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Stone Pelting: Devidhura Fair - देवीधूरा की बग्वाल: आधुनिक युग में पाषाण युद्ध

Started by हेम पन्त, August 13, 2008, 11:58:56 AM

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Devbhoomi,Uttarakhand

देवीधुरा के बग्वाल मेले की तैयारी को लेकर प्रशासनिक मशीनरी ने कसी
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मां बाराही धाम देवीधुरा में 9 अगस्त से शुरू होने वाले मेले की तैयारी को लेकर प्रशासनिक मशीनरी ने भी कमर कसनी शुरू कर दी हैं। मंदिर कमेटी व जिले के आला अधिकारियों की मौजूदगी में 12 जुलाई को देवीधुरा मंदिर परिसर में बैठक प्रात: 11 बजे से बैठक का आयोजन किया जायेगा। इस वर्ष मेले का मुख्य आकर्षण पत्थर युद्ध 13 अगस्त के दिन खेला जायेगा।

पाटी के उपजिलाधिकारी बीएल फिरमाल ने बताया कि इस महत्व पूर्ण बैठक में जिलाधिकारी डा. पंकज कुमार पांडेय सहित विभिन्न विभागों के अधिकारी मौजूद रहेंगे। इधर, मंदिर कमेटी द्वारा अंतरराष्ट्रीय महत्व के इस एतिहासिक की तैयारियां युद्ध स्तर पर शुरू कर दी हैं।

एक माह बाद होने वाले मेले की तैयारी बैठक में चार- खाम सात थोकों सहित क्षेत्र के विभिन्न संगठनों के लोग भी मौजूद रहेंगे। मंदिर कमेटी व विभिन्न संगठनों के लोगों ने लोहाघाट-देवीधुरा सड़क की बदहाली पर गहरी चिंता जताई हैं।

उपजिलाधिकारी का कहना हैं कि सड़क को मेला अवधि तक चुस्त दुरूस्त करने के लिए कार्यदायी संस्था को आवश्यक दिशा निर्देश जारी कर दिये हैं। मेले की तैयारी बैठक दौरान देश विदेश से पहुंचने वाले श्रद्धालुओं व यात्रियों को बेहतर सुविधा देने के लिए गहन विचार-विमर्श किया जायेगा।


source dainik jagran

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पाषाण युद्ध की तैयारी में जुटा प्रशासन
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परमाणु युग में पाषाण युद्ध के लिए प्रसिद्ध मां बाराहीधाम देवीधुरा का ऐतिहासिक बग्वाल मेला 9 अगस्त से शुरू होगा। मेले की व्यवस्थाओं को लेकर प्रशासन के साथ हुई चार खामों व सात थोकों के पदाधिकारियों की बैठक में कई महत्वपूर्ण निर्णय लिए गये। मेले का मुख्य आकर्षण रक्षाबन्धन के दिन खेली जाने वाला पत्थर युद्ध बग्वाल को देखने के लिए देश-विदेश से लाखों की संख्या में श्रद्धालुओं व मेलार्थियों के पहुंचने की सम्भावना है।

एसडीएम बीएल फिरमाल की अध्यक्षता तथा आचार्य कीर्ति बल्लभ शास्त्री के संचालन में हुई बैठक में वक्ताओं का कहना था कि देवीधुरा मेला व पत्थर युद्ध बग्वाल को देखने के लिए प्रतिवर्ष देश विदेश से पहुंचने वाले लोगों की संख्या बढ़ती जा रही है। एसडीएम ने मेले के स्वरूप को और अधिक आकर्षक बनाये जाने का सुझाव दिया। उन्होंने ठेकेदार को 5 अगस्त तक विद्युत व्यवस्था चाक-चौबन्द करने के निर्देश दिये।

निर्णय लिया गया कि मेले से पूर्व तक सड़क मार्गो के अलावा पेयजल, मेला क्षेत्र के बाहर अस्थाई शौचालय व मूत्रालयों का निर्माण किया जायेगा ताकि बाहर से आने वाले किसी भी श्रद्धालु को कोई परेशानी न हो। मेले के दौरान बहुद्देश्यीय शिविर आयोजित कर विकलांग, विधवा पेंशन की सुविधा मौके पर दिये जाने तथा क्षेत्र के सभी विद्यालय भवनों का उपयोग आवासीय प्रयोजन में किये जाने का निर्णय लिया गया।

बैठक में मौजूद एआरटीओ नन्द किशोर ने यातायात व्यवस्था सुगम कराने का आश्वासन दिया। इस अवसर पर जिला पंचायत के एएमए राजेश कुमार, सीओ धनीराम, जिला समाज कल्याण अधिकारी बीएल आर्य, बीडीओ जीएस माहला, मन्दिर कमेटी के अध्यक्ष लाल सिंह चम्याल, दलीप चम्याल, दीवान बिष्ट समेत दर्जनों लोग मौजूद थे।

http://in.jagran.yahoo.com/news/local/uttranchal/4_5_8017370.html

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बग्वाल मेले की तैयारियों को लेकर सजग अधिकारी
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लोहाघाट: 13 अगस्त को बाराहीधाम देवीधुरा में होने वाले बग्वाल मेले की तैयारियों को अन्तिम रूप दे दिया गया है। चिकित्सा एवं स्वास्थ्य विभाग द्वारा मेले को सफल बनाने के लिए विशेष तैयारियां की गयी है। जनता को परेशानियों से बचाने के लिए चिकित्सा वाहन तथा 108 वाहन को मेले के दौरान तैनात रखा जायेगा।

सीएमओ डा. एचएस पागती ने बताया कि मेला शुरू होने से समापन तक 108 एंबुलेन्स तैनात की जाएगी। पाटी के चिकित्सक डा. निषिकात मेला समाप्त होने तक तैनात रहेंगे। डिप्टी सीएमओ डा. आरके जोशी को चिकित्सा व्यवस्था का प्रभारी बनाया गया है। 11 अगस्त को मा बाराही धाम देवीधुरा में विकलाग शिविर का आयोजन किया जायेगा।

विकलांगों को अपनी दो फोटो व विकलांग अंग की दो फोटो लानी होगी। मुख्य मेले के दिन के लिए डा. राशि भटनागर, डा. फरीदुज्जफर, डा. प्रदीप बिष्ट, डा. केआर सौन के अलावा दो फार्मेसिस्ट, वार्ड ब्वाय व एएनएम आदि को तैनात किया जायेगा।

मेले में लोगों को शुद्ध व स्वच्छ भोजन की उचित व्यवस्था के लिए पूरे मेले के दौरान खाद्य निरीक्षक की तैनाती की जायेगी। मेले के दौरान पत्थर युद्ध से चोटिल लोगों के तत्काल उपचार के लिए स्वास्थ्य विभाग ने देवीधुरा के राजकीय चिकित्सालय में पर्याप्त दवाओं की व्यवस्था की पुष्टि की है।


http://in.jagran.yahoo.com/

Anil Arya / अनिल आर्य

पत्थर युद्ध आज
देवीधुरा। मां बाराही धाम देवीधुरा मेेले में बग्वाल (पत्थर युद्ध) शनिवार को होगा। मंदिर कमेटी के मुताबिक खोलीखांड मैदान में अपराह्न एक बजे बाद बग्वाल शुरू होगा।
http://epaper.amarujala.com/svww_index.php
ye raksha bandhan ke din (joon punyu) hi hota hai.

Devbhoomi,Uttarakhand

पाषाण युद्ध..उत्तराखंड के देवीधुरा (चंपावत) में शनिवार, 13 अगस्त को ऐतिहासिक बग्वाल (पाषाण युद्ध) खेला गया। हर साल होने वाले इस आयोजन को देखने के लिए लाखों लोग जमा होते हैं।


Anil Arya / अनिल आर्य



बग्वाल में 50 दर्शक, 100 योद्धा घाय
मां बाराही धाम में नौ मिनट चले पत्थर युद्ध के पौने दो लाख लोग बने गवाह
शंखनाद के साथ अपराह्न 2.31 बजे शुरू हुआ युद्ध
देवीधुरा (चंपावत)। दो तरफ बांस की खपच्चियों से बनी ढाल लेकर खड़े रणबांकुरों में अचानक हलचल हुई। पहले एक पत्थर सनसनाता हुआ आया और फिर दूसरा, फिर तो पत्थरों की बरसात। कई योद्धा पत्थर लगने से लहूलुहान हो गए। यह था मां बाराही धाम के ऐतिहासिक खोलीखांड दूबाचौड़ मैदान में बग्वाल (पत्थर युद्ध) का नजारा, जिसे करीब पौने दो लाख लोगों ने दम साध कर देखा। यह युद्ध करीब नौ मिनट तक चला जिसमें 150 लोग घायल हो गए। इनमें योद्धाओं के साथ ही करीब 50 दर्शक भी शामिल हैं।
मां बाराही धाम के ऐतिहासिक खोलीखांड दूबाचौड़ मैदान में सुहावने मौसम के बीच पीठाचार्य कीर्तिशास्त्री द्वारा किए गए शंखनाद के साथ अपरान्ह 2.31 बजे से पत्थर युद्ध शुरू हुआ। चमियाल और गहड़वाल खाम की ओर से सनसनाता हुआ पत्थर लमगडिया खाम की ओर आया और फिर दोनों तरफ से पत्थरों की बरसात होने लगी। नौ मिनट बाद मंदिर के पुजारी धर्मानंद पीत वस्त्र धारण कर चंवर झुलाते हुए रणक्षेत्र में आए। उनके इस संकेत पर बुजुर्गों ने बग्वाल बंद कर दी। लेकिन दोनों ओर के युवाओं ने उसके बाद भी लगभग तीन मिनट तक बग्वाल जारी रखी। दक्षिण दिशा की ओर लमगड़िया एवं वालिक खाम ने तथा उत्तरी छोर में चमियाल एवं गहड़वाल खामों ने मोर्चा संभाला था। बग्वाल समाप्त होने के बाद दोनों पक्षों के लोग एक दूसरे के गले मिले, उनकी कुशल क्षेम पूछी तथा सकुशल वापसी के लिए मां के दरबार में शीश नवाया। epaper.amarujala