.com/news/local/uttranchal/4_5_7522047.html

Anil Arya / अनिल आर्य

सिविल सेवा परीक्षा में लड़कियां रहीं टॉपर
उत्तराखंड के युवाओं ने भी बिखेरी चमक
चेन्नई की दिव्यदर्शिनी पहले और हैदराबाद की श्वेता मोहंती दूसरे नंबर पर
देहरादून। देश की सबसे प्रतिष्ठित प्रशासनिक सेवा के लिए संघ लोक सेवा आयोग की ओर से हुई परीक्षा के नतीजे बुधवार को घोषित कर दिए गए। नतीजे में उत्तराखंड के कई नामों ने अपनी चमक बिखेरी है। दून में डीआरडीओ लैब डील में वैज्ञानिक पद पर कार्यरत मंगेश कुमार घिल्डियाल ने परीक्षा में कामयाबी के साथ 131वीं रैंक हासिल कर प्रदेश का नाम रोशन किया। प्रदेश की ईशा पंत को 191वीं रैंक मिली है।
इसके अलावा जीएमएस रोड निवासी स्वप्निल ममगाईं को 201वीं रैंक हासिल हुई। स्वप्निल का बीते साल आईआरएस में भी सेलेक्शन हुआ था। श्रीनगर (गढ़वाल) की रहने वाली और दून के ब्राइटलैंड स्कूल से 12वीं की परीक्षा उत्तीर्ण करने वाली रिजुला उनियाल ने 231वीं रैंक हासिल की है। राष्ट्रीय पात्रता परीक्षा (नेट) की परीक्षा उत्तीर्ण करने के पश्चात रिजुला इस वक्त दिल्ली के एक कॉलेज में अध्यापनरत हैं। जसपुर में प्रक्षिशु उप जिलाधिकारी मीनू सिंह बिष्ट को सिविल सेवा परीक्षा में 350वां स्थान मिला है। मूलरूप से रुद्रप्रयाग की निवासी मीनू सिंह बिष्ट की शिक्षा दून में हुई। दून स्थित सचिवालय में अपर निजी सचिव पद पर कार्यरत प्रवीन कुमार को 814वीं रैंक मिली है।
नई दिल्ली। सिविल सेवा परीक्षा में इस बार लड़कियों ने लड़कों को पछाड़ दिया है। चेन्नई की एस दिव्यदर्शिनी को पहला स्थान हासिल हुआ है जबकि हैदराबाद की श्वेता मोहंती दूसरे स्थान पर काबिज हैं। तीसरा स्थान चेन्नई के आरवी वरुण कुमार को मिला है।
दिव्यदर्शिनी ने दूसरे प्रयास में यह मुकाम हासिल किया है। वह चेन्नई के डॉ अंबेडकर लॉ विश्वविद्यालय से बीए, बीएल (ऑनर्स) की पढ़ाई पूरी कर चुकी हैं। श्वेता मोहंती ने हैदराबाद से कंप्यूटर साइंस में बीटेक किया है और उन्होंने तीसरे प्रयास में यह कामयाबी हासिल की है। लड़कों में टॉप रहे वरुण ने भी यह सफलता तीसरे प्रयास में प्राप्त की है। उन्होंने चेन्नई के रागाज डेंटल कालेज से बीडीएस की पढ़ाई की है। इस साल 920 उम्मीदवारों ने कामयाबी हासिल की है। उनमें से 203 महिलाएं हैं। सफलता से उत्साहित दिव्यदर्शिनी ने कहा कि वह परिणाम देखकर हैरान हैं क्योंकि उन्होंने इसकी उम्मीद नहीं की थी। उन्होंने कहा,' मुझे कामयाबी की उम्मीद तो थी लेकिन सर्वोच्च स्थान हासिल करने के बारे में नहीं सोचा था।' उन्होंने कहा कि यह सब कठिन मेहनत का नतीजा है। भाग्य ने भी साथ दिया है। पहले 25 स्थान पर आने वाले सफल उम्मीदवारों में पांच लड़कियां हैं। सिविल सेवा 2010 की परीक्षा के लिए 5,47,698 उम्मीदवारों ने आवेदन किया था जिसमें से प्रारंभिक परीक्षा में 2,69,036 उम्मीदवार शामिल हुए। इनमें से मुख्य परीक्षा के लिए 12,491 उम्मीदवारों को सफल घोषित किया गया था।  .:)
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Anil Arya / अनिल आर्य


कपकोट के जाखनी गांव के लोगों ने लिया निर्णय, पूर्व सैनिकों ने कहा- रम कार्ड जमा कर देंगे
शराब पी या पिलाई तो हुक्का पानी बंद
अमर उजाला ब्यूरो
बागेश्वर। कपकोट ब्लाक के सुदूरवर्ती जाखनी के ग्रामीण नशा करने वालों द्वारा शुभ कार्यों, चिंतन-मंथन की बैठकों या फिर गांव में विशिष्ट जनों का आगमन पर डाले जा रहे खलल से इतने परेशान हो चुके हैं कि अब उन्होंने ऐसे लोगों का हुक्का-पानी बंद करने की ठान ली है।
नशेड़ियों पर लगाम कसने के लिए ग्रामीणों ने आम बैठक कर तय किया कि अब जो भी व्यक्ति शराब पीकर गांव में आएगा या शराब लाएगा या फिर अपने घर में किसी को शराब पिलाएगा तो पहली बार उस पर एक हजार रुपये का अर्थदंड लगाया जाएगा। दूसरी बार पकडे़ जाने पर उसे पुलिस के हवाले कर दिया जाएगा और तीसरी बार शराब पीते या पिलाते हुए पकड़ा गया तो उसका हुक्का-पानी बंद कर दिया जाएगा।
ग्राम प्रधान जगदीश चंद्र आर्या की अध्यक्षता में हरज्यू मंदिर में हुई बैठक में वक्ताओं ने कहा कि पियक्कड़ों ने गांव क ा माहौल बिगाड़ दिया है। कई बार समझाने पर भी वे बाज नहीं आ रहे हैं। शराब के बोलबाले से जहां गांव में अशांति बनी रहती है, वहीं गांव की बदनामी भी हो रही है। शराब के कारण कई परिवारों की आर्थिक हालत दयनीय हो गई है। बच्चों की पढ़ाई प्रभावित हो रही है तो महिलाओं का इधर-उधर जाना कठिन हो गया है।
बैठक में मौजूद पूर्व सैनिकों ने कहा कि वे इस निर्णय का स्वागत करते है और शीघ्र ही अपना रम कार्ड जमा कर देंगे। बैठक में पूर्व प्रधान मदन सिंह मेहता, अवकाश प्राप्त इंटेलिजेंस आफिसर जोगा सिंह मेहता, कैप्टन पदम सिंह मेहता, प्रताप सिंह, सोबन सिंह, दान सिंह, मंगल सिंह, शीला, रेवती, अंबा, लछिमा, पुष्पा आदि मौजूद थे।
पियक्कड़ों ने गांव क ा माहौल बिगाड़ दिया है। कई बार समझाने पर भी वे बाज नहीं आ रहे हैं। शराब के बोलबाले से जहां गांव में अशांति बनी रहती है, वहीं गांव की बदनामी भी हो रही है। शराब के कारण कई परिवारों की आर्थिक हालत दयनीय हो गई है।
- बैठक में वक्ताओं ने कहा
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Anil Arya / अनिल आर्य

•23 साल की उम्र में गणेश ने फतह किया एवरेस्ट
डीडीहाट (पिथौरागढ़)। 23 साल की उम्र में दुनिया की सबसे ऊंची चोटी माउंट एवरेस्ट फतह कर डुंगरा गांव के गणेश पोखरिया ने बड़ी उपलब्धि हासिल की है। गणेश ने दल के छह अन्य सदस्यों के साथ 25 मई को 8848 मीटर ऊंची चोटी पर तिरंगा फहराया था।
गणेश पोखरिया 19 वर्ष की उम्र में 2007 में एयर फोर्स मेें भर्ती हो गए थे। बेहद जोशीले और साहसिक कार्यों में रुचि रखने वाले गणेश ने फोर्स ज्वाइन करने के बाद 2009 में दार्जिलिंग के हिमालयन माउंटेनियरिंग इंस्टीट्यूट से पर्वतारोहण की ट्रेनिंग ली। 2010 में उसने पहली बार लद्दाख की 7390 मीटर ऊंची सेसरकांगरी-4 चोटी अपने साथियों संग फतह की। 14 अप्रैल को वायुसेना के 20 सदस्यीय दल को दिल्ली से एवरेस्ट फतह को रवाना किया था। इस दल में गणेश भी था। दल ने नेपाल के रास्ते एवरेस्ट फतह अभियान शुरू किया। टीम को एवरेस्ट फतह करने में 40 दिन लगे। गणेश सहित सात लोगों ने 25 मई को एवरेस्ट पर तिरंगा फहराया था। गणेश इस समय बड़ोदरा में तैनात है।
•25 मई को दुनिया की सबसे ऊंची चोटी पर फहराया तिरंगा
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शाबाश गणेश :) 

Anubhav / अनुभव उपाध्याय

Shabash Ganesh.

Quote from: Anil Arya on June 17, 2011, 12:18:06 AM
•23 साल की उम्र में गणेश ने फतह किया एवरेस्ट
डीडीहाट (पिथौरागढ़)। 23 साल की उम्र में दुनिया की सबसे ऊंची चोटी माउंट एवरेस्ट फतह कर डुंगरा गांव के गणेश पोखरिया ने बड़ी उपलब्धि हासिल की है। गणेश ने दल के छह अन्य सदस्यों के साथ 25 मई को 8848 मीटर ऊंची चोटी पर तिरंगा फहराया था।
गणेश पोखरिया 19 वर्ष की उम्र में 2007 में एयर फोर्स मेें भर्ती हो गए थे। बेहद जोशीले और साहसिक कार्यों में रुचि रखने वाले गणेश ने फोर्स ज्वाइन करने के बाद 2009 में दार्जिलिंग के हिमालयन माउंटेनियरिंग इंस्टीट्यूट से पर्वतारोहण की ट्रेनिंग ली। 2010 में उसने पहली बार लद्दाख की 7390 मीटर ऊंची सेसरकांगरी-4 चोटी अपने साथियों संग फतह की। 14 अप्रैल को वायुसेना के 20 सदस्यीय दल को दिल्ली से एवरेस्ट फतह को रवाना किया था। इस दल में गणेश भी था। दल ने नेपाल के रास्ते एवरेस्ट फतह अभियान शुरू किया। टीम को एवरेस्ट फतह करने में 40 दिन लगे। गणेश सहित सात लोगों ने 25 मई को एवरेस्ट पर तिरंगा फहराया था। गणेश इस समय बड़ोदरा में तैनात है।
•25 मई को दुनिया की सबसे ऊंची चोटी पर फहराया तिरंगा
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