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"मौजूदा दौर मैं हिमालय बचाने और हिमालय बसाने की चुनौती" विषय पर व्याख्यानमाला

Started by sanjupahari, August 23, 2008, 04:17:44 AM

हेम पन्त

विख्यात चित्रकार व संस्कृतिकर्मी पद्म्श्री यशोधर मठपाल ने पहाङ में बाहर के लोगों की बेतहाशा बढती जा रही संख्या और उनके द्वारा सामाजिक ढाचे को हो रहे नुकसान पर चिन्ता व्यक्त की. 


हेम पन्त

दोनों दिन के कार्यक्रम में अपने भाषणों के दौरान वक्ताओं ने वर्तमान राजनैतिक परिदृश्य में उत्तराखण्ड क्रान्ति दल के निराशाजनक प्रदर्शन पर स्पष्ट शब्दों में नाराजगी जाहिर की. जिस पर यू.के.डी. के संस्थापक सदस्य व उत्तराखण्ड आन्दोलन के प्रमुख नेता श्री काशी सिंह ऐरी ने अपना स्पष्टीकरण रखने का प्रयास किया.

उन्होने पार्टी में संगठन की कमी को कबूल किया. दल सरकार में होते हुए भी अपनी मांगे नहीं मनवा पा रहा है इसका कारण उन्होने लोकतन्त्र में राजनीतिक मजबूरी और सदन में अपने दल के विधायकों की संख्या पर्याप्त न होने के कारण सरकार पर दवाब न बना पाना बताया.


हेम पन्त

हिमालय के पर्यावरण को हो रहे भारी नुकसान पर नैनीताल से आये डा. अजय रावत जी ने एक स्लाइड शो के माध्यम से बहुत महत्वपूर्ण जानकारियां दीं. उनके शो में वनों के कटान, औषधीय वनस्पतियों व अवैध शिकार पर कुछ दुर्लभ चित्र दर्शाये गये जो उन्होंने हिमालय की अपनी यात्राओं के दौरान एकत्र किये हैं. यहां भी एक स्लाइड में भालू की पित्त का चित्र दिख रहा है.



हेम पन्त

"म्यर पहाङ" के वरिष्ट सदस्य श्री दयाल त्रिपाठी ने ग्रुप के कार्यकलापों की रूपरेखा उपस्थित लोगों के सामने रखी और धन्यवाद ज्ञापन दिया.


हेम पन्त

पंकज दा !! मैने समयाभाव के कारण वक्ताओं के विचार संक्षेप में लिखने की कोशिश की है. एक रिपोर्ट के रूप में पूरी खबर समय मिलने पर ही लिख पाउंगा.

Quote from: Pankaj/पंकज सिंह महर on September 02, 2008, 11:51:32 AM
हेम दा,
      व्याख्यानमाला तथा समारोह का संक्षिप्त विवरण भी अपेक्षित है।


हेम पन्त

स्व. विपिन त्रिपाठी जी के पुत्र व द्वाराहाट के विधायक श्री पुष्पेश त्रिपाठी जी "मौजूदा दौर मैं हिमालय बचाने और हिमालय बसाने की चुनौती" विषय पर अपने विचार रखते हुए


हेम पन्त