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In-Effective Land Acquistion Law Of Uttarakhand Govt. - बिक गया पहाड़

Started by एम.एस. मेहता /M S Mehta 9910532720, May 02, 2008, 12:44:47 PM

एम.एस. मेहता /M S Mehta 9910532720


दोस्तो,

उत्तराखंड राज्य बनने के बाद लोगो को विकास की बहुत उमीदे थी लेकिन ७ साल बीतने के बाद भी उत्तराखंड के विकास भी कोई खास प्रगति नही हुवी !

अब तो नौबत यहाँ तक आ गयी है की उत्तराखंड के प्रमुख हिल स्टेशन तक भू माफिया और बिल्डर लोग पहुच चुके है. उत्तराखंड सरकार ने Land acquition law बनाया था लगता है वो भी निस्क्र्य हो चुका है.

Let us discuss on this issue of Uttarkahand Land Acquisition

M S Mehta

एम.एस. मेहता /M S Mehta 9910532720


Be it land of Nainital / Bheem Tal / Rishikesh and other prominent places of UK, builders have already reached there. The rule on the subjective seems to be quite ineffective.

almoraboy



एम.एस. मेहता /M S Mehta 9910532720


I don't now whether there is any strict rule on this issue or not at present.

But there has to be ?

Anubhav / अनुभव उपाध्याय

As far as I know there is a 500 meter cap for people other than Uttarakhand domicile on land purchase.

एम.एस. मेहता /M S Mehta 9910532720


When i was coming back from my native place recently, the bhwali area is seems to be completely of outsiders.

There seems to be no land acquisition rules on the subject.

पंकज सिंह महर

नियम तो काफी सख्त बनाये गये हैं, लेकिन इनका इमप्लीमेंट नहीं हो पा रहा है। आप किसी भी हिल-स्टेशन को देखिये वहां पर जो आलीशान कोठियां हैं, वे सब बाहरी पूंजीपतियों की हैं। देहरादून और मसूरी में ही देखा जाय तो देश के बड़े-बडे़ पूंजीपतियों के यहां पर फार्म हाउस हैं। नियम और कानून तो मैं समझता हूं कि हाड़-तोड़ मेहनत कर १ बीघा या ७-८ बिसवा जमीन लेने वाले के लिये ही रह गये। क्योंकि इस एक्ट के लागू होने के बाद भी फेक्ट यही है कि आज भी बाहरी पूंजीपति ५०-६० बीघा जमीन खरीद रहा है। जब कि एक्ट में प्रावधान है कि २५० वर्ग मीटर से अधिक कृषि योग्य भूमि वही खरीद सकता है, जिसके पास उत्तराखण्ड में पहले से कृषि योग्य भूमि हो और वह मूल निवासी हो।

एम.एस. मेहता /M S Mehta 9910532720


Mahar ji,


Bilkul sahi kaha aap. There should be proper monitoring on this issue.  Outsiders are getting undue privilage of several things in UK but those paid a lot in order to get the state are still deprived with many facility in hill.


Quote from: Pankaj/पंकज सिंह महर on July 03, 2008, 03:46:50 PM
नियम तो काफी सख्त बनाये गये हैं, लेकिन इनका इमप्लीमेंट नहीं हो पा रहा है। आप किसी भी हिल-स्टेशन को देखिये वहां पर जो आलीशान कोठियां हैं, वे सब बाहरी पूंजीपतियों की हैं। देहरादून और मसूरी में ही देखा जाय तो देश के बड़े-बडे़ पूंजीपतियों के यहां पर फार्म हाउस हैं। नियम और कानून तो मैं समझता हूं कि हाड़-तोड़ मेहनत कर १ बीघा या ७-८ बिसवा जमीन लेने वाले के लिये ही रह गये। क्योंकि इस एक्ट के लागू होने के बाद भी फेक्ट यही है कि आज भी बाहरी पूंजीपति ५०-६० बीघा जमीन खरीद रहा है। जब कि एक्ट में प्रावधान है कि २५० वर्ग मीटर से अधिक कृषि योग्य भूमि वही खरीद सकता है, जिसके पास उत्तराखण्ड में पहले से कृषि योग्य भूमि हो और वह मूल निवासी हो।

एम.एस. मेहता /M S Mehta 9910532720



Once Uttarakhand Govt had implemented Land Acquisition rule in Uttarakhand but this seems to be quite in-effective.