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Jagar: Calling Of God - जागर: देवताओं का पवित्र आह्वान

Started by पंकज सिंह महर, June 05, 2008, 11:28:33 AM




हेम पन्त

गढवाल क्षेत्र में प्रचलित गोरील देवता का जागर.. "गोरील" गोलूदेवता या ग्वैलज्यू का ही एक अन्य प्रचलित नाम है.

औम पृथ्वीनाथ कोपाट,
गुरु को शबद, नौ सिंह वीर को पाट
चौबटा की धूल, कांवर की विद्या को पाट
गोरिया द्लेद्र हरंत करी,
दुखों कु अन्त करी
कुटुम परिवार पर छाया करी;
चारों द्शा में मेरा वैरी भसम करी

चम्पावत में थान तेरो जागरंतो है जयान
तैं चम्पावत राज मा होलो राजा झालूराय
राजा की होलि सात राणी-बौराणी
हे सात बौराणियों की कोख मूसो नी जनमे
हे सात बौराणियों की कोख नी फली
राजा झालूराय रैगे जलम को औतो,
दातून टूटीन वैकी, बाल फूली गैन राजा का....

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Jagar of Goril / Golu Devta or Gvail jyu

हेम पन्त

माता नन्दा का जागर..

इस जागर में माता नन्दादेवी अपने पति महादेव शिव से अनुरोध कर रही हैं कि वह उन्हें कुछ दिनों के लिये मायके जाने दें. माता नन्दा अपने माता-पिता को भलेबुरे शब्द कहती हैं जिन्होने उनका बिवाह ऐसे निर्जन क्षेत्र में एक भांग पीने वाले जोगी के साथ कराया और अन्य बहनों को अच्छे घरों में दिया.

शिव को किसी तरह मनाकर माता पार्वती मायके जाकर आती हैं तो शिव उनसे पूछते हैं कि तू इतनी जल्दी कैसे आ गई? तूने क्या खाया मायके में? नन्दा कहती है - स्वामी आपके बिना मुझे अच्छा नहीं लगा, मैने मायके में दूध भात खाया. शिव जी मजाक करते है- अरे रहने दे मुझे पता है तुझे वहां खाने में कण्डाली की सब्जी मिली होगी. यह सुनकर नन्दा मायके में खाया हुआ सब दूध-भात उगल देती है और पूरे हिमालय की चोटियां सफेद हो जाती है, बर्फ से ढके हुई.

चार दिन स्वामी, मीं मैत जयौन्दौंऊ
रात दिन गोर त्वीकु, कनो मैत होये?
व्यालि सांझ बोदि मी मैत जयौदो
आज राति बोदि स्वामि मैं मैत जयौंदो
सांझ को सबेर नंदा त्यारो कनो मैत होये?

भाई भतिजा की स्वामि खुद लगिं रैंण
बुड़्या ब्वै बाबू की भि खुद लगीं रैण...


यह एक लम्बा जागर है और उपरोक्त पंक्तियां जागर की प्रारम्भिक पंक्तियां हैं. इस जागर में माँ नन्दा को एक सामान्य महिला की तरह मायके जाने इच्छा जाहिर कर रही हैं. 

इस जागर का प्रयोग नरेन्द्र नेगी जी ने अपनी "नन्दा देवी राजजात" कैसेत में भी किया है


Anubhav / अनुभव उपाध्याय

हमारे फोरम के सदस्य श्री पी एस नेगी जी अपने गाँव से यह जागर की तस्वीरें लाएं हैं जो आप लोगों के अवलोकन के लिए प्रस्तुत हैं:




पंकज सिंह महर

टिहरी को डूबने से बचाने के लिये लगाई गई जागर-

tehri duban lagi jagar.wmv